Saturday, June 20

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अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता का दूसरा दौर: शांति की उम्मीदें बढ़ीं, अहम मुद्दों पर बनी सहमति
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अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता का दूसरा दौर: शांति की उम्मीदें बढ़ीं, अहम मुद्दों पर बनी सहमति

जिनेवा, 18 फरवरी 2026: अमेरिका और ईरान के बीच मंगलवार को जिनेवा में दूसरे दौर की परमाणु वार्ता हुई, जिसने क्षेत्रीय शांति की उम्मीदें जगाई हैं। इस बैठक में ईरान और अमेरिका के बीच सीधे संवाद की बजाय ओमान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा था। तीन घंटे की बातचीत, सकारात्मक माहौल ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बताया कि यह बैठक करीब तीन घंटे चली और पहले दौर की तुलना में अधिक सकारात्मक और रचनात्मक रही। अराघची ने कहा कि बातचीत का फोकस केवल ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर था और अन्य मुद्दों पर चर्चा नहीं हुई। अराघची ने ईरानी टेलीविजन को बताया, “जरूरी मुद्दों यानी 'गाइडिंग प्रिंसिपल्स' पर आम सहमति बन गई है। इन सिद्धांतों के आधार पर अब हम मसौदा तैयार करेंगे। इससे आगे बढ़ने का एक स्पष्ट और सकारात्मक रास्ता मिल गया है।” आगे की प्रक्रिया अराघची ने यह भी कहा कि यह प्रक्रिया एकदम से पूरी नहीं होगी, लेकि...
ऑपरेशन सिंदूर: भारत ने पाकिस्तान को घुटने टेकने पर किया मजबूर, खुली ‘किराना हिल्स’ स्ट्राइक की गुप्त फाइल
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ऑपरेशन सिंदूर: भारत ने पाकिस्तान को घुटने टेकने पर किया मजबूर, खुली ‘किराना हिल्स’ स्ट्राइक की गुप्त फाइल

इस्लामाबाद, 17 फरवरी 2026: भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के किराना हिल्स पर रणनीतिक हमला कर अपनी ताकत का संदेश दिया। यह वही घटना है जिसने पाकिस्तान को संघर्ष विराम की गुहार लगाने पर मजबूर कर दिया। इस खुलासे का ज़िम्मेदार माना जा रहा है जाने-माने एरियल वॉरफेयर एनालिस्ट और इतिहासकार टॉम कूपर ने। कूपर के अनुसार, भारतीय वायुसेना ने किराना हिल्स के नीचे स्थित पाकिस्तान की गुप्त न्यूक्लियर फैसिलिटी को निशाना बनाया। यह वही स्थान है, जहाँ पाकिस्तान के कथित तौर पर कई परमाणु हथियार सुरक्षित रखे गए हैं। पाकिस्तान के अपने वीडियो में दिखे सबूत कूपर ने बताया कि पाकिस्तानियों ने कम से कम दो वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए हैं, जिनमें मिसाइलों को लक्ष्य की ओर जाते और किराना हिल्स की पहाड़ी से टकराते हुए देखा जा सकता है। इसके अलावा, एक वीडियो में रडार स्टेशन से धुआं उठता दिखा, जिसे उन्होंने पाकि...
भारत ने सिंधु जल संधि पर रखा रोक, पाकिस्तान ने यूएन में उठाई नापाक चाल
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भारत ने सिंधु जल संधि पर रखा रोक, पाकिस्तान ने यूएन में उठाई नापाक चाल

