
ब्रसेल्स: नाटो (NATO) के महासचिव मार्क रट ने सोमवार को यूरोपीय संसद में स्पष्ट कहा कि अमेरिका के बिना यूरोप अपनी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यूरोप सच में अकेले अपनी रक्षा करना चाहे तो उसे अपने सैन्य खर्च को दोगुना से भी अधिक करना होगा और अपनी परमाणु क्षमता विकसित करनी होगी।
रट ने कहा, “अगर कोई सोचता है कि यूरोपीय यूनियन या पूरा यूरोप अमेरिका के बिना खुद की रक्षा कर सकता है, तो यह सिर्फ सपना है। हमें एक-दूसरे की जरूरत है।” उन्होंने जोड़ते हुए कहा कि अकेले चलने की कोशिश में यूरोप अमेरिकी परमाणु छतरी खो देगा, जो आजादी और सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी है।
नाटो चीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आर्कटिक और सामूहिक सुरक्षा नीति की तारीफ की और कहा कि समुद्री रास्तों के खुलने के कारण चीन और रूस अधिक सक्रिय हो रहे हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि ट्रंप की तारीफ के कारण आलोचना हो सकती है।
मार्क रट की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब ग्रीनलैंड पर ट्रंप की नई टैरिफ और कब्जे की धमकियों से अमेरिका और यूरोप के बीच तनाव बढ़ा हुआ था। रट की मध्यस्थता के बाद द्वीप पर डील के लिए प्रारंभिक रूपरेखा बनी, जिससे तत्काल संकट टला।
नाटो महासचिव ने स्पष्ट किया कि यूरोप अकेले अपनी रक्षा करने का प्रयास करे तो जीडीपी का 10 प्रतिशत रक्षा पर खर्च करना होगा, जबकि 2035 तक कुल रक्षा खर्च केवल 5 प्रतिशत तय किया गया था। इसके अलावा, यूरोप को अपनी परमाणु क्षमता के लिए अरबों-खरबों यूरो खर्च करने होंगे।