Thursday, March 12

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प्रधानमंत्री बनते ही तारिक रहमान का राष्ट्र के नाम पहला संदेश, हिंदू-बौद्ध-ईसाई अल्पसंख्यकों को दिया भरोसा
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प्रधानमंत्री बनते ही तारिक रहमान का राष्ट्र के नाम पहला संदेश, हिंदू-बौद्ध-ईसाई अल्पसंख्यकों को दिया भरोसा

ढाका। बांग्लादेश के आम चुनाव में भारी जीत के बाद प्रधानमंत्री बने तारिक रहमान ने बुधवार रात राष्ट्र के नाम अपना पहला संबोधन दिया। अपने पहले भाषण में उन्होंने देश की मौजूदा चुनौतियों का जिक्र करते हुए लोकतंत्र मजबूत करने, कानून-व्यवस्था सुधारने और भ्रष्टाचार पर सख्त नियंत्रण का वादा किया। प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने अपने संबोधन में धार्मिक अल्पसंख्यकों को लेकर बड़ा संदेश देते हुए कहा कि बांग्लादेश में किसी भी नागरिक के अधिकार धर्म के आधार पर तय नहीं होंगे। उन्होंने हिंदुओं, बौद्धों और ईसाइयों को सुरक्षा और समानता का भरोसा दिलाया। “धर्म से नागरिकता तय नहीं होती” तारिक रहमान ने स्पष्ट शब्दों में कहा,“चाहे कोई मुस्लिम हो, हिंदू हो, बौद्ध हो या ईसाई। धर्म से उसकी नागरिकता पर कोई फर्क नहीं पड़ता। यह हम सबका देश है, जिसे हमें मिलकर आगे ले जाना है।” यह बयान इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि ...
चागोस डील पर ट्रंप नाराज, ब्रिटेन को चेतावनी- ‘डिएगो गार्सिया मत छोड़ना, यह ऐतिहासिक गलती होगी’
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चागोस डील पर ट्रंप नाराज, ब्रिटेन को चेतावनी- ‘डिएगो गार्सिया मत छोड़ना, यह ऐतिहासिक गलती होगी’

वॉशिंगटन/लंदन। हिंद महासागर में स्थित रणनीतिक रूप से बेहद अहम डिएगो गार्सिया द्वीप को लेकर अमेरिका और ब्रिटेन के बीच तनाव गहराता नजर आ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन और मॉरीशस के बीच हुए चागोस द्वीपसमूह समझौते पर कड़ी नाराजगी जताते हुए ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर को खुली चेतावनी दी है कि ब्रिटेन को यह द्वीप मॉरीशस के हाथों नहीं सौंपना चाहिए। ट्रंप ने कहा है कि डिएगो गार्सिया का नियंत्रण खोना न केवल ब्रिटेन के लिए एक बड़ी रणनीतिक भूल होगी, बल्कि यह यूके की वैश्विक प्रतिष्ठा पर भी “धब्बा” साबित होगा। ट्रंप का तीखा बयान- ‘लीज कोई अच्छी चीज नहीं’ डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा,“मैं यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से कहना चाहता हूं कि देशों के मामलों में लीज कोई अच्छी चीज नहीं होती। 100 साल की ल...
ईरान पर अमेरिका के सबसे बड़े हमले की आशंका, पश्चिम एशिया युद्ध के मुहाने पर
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ईरान पर अमेरिका के सबसे बड़े हमले की आशंका, पश्चिम एशिया युद्ध के मुहाने पर

वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में हालात तेजी से विस्फोटक होते जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी सेना इस हफ्ते के अंत तक ईरान पर बड़े पैमाने पर हमला कर सकती है। दावा किया जा रहा है कि अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में नौसेना और वायुसेना की भारी तैनाती कर ली है और ईरान के खिलाफ लंबे सैन्य अभियान की पूरी तैयारी कर ली गई है। खबरों के अनुसार, अमेरिका के युद्धपोत, एयरक्राफ्ट कैरियर, फाइटर जेट और रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट का विशाल बेड़ा ईरान के आसपास तैनात किया गया है। यह सैन्य जमावड़ा संकेत दे रहा है कि अमेरिका किसी बड़े ऑपरेशन की ओर बढ़ रहा है, जो पूरे क्षेत्र में बड़े युद्ध की शुरुआत कर सकता है। रिपोर्ट: युद्ध की संभावना 90 फीसदी तक ब्रिटिश अखबार टेलीग्राफ ने अमेरिकी प्रशासन से जुड़े एक सूत्र के हवाले से दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध छिड़ने की संभावना 90 फीसदी तक पहुंच चुकी है। रिपोर्ट क...
भारत के रूसी तेल आयात पर अमेरिका के दावे को रूस ने नकारा, कहा- भारत ने रुख नहीं बदला
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भारत के रूसी तेल आयात पर अमेरिका के दावे को रूस ने नकारा, कहा- भारत ने रुख नहीं बदला