इस्लामाबाद/नई दिल्ली: भारत द्वारा सिंधु जल समझौते पर रोक लगाने के फैसले के बाद पाकिस्तान ने तिलमिलाहट दिखाते हुए इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में लेकर जाने की कोशिश की है। भारत ने अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद संधि पर अस्थायी रोक लगा दी थी। यह फैसला इतना संवेदनशील था कि तीन युद्धों के बाद भी भारत ने कभी इसे स्थगित नहीं किया था। पाकिस्तान की नापाक चाल31 दिसंबर को पाकिस्तान ने UNSC की बैठक में कहा कि अगर प्राकृतिक संसाधनों को साझा करने वाली संधि को एकतरफा तरीके से स्थगित किया जा सकता है, तो कोई भी अंतरराष्ट्रीय समझौता सुरक्षित नहीं है। इसके जरिए पाकिस्तान भारत पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि इस विवाद में कोई तीसरा पक्ष मध्यस्थ नहीं होगा और मामला पूरी तरह द्विपक्षीय ही है। भारत का रुख मजबूतविशेष...
मोहम्मद यूनुस के जाते-जाते भारत विरोधी बयान, नार्थ-ईस्ट पर उठाया निशाना; तारिक रहमान दोस्ती का संदेश
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मोहम्मद यूनुस के जाते-जाते भारत विरोधी बयान, नार्थ-ईस्ट पर उठाया निशाना; तारिक रहमान दोस्ती का संदेश

ढाका: बांग्लादेश के अंतरिम शासन के चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस ने अपने 18 महीने के कार्यकाल के अंतिम भाषण में भारत विरोधी बयान देकर सुर्खियां बटोरी हैं। यूनुस ने कहा कि बांग्लादेश का खुला समुद्र भारत के नॉर्थ-ईस्ट क्षेत्र (सेवन सिस्टर्स) के लिए असर डाल सकता है। उनका यह बयान भारत और बांग्लादेश के संबंधों में तनाव बढ़ाने वाला माना जा रहा है। यूनुस का संदेश और आर्थिक अवसरयूनुस ने अपने भाषण में कहा, "बांग्लादेश का खुला समुद्र सिर्फ बॉर्डर नहीं, बल्कि ग्लोबल इकॉनमी का गेटवे है। इसे सही तरीके से इस्तेमाल करके नॉर्थ-ईस्ट और नेपाल-भूटान जैसे पड़ोसी राज्यों के लिए आर्थिक खुशहाली लाई जा सकती है।" उन्होंने कहा कि बंदरगाहों की दक्षता बढ़ाने के लिए बांग्लादेश ने अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ समझौते किए हैं, जिससे देश की आर्थिक तरक्की संभव है। पूर्वोत्तर को लेकर विवादित बयानयूनुस ने भारत का नाम सीधे तौर...
सऊदी अरब ने तुर्की से खरीदने की तैयारी की कान स्‍टील्‍थ जेट्स, अमेरिका परेशान
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सऊदी अरब ने तुर्की से खरीदने की तैयारी की कान स्‍टील्‍थ जेट्स, अमेरिका परेशान

रियाद: सऊदी अरब ने हालिया समय में तुर्की और पाकिस्तान के साथ रक्षा संबंधों को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। विशेष रूप से तुर्की के कान फाइटर जेट्स में रुचि ने अमेरिका को चिंता में डाल दिया है। अमेरिका चाहता है कि सऊदी अरब उसके F-35 वॉरप्लेन ही खरीदे, लेकिन रियाद ने अभी तक अपना निर्णय टाल रखा है। तुर्की और पाकिस्तान के विकल्पअमेरिका ने सऊदी से स्पष्टीकरण मांगा कि वह अन्य देशों से हथियार डील क्यों कर रहा है। इसके बाद सऊदी ने भरोसा दिलाया कि वह पाकिस्तान से JF-17 जेट्स नहीं खरीदेगा। लेकिन तुर्की के कान पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ जेट के प्रोग्राम पर कोई गारंटी नहीं दी गई। अमेरिकी अधिकारी इसे सऊदी की स्वतंत्र नीति और अमेरिकी हथियार बाजार में संभावित चुनौती के रूप में देख रहे हैं। क्या अमेरिका से दूरी बढ़ेगी?सऊदी के नेशनल सिक्योरिटी प्रोग्राम के डायरेक्टर जनरल हेशाम अलघनम ने कहा कि सऊदी ...
आज वलयाकार सूर्यग्रहण, जल्द होगा ब्लड मून चंद्रग्रहण
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आज वलयाकार सूर्यग्रहण, जल्द होगा ब्लड मून चंद्रग्रहण

