
म्यूनिख, 16 फरवरी 2026: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार के मसले पर भारत और पाकिस्तान के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रणनीतिक टकराव बढ़ता जा रहा है। भारत लंबे समय से सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का विस्तार चाहता है, जबकि पाकिस्तान इसके विरोध में है।
भारत का G4 समूह
भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान मिलकर G4 समूह बनाते हैं। यह समूह संयुक्त राष्ट्र में महत्वपूर्ण सुधारों के लिए एकजुट है। इन सुधारों में स्थायी सदस्यता का विस्तार भी शामिल है।
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G4 समूह अफ्रीका समेत अन्य देशों के साथ सहयोग कर ठोस नतीजे हासिल करने का प्रयास करता है।
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भारत ने बैठक में स्पष्ट किया कि वह रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखते हुए अपने निर्णय स्वतंत्र रूप से करेगा।
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G4 के सदस्य देशों की आर्थिक और सैन्य शक्ति इसे सुरक्षा परिषद में प्रभावशाली बनाती है। भारत UN मिशन में अधिक पीसकीपर भेजता है, लेकिन स्थायी सदस्य नहीं है।
UNSC सुधार की जरूरत
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वर्तमान सुरक्षा परिषद द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बने वर्ल्ड ऑर्डर का प्रतिबिंब है।
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दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले भारत और ब्राजील का परिषद में कोई स्थायी प्रतिनिधित्व नहीं है।
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सुदूर पूर्व एशिया, दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका जैसे क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व नगण्य है।
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भारत और जापान दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं और सैन्य ताकतों में शामिल हैं।
पाकिस्तान का कॉफी क्लब
G4 की एकजुटता को देखकर पाकिस्तान ने इसके खिलाफ ‘कॉफी क्लब’ बनाया है।
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इसमें पाकिस्तान के अलावा इटली, कनाडा और दक्षिण कोरिया जैसे देश शामिल हैं।
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यह समूह नए स्थायी सदस्यों की जगह ग्लोबल साउथ के लिए प्रतिनिधित्व बढ़ाने पर जोर देता है।
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पाकिस्तान का तर्क है कि G4 देशों का प्रयास कुछ देशों के लिए खास अधिकार दिलाने का है, जो UNSC सुधार की राह में बाधा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, G4 और कॉफी क्लब के बीच यह अंतरराष्ट्रीय टकराव भविष्य में UNSC सुधार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
