Sunday, June 21

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गूगल क्रोम में आया ‘ऑटो ब्राउज’ फीचर, जीमेल खोले बिना ईमेल लिखें और भेजें
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गूगल क्रोम में आया ‘ऑटो ब्राउज’ फीचर, जीमेल खोले बिना ईमेल लिखें और भेजें

    गूगल ने अपने क्रोम ब्राउज़र में Gemini AI असिस्टेंट को जोड़ा है, जिसका नया फीचर ‘ऑटो ब्राउज’ यूजर्स के लिए इंटरनेट और ईमेल की दुनिया को आसान बना देगा। यह AI असिस्टेंट वेबसाइट खोलने, क्लिक करने और जीमेल खोले बिना ईमेल लिखने और भेजने की सुविधा देता है।   कैसे काम करेगा ‘ऑटो ब्राउज’?   यूजर की तरफ से वेबसाइट खोलना और उन पर क्लिक करना। जीमेल ओपन किए बिना मेल लिखना और भेजना। ट्रिप प्लानिंग और शॉपिंग जैसे कामों को आसान बनाना। परिवार के लिए एयरलाइन और होटल की कीमतों की तुलना करना।   कौन-कौन से काम करेगा AI एजेंट? गूगल क्रोम की वाइस प्रेसिडेंट Parisa Tabriz के अनुसार, इस फीचर का इस्तेमाल करके यूजर्स:   अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं टैक्स डॉक्यूमेंट इकट्ठा कर सकते हैं बिल चेक और एक्सपेंस रिपोर्ट फाइल कर सकते हैं ड्राइविंग लाइ...
कपड़े उतारने वाले AI ऐप्स Apple और Google स्टोर्स पर, महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा खतरा
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कपड़े उतारने वाले AI ऐप्स Apple और Google स्टोर्स पर, महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा खतरा

  टेक ट्रांसपेरेंसी प्रोजेक्ट (TTP) की एक रिपोर्ट में सामने आया है कि गूगल प्ले स्टोर और ऐपल ऐप स्टोर पर दर्जनों ऐसे AI ऐप्स मौजूद हैं, जो किसी भी साधारण तस्वीर को अश्लील इमेज में बदल सकते हैं। इन ऐप्स को तकनीकी भाषा में Nudify ऐप्स कहा जाता है।   खतरे की तस्वीर रिपोर्ट के अनुसार, इन ऐप्स का डाउनलोड और इस्तेमाल महिलाओं की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। AppMagic के आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया भर में इन ऐप्स को 70.5 करोड़ से ज्यादा बार डाउनलोड किया गया है और इनकी कमाई लगभग 117 मिलियन डॉलर (970 करोड़ रुपये) तक पहुंच चुकी है। इन ऐप्स की होने वाली कमाई का हिस्सा एप्पल और गूगल भी कमीशन के रूप में लेते हैं।   Apple और Google की कार्रवाई TTP की रिपोर्ट के बाद Apple ने 28 ऐप्स को हटाने की जानकारी दी, जबकि Google ने कई ऐप्स को सस्पेंड किया और जांच जारी है। लेकिन TTP क...
हिरोशिमा के वैज्ञानिकों ने स्मार्टफोन को बनाया ‘रेडिएशन डिटेक्टर’, जानें कैसे काम करेगा
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हिरोशिमा के वैज्ञानिकों ने स्मार्टफोन को बनाया ‘रेडिएशन डिटेक्टर’, जानें कैसे काम करेगा

