भारत बनाएगा नया रिकॉर्ड: 2030 तक 9 गीगावाट तक बढ़ेगी डेटा सेंटरों की क्षमता, लेकिन बिजली का सवाल बना चुनौती
नई दिल्ली: भारत में डेटा सेंटरों की क्षमता तेजी से बढ़ रही है। पिछले साल यह करीब 1.4 गीगावाट थी, लेकिन 2030 तक यह 9 गीगावाट तक पहुंचने का अनुमान है। यदि यह लक्ष्य पूरा हुआ, तो भारत एक नया रिकॉर्ड कायम करेगा। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि इतनी विशाल क्षमता वाले डेटा सेंटरों के लिए आवश्यक बिजली कहां से आएगी।
डेटा सेंटरों को चाहिए भारी बिजलीडेटा सेंटर 24 घंटे काम करते हैं और इसके लिए बड़ी मात्रा में बिजली की जरूरत होती है। पहले हाइड्रो और थर्मल पावर से काम चल जाता था, लेकिन अब यह पर्याप्त नहीं है। इसलिए सोलर और विंड एनर्जी के स्रोत बढ़ाए जा रहे हैं। साथ ही बैटरी स्टोरेज सिस्टम से बिजली की आपूर्ति स्थिर रखने की योजना है।
भारत ने Renewable Energy में रखा बड़ा लक्ष्यट्रेड ब्रेन्स की रिपोर्ट के अनुसार भारत सरकार ने 2030 तक 500 गीगावाट Renewable Energy क्षमता बनाने का लक्ष्य रखा है। इसमें सबसे बड...










