
मॉस्को/नई दिल्ली। रूस ने अमेरिका के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि भारत अब रूस से कच्चा तेल खरीदना बंद करने जा रहा है। रूसी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि भारत की ओर से ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि उसने रूसी तेल आयात पर अपनी नीति बदली हो।
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने बुधवार को बयान जारी करते हुए कहा कि रूस के पास यह मानने का कोई कारण नहीं है कि भारत ने एनर्जी इंपोर्ट को लेकर अपना रुख बदला है। उन्होंने कहा कि भारत द्वारा रूसी हाइड्रोकार्बन (कच्चा तेल और गैस) की खरीद से दोनों देशों को फायदा होता है और इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनी रहती है।
अमेरिकी दावे को बताया निराधार
रूस का यह बयान अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के उस दावे के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद करने का वादा किया है। जखारोवा ने अमेरिकी बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका का यह रवैया नया नहीं है और वह लगातार स्वतंत्र देशों पर अपनी शर्तें थोपने की कोशिश करता रहा है।
उन्होंने कहा, “हमें ऐसा नहीं लगता कि भारत ने रूसी तेल खरीदने को लेकर अपनी नीति में कोई बदलाव किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री रुबियो के दावों में कुछ भी नया नहीं है।”
ट्रंप प्रशासन कर रहा लगातार दावा
बताया जा रहा है कि अमेरिका और भारत के बीच हुई हालिया डील के बाद ट्रंप प्रशासन यह दावा कर रहा है कि भारत ने रूसी कच्चे तेल का आयात रोकने पर सहमति दी है। अमेरिका का कहना है कि इसी कथित आश्वासन के चलते भारत पर लगने वाले टैरिफ में राहत दी गई।
भारत सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट नहीं
हालांकि भारत सरकार की तरफ से अब तक इस मुद्दे पर कोई स्पष्ट आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है कि उसने अमेरिका को रूसी तेल आयात रोकने का वादा किया है या नहीं। नई दिल्ली की ओर से सिर्फ इतना कहा गया है कि ऊर्जा खरीद का फैसला देशहित और बेहतर सौदे के आधार पर लिया जाएगा।
रूस का संदेश साफ- भारत की नीति में बदलाव नहीं
रूस ने साफ कर दिया है कि उसे भारत के रुख में किसी बदलाव के संकेत नहीं मिले हैं और भारत द्वारा रूसी तेल खरीदना वैश्विक ऊर्जा बाजार में संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।
