Wednesday, February 11

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मेक्सिको अमेरिका का अगला निशाना? वेनेजुएला के बाद ट्रंप ने नए सैन्य अभियानों के दिए संकेत
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मेक्सिको अमेरिका का अगला निशाना? वेनेजुएला के बाद ट्रंप ने नए सैन्य अभियानों के दिए संकेत

  वॉशिंगटन। कभी शांति के नोबेल पुरस्कार की बात करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब आक्रामक रुख के कारण सुर्खियों में हैं। बीते कुछ हफ्तों में ट्रंप एक के बाद एक देशों को सैन्य कार्रवाई की धमकी दे चुके हैं। वेनेजुएला में हालिया अमेरिकी हमले और वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद अब ट्रंप ने मेक्सिको के ड्रग कार्टेल के खिलाफ “जमीन पर लड़ाई” शुरू करने का ऐलान कर दिया है। इससे यह आशंका गहराने लगी है कि अमेरिकी सेना का अगला निशाना मेक्सिको हो सकता है।   फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि मेक्सिको से संचालित ड्रग कार्टेल अब अमेरिका की सीधी कार्रवाई के दायरे में होंगे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब केवल समुद्री या हवाई हमले नहीं, बल्कि जमीन पर ऑपरेशन की तैयारी है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि अमेरिका ने मेक्सिको की सीमा के भीतर सीधी सैन...
ईरान के विरोध प्रदर्शनों का असर चाबहार पोर्ट पर, भारत की रणनीतिक चिंता बढ़ी
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ईरान के विरोध प्रदर्शनों का असर चाबहार पोर्ट पर, भारत की रणनीतिक चिंता बढ़ी

    तेहरान/नई दिल्ली: ईरान में करेंसी गिरावट और महंगाई के विरोध में शुरू हुए प्रदर्शन देशभर में फैल गए हैं। अब यह हिंसा और हड़ताल चाबहार पोर्ट तक पहुंच चुकी है, जिससे भारत की रणनीतिक और आर्थिक चिंताएं बढ़ गई हैं।   चाबहार पोर्ट भारत के लिए सिर्फ आर्थिक नहीं, बल्कि रणनीतिक रूप से भी अहम है। यह पोर्ट पाकिस्तान को बायपास करके अफगानिस्तान, मध्य एशिया, रूस और यूरोप तक भारत की पहुंच सुनिश्चित करता है। भारत ने यहां 500 मिलियन डॉलर का निवेश किया है और यह पोर्ट इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) में अहम कड़ी है। INSTC पारंपरिक स्वेज नहर मार्ग की तुलना में ट्रांजिट समय 25-30 दिन कम करता है और लागत लगभग 30 प्रतिशत घटाता है।   इंटेलिजेंस सूत्रों के अनुसार, हड़ताल, इंटरनेट बंद और सड़कों पर विरोध प्रदर्शन के कारण ईरान में सप्लाई-चेन प्रभावित हो रही है। इससे चाबहार...
ग्रीनलैंड में अमेरिकी सेना का अहम रक्षा बेस, अंतरिक्ष से हमलों से बचाव की रणनीति
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ग्रीनलैंड में अमेरिकी सेना का अहम रक्षा बेस, अंतरिक्ष से हमलों से बचाव की रणनीति

  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड पर नियंत्रण की इच्छा जताए जाने के बाद यह द्वीप एक बार फिर वैश्विक चर्चा का केंद्र बन गया है। ट्रंप के बयानों ने ग्रीनलैंड के पिटुफिक स्पेस बेस की अहमियत को फिर से उजागर किया है। यह बेस अमेरिका की सबसे उत्तरी मिलिट्री चौकी है, जो सैटेलाइट ट्रैकिंग और मिसाइल डिफेंस के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में कार्य करता है।   पिटुफिक बेस का रणनीतिक महत्व पिटुफिक बेस, जिसे पहले थुले एयर बेस के नाम से जाना जाता था, ग्रीनलैंड के उत्तर-पश्चिमी तट पर स्थित है। इसकी भौगोलिक स्थिति उत्तरी हवाई और अंतरिक्ष मार्गों पर निगरानी रखने के लिए अत्यधिक उपयुक्त है। यह बेस आर्कटिक क्षेत्र में रूस और चीन की बढ़ती गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, जलवायु परिवर्तन से प्रभावित होने वाले नए समुद्री मार्गों की निगरानी भी इस बेस क...
ट्रंप को मोदी का फोन नहीं, भारत-अमेरिका ट्रेड डील रुकी, अमेरिका बौखलाया
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ट्रंप को मोदी का फोन नहीं, भारत-अमेरिका ट्रेड डील रुकी, अमेरिका बौखलाया

