
ढाका, 16 फरवरी 2026: बांग्लादेश में बीएनपी की बड़ी जीत के साथ तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है। अब दोनों देशों के बीच रिश्तों को सुधारने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
रहमान का 31-प्वाइंट एजेंडा
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रहमान ने चुनाव में एंटी-इंडिया कार्ड खेलने से बचते हुए अपने विकास एजेंडे पर जोर दिया।
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उनका 31-प्वाइंट प्लान विशेष रूप से डिजिटल डोमेन, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, और रीजनल-इंटरनेशनल ट्रेड पर केंद्रित है।
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रहमान ने देश को सबको साथ लेकर चलने वाला “रेनबो नेशन” बनाने और कट्टरता के मुद्दों पर कड़ा रुख अपनाने का वादा किया।
भारत के लिए संभावित सहयोग के क्षेत्र
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रहमान के इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटलाइजेशन वादों को लेकर दिल्ली के साथ सहयोग के अवसर तलाशे जा रहे हैं।
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दोनों देशों के सामने गंगा जल संधि के रिन्यूअल जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिन पर इस साल अंत तक ध्यान दिया जाएगा।
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भारत-बांग्लादेश के संबंधों में सुधार से बड़े कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स और क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
पूर्व की चुनौतियां
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पिछले 18 महीनों में भारत-बांग्लादेश संबंध यूनुस सरकार के दौरान तनावपूर्ण रहे।
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जल बंटवारे और अन्य मुद्दों ने दोनों देशों के विकास प्रोजेक्ट्स पर असर डाला।
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अब रहमान की पहल और सकारात्मक रुख दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग को बढ़ावा दे सकता है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि तारिक रहमान का 31-प्वाइंट प्लान भारत-बांग्लादेश रिश्तों में नए दौर की शुरुआत कर सकता है और ढाका को दिल्ली के करीब लाने में मददगार साबित होगा।
