
अबू धाबी/वॉशिंगटन: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने स्पष्ट किया है कि वह ईरान के खिलाफ किसी भी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के लिए अपने एयरस्पेस, समुद्री सीमा या इलाके का इस्तेमाल नहीं होने देगा। UAE के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में तटस्थता और क्षेत्रीय स्थिरता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि बातचीत, तनाव कम करना, अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन और देशों की संप्रभुता का सम्मान ही मौजूदा संकटों का सबसे प्रभावी समाधान है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले सप्ताह संकेत दिया था कि मिडिल ईस्ट की ओर बड़ा अमेरिकी बेड़ा बढ़ रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की है कि विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन मिडिल ईस्ट क्षेत्र में तैनात कर दिया गया है। सोमवार को यह स्ट्राइक कैरियर हिंद महासागर में पहुंचा था। इस कदम से अटकलें बढ़ गई हैं कि अमेरिका ईरान पर सैन्य कार्रवाई का विकल्प चुन सकता है।
पिछले महीने ईरान में बिगड़ती आर्थिक स्थिति और सरकारी नीतियों के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद वॉशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव और गहरा गया है। ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि किसी भी अमेरिकी हमले का जवाब तेज और व्यापक होगा। वहीं अमेरिकी प्रशासन ने कहा है कि तेहरान के प्रति सभी विकल्प खुले हैं, जिनमें सैन्य कार्रवाई भी शामिल है।
विशेषज्ञों के अनुसार, USS अब्राहम लिंकन की तैनाती से मिडिल ईस्ट क्षेत्र में हजारों अमेरिकी सैनिक बढ़ गए हैं। यह अक्टूबर के बाद क्षेत्र में पहुंचाया गया पहला एयरक्राफ्ट कैरियर है। UAE के तटस्थ बयान और अमेरिकी सैन्य गतिविधियों के बीच क्षेत्रीय स्थिरता और संकट प्रबंधन पर अंतरराष्ट्रीय निगाहें केंद्रित हैं।