
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक आयोजन की साक्षी बनने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार शाम 5 बजे भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026’ का उद्घाटन करेंगे। यह एक्सपो 20 फरवरी तक चलेगा, जिसमें एआई तकनीक के व्यावहारिक उपयोग और उसके सामाजिक प्रभावों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया जाएगा।
यह आयोजन इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के साथ आयोजित किया जा रहा है, जिसे नवाचार, नीति निर्माण और तकनीकी विकास के संगम के रूप में देखा जा रहा है। इसका उद्देश्य एआई को केवल तकनीकी विषय तक सीमित न रखकर, इसे आम नागरिकों की जरूरतों से जोड़ना है।
70 हजार वर्ग मीटर में फैला एक्सपो, 10 एरेना में होगा आयोजन
इंडिया AI इम्पैक्ट एक्सपो 2026 का आयोजन 70,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में किया जा रहा है, जिसे 10 अलग-अलग एरेना में विभाजित किया गया है। इस विशाल आयोजन में दुनिया भर की अग्रणी तकनीकी कंपनियां, स्टार्टअप्स, शिक्षाविद, केंद्रीय मंत्रालय, राज्य सरकारें और अंतरराष्ट्रीय भागीदार एक मंच पर जुटेंगे।
13 देशों के पवेलियन होंगे आकर्षण का केंद्र
इस एक्सपो में कुल 13 देशों के पवेलियन बनाए गए हैं, जो वैश्विक तकनीकी सहयोग की दिशा में एक मजबूत संकेत माना जा रहा है। इनमें शामिल हैं—
ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स, स्विट्जरलैंड, सर्बिया, एस्टोनिया, ताजिकिस्तान और अफ्रीका।
इन पवेलियनों के माध्यम से विभिन्न देशों की एआई नीति, नवाचार और तकनीकी विकास को भारतीय मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा।
300 से अधिक प्रदर्शनी, 600 से ज्यादा स्टार्टअप करेंगे भागीदारी
एक्सपो में 300 से अधिक प्रदर्शनी मंडप और लाइव डेमो आयोजित किए जाएंगे। ये प्रदर्शन मुख्य रूप से तीन बड़े विषयों पर आधारित होंगे—
लोग (People), ग्रह (Planet) और प्रगति (Progress)।
इसके साथ ही इस आयोजन में 600 से अधिक स्टार्टअप्स भी हिस्सा ले रहे हैं, जो एआई आधारित ऐसे समाधान प्रस्तुत करेंगे, जिनका उपयोग स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, प्रशासन, सुरक्षा और व्यापार जैसे क्षेत्रों में किया जा रहा है।
500 से अधिक सत्र, 3250 विशेषज्ञों का पैनल
इस एक्सपो में 500 से अधिक सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें 3250 से अधिक विशेषज्ञ और पैनल सदस्य हिस्सा लेंगे। इन सत्रों में एआई के भविष्य, नीति, डेटा सुरक्षा, रोजगार, नवाचार और सामाजिक बदलाव पर व्यापक चर्चा होगी।
आयोजकों के अनुसार इस कार्यक्रम में 25 लाख से अधिक आगंतुकों के शामिल होने की संभावना है। उद्देश्य है कि वैश्विक एआई पारिस्थितिकी तंत्र में नई साझेदारियां बने, निवेश बढ़े और भारत को एआई के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।
फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों पत्नी संग होंगे शामिल
इस आयोजन की वैश्विक महत्ता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपनी पत्नी ब्रिगिट मैक्रों के साथ भारत आ रहे हैं। वे सोमवार देर रात दिल्ली पहुंचेंगे और 19 फरवरी को AI इम्पैक्ट समिट में भाग लेंगे।
2047 के विकसित भारत लक्ष्य में AI बनेगा अहम आधार
विशेषज्ञों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भारत की विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यह शासन व्यवस्था को मजबूत करने, सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और समावेशी विकास को गति देने में सहायक सिद्ध होगा।
भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता इसे बहुभाषी और बहु-मॉडल AI सिस्टम विकसित करने के लिए एक अनूठा मंच प्रदान करती है। ऐसे में यह आयोजन भारत को वैश्विक एआई मानचित्र पर और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
