
इस्लामाबाद/रियाद/वॉशिंगटन, 18 फरवरी 2026: सऊदी अरब ने अमेरिका के दबाव के बाद पाकिस्तान से चीनी JF-17 फाइटर जेट खरीदने की डील रद्द कर दी है। अमेरिका चाहता है कि सऊदी अरब इसके बजाय एफ-35 फाइटर जेट खरीदे। इस फैसले से पाकिस्तान और सेना प्रमुख असीम मुनीर को बड़ा झटका लगा है।
पाकिस्तानी उम्मीदें झूठी साबित
पाकिस्तान और चीन ने मिलकर JF-17 फाइटर जेट का निर्माण किया है। पाकिस्तान को उम्मीद थी कि अजरबैजान के बाद अब सऊदी अरब इस जेट को खरीदेगा और भारी लाभ होगा। पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर लगातार इस जेट की वैश्विक ताकत का प्रचार कर रहे थे। सऊदी अरब ने हालांकि अमेरिका को गारंटी दी है कि वह जेएफ-17 जेट की डील नहीं करेगा।
अमेरिका ने जताई नाराजगी
रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, खाड़ी क्षेत्र के देशों में अमेरिकी हथियारों के बड़े ग्राहक होने के बावजूद चीन के फाइटर जेट की बैकडोर एंट्री अमेरिका को रास नहीं आई। अमेरिका ने सऊदी अरब पर दबाव डाला कि वह चीन के जेट को ना खरीदे।
पाक-सऊदी संबंध और रणनीति
हालांकि JF-17 डील रद्द हो गई है, सऊदी अरब और पाकिस्तान रणनीतिक आर्थिक समझौते की तैयारी कर रहे हैं। सितंबर 2025 में दोनों देशों ने ऐतिहासिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें कहा गया कि एक देश पर हमला दूसरे देश पर हमला माना जाएगा।
सऊदी अरब के राजदूत नवाफ बिन सईद अल मलकी ने कहा कि यह आर्थिक समझौता दोनों मुस्लिम देशों के बीच रिश्तों को और मजबूत करेगा। दोनों देश व्यापार बढ़ाने पर भी काम करेंगे।
क्षेत्रीय तनाव
यूएई इस मामले में पाकिस्तान से नाराज है। उसने पाकिस्तान के कर्ज चुकाने में दो साल की राहत देने से इंकार कर दिया है। वहीं, यमन और सूडान जैसे मामलों में सऊदी अरब और यूएई के बीच भी तनाव की स्थिति बनी हुई है।