मॉस्को/नई दिल्ली। रूस ने अमेरिका के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि भारत अब रूस से कच्चा तेल खरीदना बंद करने जा रहा है। रूसी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि भारत की ओर से ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि उसने रूसी तेल आयात पर अपनी नीति बदली हो। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने बुधवार को बयान जारी करते हुए कहा कि रूस के पास यह मानने का कोई कारण नहीं है कि भारत ने एनर्जी इंपोर्ट को लेकर अपना रुख बदला है। उन्होंने कहा कि भारत द्वारा रूसी हाइड्रोकार्बन (कच्चा तेल और गैस) की खरीद से दोनों देशों को फायदा होता है और इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनी रहती है। अमेरिकी दावे को बताया निराधार रूस का यह बयान अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के उस दावे के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद करने का वादा ...
सऊदी अरब ने अमेरिका के दबाव में पाक से JF-17 फाइटर जेट डील रद्द की, असीम मुनीर को झटका
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सऊदी अरब ने अमेरिका के दबाव में पाक से JF-17 फाइटर जेट डील रद्द की, असीम मुनीर को झटका

इस्लामाबाद/रियाद/वॉशिंगटन, 18 फरवरी 2026: सऊदी अरब ने अमेरिका के दबाव के बाद पाकिस्तान से चीनी JF-17 फाइटर जेट खरीदने की डील रद्द कर दी है। अमेरिका चाहता है कि सऊदी अरब इसके बजाय एफ-35 फाइटर जेट खरीदे। इस फैसले से पाकिस्तान और सेना प्रमुख असीम मुनीर को बड़ा झटका लगा है। पाकिस्तानी उम्मीदें झूठी साबित पाकिस्तान और चीन ने मिलकर JF-17 फाइटर जेट का निर्माण किया है। पाकिस्तान को उम्मीद थी कि अजरबैजान के बाद अब सऊदी अरब इस जेट को खरीदेगा और भारी लाभ होगा। पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर लगातार इस जेट की वैश्विक ताकत का प्रचार कर रहे थे। सऊदी अरब ने हालांकि अमेरिका को गारंटी दी है कि वह जेएफ-17 जेट की डील नहीं करेगा। अमेरिका ने जताई नाराजगी रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, खाड़ी क्षेत्र के देशों में अमेरिकी हथियारों के बड़े ग्राहक होने के बावजूद चीन के फाइटर जेट की बैकडोर एंट्री अमेरिका को रास ...
तारिक रहमान की बांग्लादेश सरकार: दिल्ली और इस्लामाबाद दोनों आमंत्रण, विदेश नीति में संतुलन की कोशिश
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तारिक रहमान की बांग्लादेश सरकार: दिल्ली और इस्लामाबाद दोनों आमंत्रण, विदेश नीति में संतुलन की कोशिश

इस्लामाबाद/ढाका, 18 फरवरी 2026: बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान को पाकिस्तान और भारत दोनों ने अपने-अपने देश आने का न्योता दिया है। पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार ने तारिक रहमान को इस्लामाबाद आने के लिए आमंत्रित किया है, वहीं भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें दिल्ली आने का निमंत्रण दिया है। पाकिस्तान की कोशिश पाकिस्तान ने तारिक के शपथ ग्रहण समारोह में फेडरल मिनिस्टर अहसान इकबाल चौधरी के माध्यम से उन्हें न्योता भेजा। अहसान ने समारोह में तारिक को जीत की बधाई देते हुए कहा कि पाकिस्तान ढाका के साथ नजदीकी बढ़ाने का इच्छुक है। बीएनपी सरकार के नरम रुख को देखते हुए पाकिस्तान की यह पहल रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। भारत को भी संतुलित संकेत तारिक रहमान ने स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार विदेश नीति में संतुलन बनाए रखेगी। उन्होंने भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ संबंधों को...
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों को बड़ा मौका: हिंदू और बौद्ध नेता बने मंत्री
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बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों को बड़ा मौका: हिंदू और बौद्ध नेता बने मंत्री

ढाका, 18 फरवरी 2026: बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने अपनी नई कैबिनेट में दो प्रमुख अल्पसंख्यक नेताओं को शामिल किया है। इनमें हिंदू समुदाय से निताई रॉय चौधरी और बौद्ध समुदाय से दीपेन दीवान शामिल हैं। दोनों नेताओं ने मंगलवार को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। निताई रॉय चौधरी – संस्कृति मंत्री 77 वर्षीय निताई रॉय चौधरी पश्चिमी मगुरा निर्वाचन क्षेत्र से जीतकर सांसद बने। बीएनपी की स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य और वरिष्ठ सलाहकार, चौधरी को संस्कृति मंत्रालय दिया गया है। पेशे से वकील रह चुके चौधरी ने युवा एवं खेल मामलों के मंत्री के रूप में भी सेवा दी है। चौधरी ने जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार को बड़े अंतर से हराया और बीएनपी की शीर्ष नेतृत्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। दीपेन दीवान – चटगांव पहाड़ी क्षेत्र कार्य मंत्री 62 वर्षीय दीपेन दीवान बौद्ध बहुल चकमा जातीय समूह से आते हैं। ...
बांग्लादेश में नई लड़ाई का मैदान तैयार: तारिक रहमान ने आर्मी चीफ के ‘दुश्मन’ को बनाया विदेश मंत्री
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बांग्लादेश में नई लड़ाई का मैदान तैयार: तारिक रहमान ने आर्मी चीफ के ‘दुश्मन’ को बनाया विदेश मंत्री