  अमेरिका और भारत के बीच लंबे समय से तैयार ट्रेड डील अब तक साइन नहीं हो सकी। अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने दावा किया है कि डील इसलिए रुकी क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन नहीं किया। लुटनिक के अनुसार, डील पूरी तरह तैयार थी और केवल मोदी के कॉल की प्रतीक्षा थी, जो नहीं हुई।   अमेरिका का दबाव और विरोधाभासी बयान   हालांकि, 6 जनवरी को ट्रंप ने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी उनसे मिलने के लिए संपर्क करना चाहते थे और उन्होंने हां कर दी थी। लुटनिक के बयान से यह स्पष्ट हुआ कि अमेरिका चाहता था कि मोदी उनसे सीधे बात करें। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बयान भारत पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है, लेकिन इसे अमेरिकी योजना के रूप में पेश करना सही नहीं है।   अमेरिका की असली मांग   अमेरिका बार-बार डील से पीछे हट रहा है, क्योंकि ट्रंप...
ग्रीनलैंड पर ट्रंप का दांव, यूरोपीय नेता फंसे, NATO की स्थिरता पर खतरा
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ग्रीनलैंड पर ट्रंप का दांव, यूरोपीय नेता फंसे, NATO की स्थिरता पर खतरा

  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ग्रीनलैंड को अपने नियंत्रण में लेने की इच्छा जताई है, जिससे न केवल डेनमार्क बल्कि पूरे यूरोप में चिंता बढ़ गई है। यह विवाद NATO के भीतर पहले कभी नहीं देखी गई परिस्थितियों को जन्म दे रहा है, क्योंकि डेनमार्क और अमेरिका दोनों ही इस गठबंधन के सदस्य हैं।   ट्रंप का रुख और यूरोप की चिंता   सीएनएन के अनुसार, ट्रंप ग्रीनलैंड पर अपने अधिकार के लिए पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। इस संबंध में डेनमार्क के ऑटोनॉमस हिस्से पर अमेरिकी कब्जे की धमकी ने NATO को गंभीर चुनौती में डाल दिया है। NATO का सिद्धांत है कि किसी एक सदस्य पर हमला सभी पर हमला माना जाएगा, और अब यह संकट पैदा हुआ है कि एक सदस्य (अमेरिका) दूसरे सदस्य (डेनमार्क) पर दबाव डाल सकता है।   डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्न ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका उनके देश पर...
रूस ने यूक्रेन पर चलाया ‘ओरेशनिक’ हाइपरसोनिक मिसाइल, 5500 किमी तक परमाणु हमला करने की क्षमता
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रूस ने यूक्रेन पर चलाया ‘ओरेशनिक’ हाइपरसोनिक मिसाइल, 5500 किमी तक परमाणु हमला करने की क्षमता

  रूस ने यूक्रेन में जारी संघर्ष में नया मोड़ ला दिया है। रूसी सेना ने गुरुवार को अपनी सबसे घातक नई हाइपरसोनिक मिसाइल ‘ओरेशनिक’ का उपयोग कर यूक्रेन पर हमला किया। रूस का दावा है कि यह मिसाइल परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है और 5500 किलोमीटर तक किसी भी लक्ष्य को निशाना बना सकती है।   ओरेशनिक मिसाइल की विशेषताएँ   ‘ओरेशनिक’ का रूसी भाषा में अर्थ ‘हेज़लनट ट्री’ है। यह मिसाइल रूस की नवीनतम तकनीक से लैस है और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसे कई बार सराहा है। रूस के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह मिसाइल 10 गुना आवाज़ की गति (Mach 10) से उड़ान भर सकती है और दुनिया के किसी भी एयर डिफेंस सिस्टम को पार कर सकती है। इसके अलावा, यह एक साथ कई वारहेड ले जाने में सक्षम है, चाहे वह परंपरागत हो या परमाणु।   हमले का संदर्भ और वजह   रूस का कहना है कि इस हमले का मकसद यूक्रेन द...
नासा ने पहली बार ISS से मिशन बीच में ही समाप्त किया, एस्ट्रोनॉट की सेहत बिगड़ी
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नासा ने पहली बार ISS से मिशन बीच में ही समाप्त किया, एस्ट्रोनॉट की सेहत बिगड़ी

  नासा ने इतिहास में पहली बार अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से अपने मिशन को बीच में ही समाप्त करने का निर्णय लिया है। यह कदम एक अंतरिक्ष यात्री की अचानक बिगड़ी सेहत के चलते उठाया गया। नासा ने पुष्टि की है कि क्रू-11 मिशन के चार अंतरिक्ष यात्री, जो अमेरिका, जापान और रूस के थे, अब पृथ्वी पर लौटेंगे।   सेहत की वजह से मिशन को समाप्त किया गया   नासा ने एक बयान में बताया कि ISS पर मौजूद एक अंतरिक्ष यात्री की अचानक मेडिकल इमरजेंसी सामने आई, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। इस घटना के बाद नासा ने नए साल का पहला स्पेस वॉक भी रद्द कर दिया था। हालांकि, नासा ने उस एस्ट्रोनॉट की पहचान और उसकी बीमारी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है।   नासा के अधिकारी का बयान   नासा के एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड आइजकमैन ने कहा, "हमारे मेडिकल अधिकारियों ने इस फैसले को लेने का कारण यह बताया...
ईरान में प्रदर्शन उग्र, खामेनेई के खिलाफ विद्रोह, सरकारी टीवी की इमारत में आग, इंटरनेट शटडाउन
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ईरान में प्रदर्शन उग्र, खामेनेई के खिलाफ विद्रोह, सरकारी टीवी की इमारत में आग, इंटरनेट शटडाउन

