
ओस्लो/इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व केयरटेकर प्रधानमंत्री अनवार-उल-हक काकर को नॉर्वे के ओस्लो में बलूचों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। बलूच प्रदर्शनकारियों ने काकर को “बलूचों का कातिल और पाक आर्मी का मोहरा” कहकर जमकर फटकार लगाई।
बलूचों ने काकर से बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना के अभियानों और ऑपरेशनों को लेकर सवाल किए। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें बलूचों की तरह चैन से न रहने की “बद्दुआ” तक दी, लेकिन काकर ने विरोध का कोई जवाब नहीं दिया और केवल शांतिपूर्वक स्थिति संभालते हुए निकलने का रास्ता ढूँढा।
बलूच नेता की अपील
बलूचिस्तान के अलगाववादी नेता मीर यार बलूच ने इस प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया और लिखा कि बलूच देशभक्तों ने शांति पूर्ण तरीके से दुनिया को बलूचिस्तान में पाकिस्तान की नीतियों, युद्ध अपराधों और मानवाधिकार उल्लंघनों का ध्यान दिलाया।
मीर यार ने नॉर्वे सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे पाकिस्तानी सेना के बलूचिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघनों की स्वतंत्र जांच करें और दोषियों को जवाबदेह ठहराएं। उन्होंने काकर और “कठपुतली सीएम सरफराज” के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की।
बलूचिस्तान में अलगाववाद
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में लंबे समय से अलगाववाद की मजबूत भावना रही है। पाकिस्तानी सेना के अत्याचार और सरकार की भेदभावपूर्ण नीतियों ने बलूचों में स्वतंत्रता की मांग को और मजबूत किया है। वर्तमान में बलूच सशस्त्र समूह पाक सेना के खिलाफ लड़ रहे हैं।
