Tuesday, May 26

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10वीं बोर्ड अंग्रेजी: आसान होगा पेपर, एक्सपर्ट्स की ये 8 बातें आएंगी काम
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10वीं बोर्ड अंग्रेजी: आसान होगा पेपर, एक्सपर्ट्स की ये 8 बातें आएंगी काम

बोर्ड परीक्षाओं का सीजन शुरू हो चुका है। महाराष्ट्र स्टेट बोर्ड की 10वीं क्लास की अंग्रेजी परीक्षा 27 फरवरी 2026 को होने वाली है। हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों के लिए हिंदी का पेपर आसान रहता है, लेकिन अंग्रेजी सुनते ही कई छात्रों का आत्मविश्वास डगमगा जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार अंग्रेजी का डर विषय का नहीं, बल्कि मानसिक धारणा का होता है। इसे सामान्य भाषा की तरह समझने पर अच्छे अंक आसानी से हासिल किए जा सकते हैं। 1. पेपर का पैटर्न समझें10वीं अंग्रेजी परीक्षा कुल 100 अंकों की होती है – 80 अंक लिखित और 20 अंक आंतरिक मूल्यांकन के। प्रश्नपत्र निश्चित ढांचे में तैयार होता है। पैटर्न समझने और समय प्रबंधन पर ध्यान देने से आधी चिंता खत्म हो जाती है। 2. साफ-सुथरे सेक्शन और स्पष्ट तैयारीप्रश्नपत्र लैंग्वेज स्टडी, टेक्स्चुअल पैसेज, पोएट्री, नॉन-टेक्स्चुअल पैसेज, राइटिंग स्किल्स और स्किल डेवलपमेंट से...
JEE Main Success Story: मजदूरी करते-करते पूरा किया इंजीनियरिंग का सपना, जानिए आज कहां हैं रोहिणी
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JEE Main Success Story: मजदूरी करते-करते पूरा किया इंजीनियरिंग का सपना, जानिए आज कहां हैं रोहिणी

तमिलनाडु के गरीब आदिवासी परिवार से आने वाली रोहिणी ने दिन में खेतों में मजदूरी और रात में पढ़ाई करके इंजीनियर बनने का सपना सच किया। पहले ही अटेंप्ट में JEE मेन्स क्रैक करने वाली रोहिणी आज अपने राज्य की पहली आदिवासी लड़की हैं, जिन्होंने इस कठिन परीक्षा में 73.8% अंक हासिल किए। गरीबी के बावजूद बड़े सपनेपंचामलाई की पहाड़ियों में छोटे से घर में रहने वाली रोहिणी ने गरीबी के बावजूद अपने सपनों को बड़े रखा। उनके माता-पिता दिनभर खेतों में मजदूरी करते हैं और परिवार का गुजारा मुश्किल से चलता है। रोहिणी भी कई बार खेतों में काम करती थीं, लेकिन पढ़ाई को कभी नहीं छोड़ा। मजदूरी के साथ की पढ़ाईचिन्ना इसुपुर के सरकारी स्कूल से पढ़ाई पूरी करने वाली रोहिणी ने रात-दिन मेहनत कर JEE की तैयारी की। उन्हें एहसास था कि गरीबी से निकलने का सबसे बड़ा रास्ता पढ़ाई ही है। पहले अटेंप्ट में देश की सबसे कठिन परीक्षा क्रै...
कनाडा में पहली नौकरी कैसे पाएँ? जानें ये 5 जरूरी टिप्स
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कनाडा में पहली नौकरी कैसे पाएँ? जानें ये 5 जरूरी टिप्स

