Tuesday, January 27

F-35 डील पर अमेरिका ने कनाडा को दी चेतावनी, एयरस्पेस में भेजे जा सकते हैं फाइटर जेट

 

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ओटावा/वॉशिंगटन: अमेरिका और कनाडा के बीच F-35 फाइटर जेट डील को लेकर तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी राजदूत पीट होएकस्ट्रा ने चेतावनी दी है कि अगर कनाडा 88 F-35 जेट खरीदने के अपने फैसले से पीछे हटता है, तो अमेरिका को NORAD (नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड) में बदलाव करना पड़ सकता है और अमेरिकी फाइटर जेट कनाडा के एयरस्पेस में तैनात किए जा सकते हैं।

 

NORAD कनाडा और अमेरिका के बीच दशकों पुरानी साझेदारी है, जो क्षेत्रीय खतरों पर नजर रखती है और जरूरत पड़ने पर हथियारों से लैस जेट भेजकर उन्हें रोकती है। होएकस्ट्रा ने कहा कि अगर कनाडा कम जेट खरीदता है तो अमेरिका सुरक्षा की खामियों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाएगा, जिसमें कनाडाई एयरस्पेस में अमेरिकी फाइटर जेट तैनात करना भी शामिल है।

 

कनाडा ने 2022 में लॉकहीड मार्टिन के साथ 88 F-35A एडवांस फाइटर जेट खरीदने का समझौता किया था। लेकिन डील की लागत बढ़कर 27.7 अरब डॉलर हो गई और राष्ट्रपति ट्रंप की धमकियों के बाद कनाडा की कार्नी सरकार ने इसे फिर से समीक्षा के लिए रखा है। रिपोर्ट के अनुसार, कनाडा अब स्वीडिश कंपनी SAAB के JAS 39 ग्रिपेन E फाइटर जेट की ओर भी देख रहा है, जिससे वहां 12,600 नौकरियां पैदा हो सकती हैं।

 

अमेरिका ने स्वीडिश जेट की संभावना पर चिंता जताई है और कहा कि अगर कनाडा ग्रिपेन जेट खरीदता है, तो NORAD पर पुनर्विचार करना पड़ेगा। अमेरिकी राजदूत ने कहा कि कमतर उत्पाद खरीदने से रक्षा क्षमता प्रभावित हो सकती है।

 

कनाडाई विशेषज्ञों ने अमेरिकी चेतावनी को अधिक महत्व न देने की सलाह दी है। कनाडा में हाल ही के सर्वेक्षण में 72 प्रतिशत लोग F-35 की बजाय स्वीडिश ग्रिपेन जेट खरीदने के पक्ष में हैं।

 

डेनमार्क की संसद ने भी F-35 की खामियों का हवाला देते हुए इसे चुनने से दोबारा सोचने की चेतावनी दी थी। विशेषज्ञों के अनुसार, कनाडा को अब अपने विकल्पों पर ध्यान देना होगा और अमेरिकी दबाव के बीच अपने रक्षा हितों का संतुलन बनाना होगा।

 

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