  ईरान में प्रदर्शनकारियों ने एक बार फिर सड़कों पर आकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई है। हाल के दिनों में देश में विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला तेज हो गया है, और गुरुवार रात को इन प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया। प्रदर्शनकारी सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे और उन्हें सत्ता से हटाने की मांग कर रहे थे।   प्रदर्शनकारी क्या मांग रहे हैं?   देशभर के अलग-अलग शहरों में प्रदर्शनकारियों ने खामेनेई को सत्ता से बाहर करने की मांग की। इन प्रदर्शनों का मुख्य कारण महंगाई और आर्थिक संकट था, जो पहले बुरी तरह से प्रभावित कर चुका था। धीरे-धीरे यह विरोध एक बड़े राजनीतिक आंदोलन में बदल गया और अब लोग ईरान में राजशाही की वापसी की मांग कर रहे हैं।   सरकारी संपत्तियों पर हमला और हिंसा   प्रदर्शनकारियों ने सरकारी संपत्तियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ईरान के इस्...
दुनिया की सबसे महंगी मछली: पैसिफिक ब्लूफिन ट्यूना 29 करोड़ में नीलाम, जानिए इसके बारे में खास बातें
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दुनिया की सबसे महंगी मछली: पैसिफिक ब्लूफिन ट्यूना 29 करोड़ में नीलाम, जानिए इसके बारे में खास बातें

  टोक्यो: दुनिया की सबसे महंगी मछली को लेकर एक नया रिकॉर्ड बना है। जापान की राजधानी टोक्यो में पैसिफिक ब्लूफिन ट्यूना नामक मछली ने 29.20 करोड़ रुपये की नीलामी में बिककर सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यह मछली 243 किलोग्राम वजनी है और इसकी एक किलो की कीमत लगभग 12 लाख रुपये है। इसे तायाशू फिश मार्केट में बोली लगाकर खरीदा गया।   ब्लूफिन ट्यूना: समंदर की रानी   ब्लूफिन ट्यूना को "क्वीन ऑफ द सी" यानी समंदर की रानी के नाम से जाना जाता है। यह एक दुर्लभ प्रजाति की मछली है, जो प्रशांत महासागर की गहराई में पाई जाती है। इसके स्वाद का कोई मुकाबला नहीं है और इसका फैट कंटेंट इसे बेहद स्वादिष्ट और पौष्टिक बनाता है। यही वजह है कि इस मछली की पूरी दुनिया में भारी मांग है।   क्यों है इतनी डिमांड?   ब्लूफिन ट्यूना का सेवन जापान में खासतौर पर सुशी और साशिमी बनाने के लिए किया जाता है...
अमेरिकी नागरिकों के लिए चेतावनी: इन 20 देशों में यात्रा बिल्कुल न करें ट्रंप प्रशासन ने जारी की लेवल-4 ट्रैवल एडवाइजरी, जानें पूरी सूची
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अमेरिकी नागरिकों के लिए चेतावनी: इन 20 देशों में यात्रा बिल्कुल न करें ट्रंप प्रशासन ने जारी की लेवल-4 ट्रैवल एडवाइजरी, जानें पूरी सूची

      अमेरिका की सरकार ने अपने नागरिकों को 20 से अधिक देशों में यात्रा न करने की सख्त चेतावनी जारी की है। यह लेवल-4 ट्रैवल एडवाइजरी के तहत दी गई है, जिसे अमेरिकी विदेश विभाग की सबसे गंभीर श्रेणी माना जाता है। इसमें शामिल देशों को सुरक्षा और जीवन के लिए गंभीर खतरा माना गया है, और अमेरिका के पास इन देशों में अपने नागरिकों की सहायता करने की सीमित क्षमता है।   एडवाइजरी का मकसद   अमेरिकी विदेश विभाग का कहना है कि लेवल-4 एडवाइजरी उन देशों के लिए होती है, जहां सशस्त्र संघर्ष, आतंकवाद, नागरिक अशांति, अपहरण के जोखिम या बुनियादी सेवाओं की कमी जैसी परिस्थितियां आम हैं। एडवाइजरी में शामिल देशों में अधिकांश स्थानों पर अमेरिकी राजनयिक उपस्थिति बहुत सीमित या बिल्कुल नहीं है। ऐसे में वहां फंसने पर अमेरिकी सरकार नागरिकों को सहायता देने में असमर्थ हो सकती है।   लेवल-4 ...