कनाडा में पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स को नौकरी करने के लिए पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) दिया जाता है। इसके बावजूद नए स्टूडेंट्स को पहली नौकरी पाना चुनौतीपूर्ण लग सकता है। यदि आप भी कनाडा में नौकरी ढूंढ रहे हैं, तो ये 5 टिप्स आपकी मदद कर सकती हैं। 1. एक खास जॉब को टारगेट करेंस्टूडेंट्स अक्सर किसी भी जॉब के लिए तैयार रहते हैं, लेकिन यह तरीका सही नहीं है। PGWP मिलने के साथ ही तय कर लें कि आप कौन सी नौकरी करना चाहते हैं। फिर उसी हिसाब से तैयारी और अप्लाई करें। 2. सैलरी की एक लिमिट तय करेंरिक्रूटर या कंपनियों को पहले ही बताना चाहिए कि आपकी अपेक्षित सैलरी कितनी है। इससे आपकी विश्वसनीयता बढ़ती है और कंपनियां आपके अनुसार ही अवसर दिखाती हैं। 3. अपनी जॉब पिच को बेहतर बनाएंइंटरव्यू में यह जवाब देना जरूरी है कि आप क्या करना चाहते हैं और आपके पास कौन-कौन से स्किल्स हैं। इसके लिए पहले से प्रैक्टिस क...
अमेरिका के लिए कितना SAT स्कोर चाहिए? जानिए कितने नंबर पर मिलती है US यूनिवर्सिटीज में एडमिशन
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अमेरिका के लिए कितना SAT स्कोर चाहिए? जानिए कितने नंबर पर मिलती है US यूनिवर्सिटीज में एडमिशन

अमेरिकी यूनिवर्सिटीज में बैचलर्स या अंडरग्रेजुएट कोर्सेज में एडमिशन के लिए SAT एग्जाम देना जरूरी है। कॉलेज बोर्ड ने SAT 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है। यह परीक्षा मार्च से जून के बीच तीन बार करवाई जाएगी। 14 मार्च 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 27 फरवरी 2 मई 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 17 अप्रैल 6 जून 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 22 मई SAT स्कोर तय करता है कि स्टूडेंट को किस स्तर की यूनिवर्सिटी में एडमिशन मिल सकता है। टोटल SAT स्कोर 400 से 1,600 प्वाइंट्स के बीच होता है। इसमें मैथ्स और एविडेंस बेस्ड रीडिंग एंड राइटिंग (ERW) दोनों सेक्शन शामिल हैं, प्रत्येक 200 से 800 प्वाइंट्स के बीच। कॉलेज बोर्ड के अनुसार: 1350+ स्कोर → टॉप-10% छात्रों में शामिल 1050 तक स्कोर → औसत स्तर यूनिवर्सिटी के हिसाब से SAT स्कोर की जरूरत: ...
अमेरिका में नौकरी ढूंढने का नया तरीका: डेटिंग ऐप्स पर मांग रहे रेफरेंस, बदल रहा है जॉब हंटिंग का तरीका
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अमेरिका में नौकरी ढूंढने का नया तरीका: डेटिंग ऐप्स पर मांग रहे रेफरेंस, बदल रहा है जॉब हंटिंग का तरीका

अमेरिका का जॉब मार्केट इन दिनों काफी उथल-पुथल से गुजर रहा है। अच्छी क्वालिफिकेशन वाले वर्कर्स को भी नौकरी पाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस वजह से लोगों ने नौकरी ढूंढने के नए-नए तरीके अपनाए हैं, जिनमें एक तरीका काफी चर्चा में है – डेटिंग ऐप्स के जरिए जॉब सर्च। पारंपरिक प्लेटफॉर्म जैसे लिंक्डइन और इंडीड पर अप्लाई करने के बजाय अब कई लोग ग्राइंडर, हिंज जैसे डेटिंग ऐप्स का इस्तेमाल कर काम ढूंढ रहे हैं। डेवन बार्कर भी ऐसे ही वर्कर्स में से एक हैं। उन्होंने बिजनेस इनसाइडर को बताया कि एक एक्सीडेंट के कारण उनकी हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की नौकरी चली गई थी। नए अवसर तलाशते हुए उन्हें इन डेटिंग ऐप्स पर सफलता मिली। उन्होंने कहा, “इन ऐप्स पर नौकरी ढूंढने में कोई शर्मिंदगी नहीं है और यहां सफलता की संभावना भी है।” डेटिंग ऐप्स को नौकरी खोजने के लिए इस्तेमाल करने वाले केवल डेवन ही नहीं हैं। ग्लास...
विदेश में नौकरी के लिए “खतरनाक” बना यूरोप का क्रोएशिया, भारतीय वर्कर्स बोले – ‘गुलामों जैसा व्यवहार, मारपीट भी बढ़ी’
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विदेश में नौकरी के लिए “खतरनाक” बना यूरोप का क्रोएशिया, भारतीय वर्कर्स बोले – ‘गुलामों जैसा व्यवहार, मारपीट भी बढ़ी’