ढाका, 18 फरवरी 2026: बांग्लादेश में मंगलवार को नई सरकार का गठन हो गया। प्रधानमंत्री तारिक रहमान के कैबिनेट में कई नए चेहरे शामिल किए गए हैं। इनमें सबसे चर्चा का विषय है डॉक्टर खलीलुर्रहमान का विदेश मंत्री बनना। खलीलुर्रहमान की राजनीति और अमेरिकी कनेक्शन खलीलुर्रहमान ने मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार में नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (NSA) के रूप में काम किया और अमेरिकी समर्थक के तौर पर देखे जाते रहे हैं। विदेश मंत्री पद मिलने के बाद ढाका की विदेश नीति में बदलाव और देश की अंदरूनी राजनीति में हलचल की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, खलीलुर्रहमान को यह पद इसलिए भी मिला क्योंकि वह अमेरिका-बांग्लादेश ट्रेड डील और बोइंग एयरक्राफ्ट खरीद में अहम भूमिका निभा चुके हैं। सांसद न होने के बावजूद उन्हें 'टेक्नोक्रेट' कोटे से यह पद मिला। सेना और खलील के बीच पुरानी तनातनी खलीलुर्रहमान और आर्मी च...
बांग्लादेश में विदेशी शक्तियों का ग्रेट गेम पूरा: तारिक रहमान बने पीएम, मोहम्मद यूनुस हैं असली विजेता?
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बांग्लादेश में विदेशी शक्तियों का ग्रेट गेम पूरा: तारिक रहमान बने पीएम, मोहम्मद यूनुस हैं असली विजेता?

ढाका, 18 फरवरी 2026: बांग्लादेश में राजनीतिक तूफान के 18 महीनों के बाद नया प्रधानमंत्री तारिक रहमान शपथ ले चुके हैं। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इस राजनीतिक खेल के असली विजेता हैं पूर्व अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस। यूनुस की चालाकी और राजनीतिक रणनीति मोहम्मद यूनुस ने BNP, जमात-ए-इस्लामी और हिफाजत-ए-इस्लाम जैसे कट्टर दक्षिणपंथी और इस्लामिस्ट संगठनों को ज़रूरी मुद्दों पर एक छतरी के नीचे ला दिया। उन्होंने छात्रों के संगठन नेशनल सिटिज़न्स पार्टी (NCP) के माध्यम से नए प्रयोग करने की कोशिश की और विदेशी शक्तियों का भी समर्थन हासिल किया। यूनुस की रणनीति के चलते पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की संभावित वापसी की आशंका कम हुई और उनका शासन कमजोर पड़ा। 18 महीनों में हासिल किए गए एजेंडे विशेषज्ञों के अनुसार, मोहम्मद यूनुस ने अपने एजेंडे का अधिकांश हिस्सा केवल 18 महीनों में पूरा कर लिया। ...
ट्रंप की ‘रेड लाइन’ नहीं मान रहा ईरान, जिनेवा वार्ता के बाद वेंस ने कहा – हमले का विकल्प खुला
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ट्रंप की ‘रेड लाइन’ नहीं मान रहा ईरान, जिनेवा वार्ता के बाद वेंस ने कहा – हमले का विकल्प खुला

वॉशिंगटन/जिनेवा, 18 फरवरी 2026: अमेरिकी वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस ने कहा है कि ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तय की गई रेड लाइन को नहीं माना है। मंगलवार को जिनेवा में परमाणु वार्ता के दूसरे दौर के बाद वेंस ने यह बयान दिया और संकेत दिया कि अमेरिका के पास सैन्य विकल्प अभी भी खुला है। बातचीत सकारात्मक लेकिन अनसुलझे मुद्दे जेडी वेंस ने कहा, “जिनेवा वार्ता कुछ लिहाज से ठीक रही है। ईरानी प्रतिनिधि बातचीत के लिए आए, जो सकारात्मक संकेत है। हालांकि कई महत्वपूर्ण मामले अभी अनसुलझे हैं। प्रेसिडेंट ट्रंप ने कुछ स्पष्ट रेड लाइन तय की हैं, जिन्हें ईरानी सरकार मानने को तैयार नहीं है।” वेंस ने आगे कहा, “हम फिलहाल डिप्लोमेसी को तरजीह दे रहे हैं, लेकिन अगर बातचीत का कोई परिणाम नहीं निकलता है, तो अमेरिकी प्रेसिडेंट के पास सख्त कदम उठाने का अधिकार है। वह तय करेंगे कि आगे क्या किया जाए।” अमेरिका का सैन्य दबा...