वॉशिंगटन/नई दिल्ली: मंगलवार, 17 फरवरी को साल का पहला सूर्यग्रहण लगने जा रहा है। यह वलयाकार सूर्यग्रहण होगा, जिसे देखकर सूर्य आसमान में आग के छल्ले जैसा दिखाई देगा, इसलिए इसे “रिंग ऑफ फायर” भी कहा जाता है। वलयाकार ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच से गुजरता है, लेकिन पृथ्वी से दूर होने के कारण सूर्य को पूरी तरह ढक नहीं पाता। सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगाइस सूर्यग्रहण का रिंग ऑफ फायर फेज केवल अंटार्कटिका के बर्फीले इलाके में देखा जा सकेगा। आंशिक रूप से इसे दक्षिण अफ्रीका, दक्षिणी अमेरिका और हिंद महासागर के कुछ हिस्सों से देखा जा सकता है। 3 मार्च को आएगा चंद्रग्रहणसूर्य ग्रहण के कुछ ही दिनों बाद 3 मार्च 2026 को पूर्ण चंद्रग्रहण होगा। यह ग्रहण दुनिया के बड़े हिस्से में दिखाई देगा और इसे सुरक्षित रूप से किसी भी स्थान से देखा जा सकता है। चंद्रग्रहण तब होता है जब पृथ्वी ...
बांग्लादेश में तारिक रहमान की शपथ से पहले मोहम्मद यूनुस के करीबी विदेश भागे, नई सरकार से डर?
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बांग्लादेश में तारिक रहमान की शपथ से पहले मोहम्मद यूनुस के करीबी विदेश भागे, नई सरकार से डर?

ढाका: बांग्लादेश में 18 महीने से चल रही अंतरिम सरकार के बाद सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अगस्त 2024 से मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में चल रही सरकार अब बीएनपी के हाथों में जा रही है। 12 फरवरी को हुए आम चुनाव में बीएनपी की जीत के बाद मंगलवार, 17 फरवरी को तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस बीच यूनुस के करीबी सहयोगियों में असहजता दिख रही है। चुनाव नतीजों के अगले दिन यूनुस के विशेष सहायक फैज अहमद तैयब बांग्लादेश छोड़कर जर्मनी चले गए। ढाका के अखबार द डेली स्टार के अनुसार यह अचानक और सरप्राइज डिपार्चर माना जा रहा है। यूनुस के करीबी विदेश क्यों गए?इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव परिणाम के बाद यूनुस के अधिकारी ‘सुरक्षित निकलने’ की कोशिश में थे। ढाका में यह बात पहले से चर्चा का विषय रही कि यूनुस के करीबी अधिकारी सत्ता हस्तांतरण से पहले देश छोड़ सकते हैं। देश छोड़ने से...
‘बलूचों का कातिल, आर्मी का मोहरा है तू’: नॉर्वे में पाक के पूर्व पीएम अनवार-उल-हक काकर का बलूचों ने किया बेइज्जत
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‘बलूचों का कातिल, आर्मी का मोहरा है तू’: नॉर्वे में पाक के पूर्व पीएम अनवार-उल-हक काकर का बलूचों ने किया बेइज्जत