यूरोप में नौकरी करने के लिए जाने वाले भारतीय वर्कर्स की संख्या पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ रही है। अच्छे वेतन, वर्क-लाइफ बैलेंस और स्वच्छ वातावरण के कारण हजारों भारतीय हर साल यूरोप के विभिन्न देशों में काम करने जाते हैं। लेकिन हर जगह हालात समान नहीं हैं। क्रोएशिया ऐसे ही देशों में शामिल है, जहां भारतीय वर्कर्स को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, चंडीगढ़ निवासी 27 वर्षीय एक भारतीय वर्कर ने बताया कि पिछले साल उसे दो बार स्थानीय लड़कों के ग्रुप ने हमला किया। किसी ने उस पर थूक दिया, तो किसी ने उसे अपने देश लौट जाने की धमकी दी। इस दौरान उसके डिलीवरी बैग को भी चुराने की कोशिश की गई। क्रोएशिया में वर्कर्स की कमीक्रोएशिया में लंबे समय से कामगारों की कमी है, विशेषकर टूरिज्म सेक्टर में। वर्ल्ड बैंक के अनुसार, यह यूरोपियन यूनियन के उन पांच देशों में शामिल है ज...
पीएम मोदी ने पहना स्वदेशी AI ग्लास ‘Sarvam Kaze’, भारतीय कंपनी एआई में दौड़ में आगे
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पीएम मोदी ने पहना स्वदेशी AI ग्लास ‘Sarvam Kaze’, भारतीय कंपनी एआई में दौड़ में आगे

India AI Impact Summit 2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वदेशी एआई वियरेबल Sarvam Kaze पहना। यह एआई ग्लास भारत के स्टार्टअप Sarvam AI ने डिजाइन और बनाया है। समिट में जियो ने भी अपने AI ग्लासेस पेश किए थे, लेकिन प्रधानमंत्री द्वारा स्वदेशी एआई ग्लास का इस्तेमाल करना देश के एआई स्टार्टअप्स के लिए विशेष अहमियत रखता है। रियल-टाइम रिस्पॉन्स का टेस्ट सर्वम AI के को-फाउंडर प्रत्यूष कुमार द्वारा साझा की गई फोटोज में प्रधानमंत्री एग्जीबिशन फ्लोर पर इस डिवाइस के रियल-टाइम रिस्पॉन्स को टेस्ट करते दिखाई दिए। Sarvam Kaze यूजर को देखने वाली चीज़ों के बारे में सुनने और बातचीत करने की सुविधा देता है। इसके जरिए वीडियो या फोटो कैप्चर करना भी संभव है। चैट फीचर और कस्टम एक्सपीरियंस कंपनी इस हफ्ते चैट फीचर लॉन्च करने की योजना बना रही है। Sarvam Kaze को आवाज और विज़ुअल इंटरैक्शन के जरिए असल दुनिय...
पेन ड्राइव निकालते समय सावधान, सीधे खींचना बना सकता है महंगा नुकसान
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पेन ड्राइव निकालते समय सावधान, सीधे खींचना बना सकता है महंगा नुकसान

