Monday, February 16

भारत-पाक में गंभीर परमाणु तनाव पर चर्चा, म्यूनिख में असीम मुनीर और मार्को रुबियो की बैठक

म्यूनिख/इस्लामाबाद, 16 फरवरी 2026: पाकिस्तानी आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की। इस बैठक में गाजा में सैनिक भेजने, भारत और तालिबान से जुड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई।

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पाकिस्तानी सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया कि दोनों नेताओं ने वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा और आतंकवाद निरोधक अभियानों में सहयोग पर विचार-विमर्श किया। इसी दौरान अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने कश्मीर और भारत-पाकिस्तान के बीच हुए गंभीर परमाणु तनाव का जिक्र करते हुए पाकिस्तानी भूमिका को बहुपक्षीय कूटनीति में अहम बताया।

अमेरिकी राजदूत के प्रमुख बिंदु:

  • उन्होंने कहा, “हमने दक्षिण एशिया में एक बहुत ही गंभीर परमाणु तनाव का सामना किया है।”

  • पाकिस्तानी भूमिका गाजा और संयुक्‍त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के माध्यम से महत्वपूर्ण है।

  • पाकिस्तान वॉशिंगटन की मुस्लिम बहुल देशों, जैसे तुर्की और इंडोनेशिया, के साथ संपर्क में भी है।

गाजा में सैनिक भेजने का दबाव:
असीम मुनीर और मार्को रुबियो के बीच चर्चा का एक मुख्य मुद्दा गाजा में पाकिस्तानी सेना की संभावित तैनाती था। इंडोनेशिया ने पहले ही 8,000 सैनिक भेजने की घोषणा कर दी है, जबकि पाकिस्तान ने इस पर अभी चुप्पी साध रखी है।

अमेरिका को खुश करने की कोशिश:
पाक पीएम शहबाज शरीफ ने डोनाल्ड ट्रंप के सामने बोर्ड ऑफ पीस पर हस्ताक्षर किए थे। ट्रंप यह उम्मीद कर रहे हैं कि पाकिस्तान भी हजारों सैनिक गाजा भेजेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान इस बहाने ट्रंप को खुश करने और अमेरिका के समर्थन से भारत के खिलाफ रणनीतिक बढ़त हासिल करने की कोशिश कर रहा है।

तालिबान और सुरक्षा चुनौतियां:
बैठक में असीम मुनीर ने तालिबान सरकार के साथ पाकिस्तान के तनावपूर्ण संबंधों पर भी चर्चा की। टीटीपी और बलूच विद्रोही लगातार पाकिस्तानी सेना पर हमले कर रहे हैं, जिनके लिए पाकिस्तान ने अफगान सरकार और भारत पर आरोप लगाए हैं। पाकिस्तानी सेना की मांग थी कि अमेरिका तालिबान पर दबाव बनाए।

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