ओस्लो/इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व केयरटेकर प्रधानमंत्री अनवार-उल-हक काकर को नॉर्वे के ओस्लो में बलूचों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। बलूच प्रदर्शनकारियों ने काकर को “बलूचों का कातिल और पाक आर्मी का मोहरा” कहकर जमकर फटकार लगाई। बलूचों ने काकर से बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना के अभियानों और ऑपरेशनों को लेकर सवाल किए। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें बलूचों की तरह चैन से न रहने की “बद्दुआ” तक दी, लेकिन काकर ने विरोध का कोई जवाब नहीं दिया और केवल शांतिपूर्वक स्थिति संभालते हुए निकलने का रास्ता ढूँढा। बलूच नेता की अपीलबलूचिस्तान के अलगाववादी नेता मीर यार बलूच ने इस प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया और लिखा कि बलूच देशभक्तों ने शांति पूर्ण तरीके से दुनिया को बलूचिस्तान में पाकिस्तान की नीतियों, युद्ध अपराधों और मानवाधिकार उल्लंघनों का ध्यान दिलाया। मीर यार ने नॉर्वे सरकार और अंतररा...
बांग्लादेश में तारिक रहमान ने यूनुस को बड़ा झटका, BNP सांसद रिफॉर्म काउंसिल की शपथ नहीं लेंगे
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बांग्लादेश में तारिक रहमान ने यूनुस को बड़ा झटका, BNP सांसद रिफॉर्म काउंसिल की शपथ नहीं लेंगे

ढाका: बांग्लादेश के चुनाव में बड़ी जीत हासिल करने वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेता तारिक रहमान ने मोहम्मद यूनुस के रिफॉर्म एजेंडे को बड़ा झटका दिया है। BNP ने घोषणा की है कि उसके जीते हुए सांसद संवैधानिक सुधार परिषद (रिफॉर्म काउंसिल) के सदस्य के रूप में शपथ नहीं लेंगे। बीएनपी के एक सूत्र ने मीडिया को बताया कि यह फैसला पार्टी चेयरमैन तारिक रहमान की तरफ से लिया गया है। BNP के सांसदों से कहा गया कि वे कॉन्स्टिट्यूशन रिफॉर्म काउंसिल फॉर्म पर साइन न करें, क्योंकि उन्हें काउंसिल का सदस्य नहीं चुना गया है। मोहम्मद यूनुस का एजेंडा रुकासंपादक सलाह उद्दीन शोएब चौधरी के अनुसार, यूनुस रिफॉर्म काउंसिल के जरिए अगली सरकार को नुकसान पहुंचाने और लोकतंत्र को कमजोर करने की योजना बना रहे थे। BNP के इस कदम से उनका एजेंडा फिलहाल रुक गया है। सांसदों ने ली शपथरिफॉर्म काउंसिल पर गतिरोध के बीच BNP ...
जापान की सबसे कमजोर नस पर चीन का दबाव, पीएम साने ताकाइची के सामने विकल्प कठिन
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जापान की सबसे कमजोर नस पर चीन का दबाव, पीएम साने ताकाइची के सामने विकल्प कठिन

टोक्यो/बीजिंग: जापान और चीन के रिश्ते पिछले सालों में सबसे निचले स्तर पर पहुँच गए हैं। हालिया तनाव की शुरुआत पिछले साल नवंबर में प्रधानमंत्री साने ताकाइची के एक बयान से हुई थी, जिसमें उन्होंने कहा कि ताइवान पर चीन का हमला जापान के अस्तित्व के लिए खतरा है। इस बयान पर चीन नाराज हो गया और बीजिंग ने टोक्यो पर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया। चीन की ताइवान पर नाराजगीचीन ताइवान को अपनी संप्रभुता का हिस्सा मानता है और किसी भी बाहरी दखल पर कड़ी प्रतिक्रिया करता है। ताकाइची के बयान ने बीजिंग की नाराजगी को और बढ़ा दिया। हाल ही में म्यूनिक सुरक्षा सम्मेलन में चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने जापान में सैन्यवाद लौटने की चेतावनी दी और कहा कि जापान अगर फिर से “खेल” खेलेगा तो उसे तेज हार का सामना करना पड़ेगा। जापान ने झुकने से इनकार कियाचीन की चेतावनियों के बावजूद ताकाइची ने अपने बयान को वापस लेने या माफी मांगने ...