कई लोगों की आदत होती है कि काम खत्म होते ही पेन ड्राइव को कंप्यूटर या फोन से सीधे खींच कर निकाल देते हैं। हालांकि, यह छोटी सी लापरवाही आपके डेटा, पेन ड्राइव और डिवाइस दोनों के लिए भारी पड़ सकती है। डेटा और ड्राइव पर खतरा पेन ड्राइव जब सिस्टम से कनेक्ट होती है, तो वह सिस्टम का हिस्सा बनकर काम कर रही होती है। इस दौरान अगर उसे बिना इजेक्ट (Eject) किए खींच लिया जाए, तो राइटिंग प्रोसेस बीच में रुक सकता है। इससे पेन ड्राइव का डेटा करप्ट हो सकता है और ड्राइव डेड भी हो सकती है। सिस्टम फॉर्मेट और नुकसान अचानक पेन ड्राइव निकालने से FAT32 या NTFS जैसे सिस्टम डैमेज का खतरा रहता है। कभी-कभी इसके कारण ड्राइव को फॉर्मेट करना पड़ सकता है और आपका कीमती डेटा भी खो सकता है। साथ ही, कंप्यूटर या फोन का ऑपरेटिंग सिस्टम भी प्रभावित हो सकता है। हार्डवेयर और पोर्ट को भी खतरा पेन ड्राइव को झटके से निकालना सिर...
Jio ने पेश किया कैमरा वाला एआई चश्मा JioFrames, वीडियो रिकॉर्डिंग और ट्रांसलेशन सहित कई काम करेगा आसान
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Jio ने पेश किया कैमरा वाला एआई चश्मा JioFrames, वीडियो रिकॉर्डिंग और ट्रांसलेशन सहित कई काम करेगा आसान

India AI Impact Summit 2026 में Jio ने अपने पवेलियन में JioFrames पेश किए। यह एआई पावर्ड स्मार्ट चश्मा वीडियो रिकॉर्डिंग, ट्रांसलेशन और अन्य कई कार्यों में मदद करेगा। कंपनी के अनुसार, JioFrames का मुकाबला Ray-Ban Meta ग्लासेस से किया जाएगा, लेकिन इसे आधी कीमत में लॉन्च किया जाएगा। JioFrames की खासियतें फ्रैम में दो कैमरा, स्पीकर और माइक्रोफोन लगे हैं। ब्लैक कलर में उपलब्ध, वजन में हल्का और पहनने में आरामदायक। वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ-साथ कई भारतीय भाषाओं में ट्रांसलेशन की सुविधा। आवाज कम या ज्यादा करने के लिए टच बटन। “Hey Jio” कहकर एआई से बातचीत संभव, उदाहरण के लिए रेसिपी जानना या जानकारी लेना। नजर वाला चश्मा पहनने वालों के लिए फ्रेम जोड़ने की सुविधा। भारत में जल्द लॉन्च JioFrames को जल्द ही भारत में लॉन्च करने की तैयारी है। यह चश्मा उपयोगकर्ताओं क...
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की बड़ी पहल: AI काटेगा चालान, जल्द लागू होगा नया सिस्टम
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दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की बड़ी पहल: AI काटेगा चालान, जल्द लागू होगा नया सिस्टम

दिल्ली में जल्द ही ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए AI-आधारित इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लागू होने वाला है। इस स्मार्ट सिस्टम के आने से ट्रैफिक पुलिस का मैन्युअल काम कम होगा और नियमों का पालन कराने में तेजी आएगी। AI से स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम नई पहल में स्मार्ट अडैप्टिव ट्रैफिक सिग्नल, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे और ऑटोमेटेड चालान शामिल होंगे। AI की मदद से ट्रैफिक फ्लो को रियल-टाइम में मॉनिटर और रेगुलेट किया जाएगा। इससे नियम तोड़ने वाले वाहन तुरंत पकड़ में आएंगे और चालान स्वतः कटेंगे। उद्देश्य और फायदे अधिकारियों के अनुसार, ITMS का मकसद भविष्य के लिए तैयार, टेक्नोलॉजी से संचालित और स्केलेबल ट्रैफिक इकोसिस्टम बनाना है। इस सिस्टम से दिल्ली में रोजमर्रा के ट्रैफिक संचालन में सुधार होगा। लोगों को रियल-टाइम ट्रैफिक रिपोर्ट मिलेगी, जिससे यात्रा की यो...