Thursday, June 11

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बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों को बड़ा मौका: हिंदू और बौद्ध नेता बने मंत्री

ढाका, 18 फरवरी 2026: बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने अपनी नई कैबिनेट में दो प्रमुख अल्पसंख्यक नेताओं को शामिल किया है। इनमें हिंदू समुदाय से निताई रॉय चौधरी और बौद्ध समुदाय से दीपेन दीवान शामिल हैं। दोनों नेताओं ने मंगलवार को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली।

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निताई रॉय चौधरी – संस्कृति मंत्री

77 वर्षीय निताई रॉय चौधरी पश्चिमी मगुरा निर्वाचन क्षेत्र से जीतकर सांसद बने। बीएनपी की स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य और वरिष्ठ सलाहकार, चौधरी को संस्कृति मंत्रालय दिया गया है। पेशे से वकील रह चुके चौधरी ने युवा एवं खेल मामलों के मंत्री के रूप में भी सेवा दी है।

चौधरी ने जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार को बड़े अंतर से हराया और बीएनपी की शीर्ष नेतृत्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं।

दीपेन दीवान – चटगांव पहाड़ी क्षेत्र कार्य मंत्री

62 वर्षीय दीपेन दीवान बौद्ध बहुल चकमा जातीय समूह से आते हैं। उन्होंने पहाड़ी जिले रंगामाटी से चुनाव जीतकर कैबिनेट में जगह बनाई। दीवान ने निर्दलीय उम्मीदवार को नजदीकी मुकाबले में हराया। पेशे से वकील, दीवान को चटगांव पहाड़ी क्षेत्र कार्य मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है।

बांग्लादेश चुनाव में अल्पसंख्यकों की भागीदारी

बांग्लादेश चुनाव आयोग के मुताबिक, 12 फरवरी को हुए चुनाव में 79 अल्पसंख्यक उम्मीदवार मैदान में थे। इनमें 10 महिलाएं शामिल थीं। बीएनपी ने छह, जमात-ए-इस्लामी ने अपने इतिहास में पहली बार एक हिंदू उम्मीदवार को टिकट दिया।

अन्य दलों की स्थिति इस प्रकार रही:

  • कम्युनिस्ट पार्टी (CPB) – 17 उम्मीदवार

  • साम्यबादी दल (BSD) – 8 उम्मीदवार

  • माइनॉरिटी जनता पार्टी (BMJP) – 8 उम्मीदवार

  • समाजवादी दल (BASOD) – 7 उम्मीदवार

इस कदम से बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की राजनीतिक भागीदारी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

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