    जापान के हिरोशिमा विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा उपकरण विकसित किया है, जो स्मार्टफोन को पोर्टेबल रेडिएशन डिटेक्टर में बदल देता है। यह तकनीक परमाणु या रेडियोलॉजिकल घटनाओं के तुरंत बाद विकिरण का असर मापने में मदद करेगी।   कैसे काम करता है सिस्टम? इस डिवाइस में रेडियोक्रोमिक फिल्म और स्मार्टफोन कैमरा जोड़ा गया है। फिल्म विकिरण के संपर्क में आने पर तुरंत रंग बदलती है, जिसे आंखों से देखा जा सकता है। इसके बाद स्मार्टफोन कैमरे से फिल्म की तस्वीर खींचकर मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए डोज यानी विकिरण की मात्रा का विश्लेषण किया जाता है। रिसर्चर्स ने बताया कि यह सिस्टम 10 ग्रे तक की डोज माप सकता है।   क्यों महत्वपूर्ण है यह खोज? हिरोशिमा विश्वविद्यालय के इंस्टिट्यूट फॉर रेडिएशन बायोलॉजी एंड मेडिसिन के प्रोफेसर हिरोशी यासुदा के अनुसार, बड़े पैमाने पर परमाणु या रेडियोलॉ...
सैमसंग का धारदार S24 Ultra फाड़ रहा लोगों की पैंट, डिजाइन बना मुसीबत
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सैमसंग का धारदार S24 Ultra फाड़ रहा लोगों की पैंट, डिजाइन बना मुसीबत

    स्मार्टफोन की बढ़ती कीमतें अक्सर लोगों की जेब भारी करती हैं, लेकिन सैमसंग गैलेक्सी S24 Ultra ने इस बार अपने धारदार किनारों से सीधे लोगों की पैंट की जेब फाड़ने का दावा कर दिया है। इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यूजर्स ने अपने फटी हुई पैंट्स और जेबों की तस्वीरें शेयर कर इसे साबित किया है।   S24 Ultra की डिज़ाइन ने बनाई परेशानी S24 Ultra का यह प्रीमियम मॉडल पहले भी अपने शार्प किनारों के लिए चर्चा में था। उपयोगकर्ताओं का कहना है कि फोन को जेब में रखते समय किनारे बार-बार रगड़ खाते हैं, जिससे महंगे कपड़े फट जाते हैं। फोन को लंबे समय तक हाथ में पकड़ने पर किनारे चुभने की शिकायत भी सामने आई।   कर्व्ड डिजाइन की ओर बढ़ा सैमसंग इस अनुभव के बाद सैमसंग ने अपने अगली पीढ़ी के S25 Ultra में किनारों को कर्व्ड आकार देने का निर्णय लिया। वहीं, S24 Ultra के कुछ यूजर्स इसे...
ट्रंप विरोधी सेंसरशिप और टेक्निकल दिक्कतों के चलते अमेरिका में TikTok ऐप को कर रहे हैं डिलीट
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ट्रंप विरोधी सेंसरशिप और टेक्निकल दिक्कतों के चलते अमेरिका में TikTok ऐप को कर रहे हैं डिलीट

    अमेरिका में सोशल मीडिया पर TikTok के यूजर्स की संख्या अचानक घटने लगी है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में ऐप को डिलीट करने वाले अमेरिकी यूजर्स की संख्या 150% तक बढ़ गई है। यह गिरावट ऐप की नई प्राइवेसी पॉलिसी, सेंसरशिप की आशंका और तकनीकी समस्याओं के कारण हुई है।   क्यों बढ़ी चिंता? TikTok ने अमेरिका में अपने ऑपरेशंस को नए जॉइंट वेंचर के तहत चलाने का ऐलान किया। इसके साथ ही नई प्राइवेसी पॉलिसी भी आई, जिसमें साफ लिखा गया कि ऐप यूजर्स का संवेदनशील डेटा—जैसे जातीय मूल, यौन झुकाव, लिंग पहचान, नागरिकता और वित्तीय जानकारी—इकट्ठा कर सकता है। कंपनी का कहना है कि यह शर्तें पुरानी हैं, लेकिन यूजर्स की प्राइवेसी को लेकर डर बढ़ गया।   टेक्निकल समस्याओं और सेंसरशिप का आरोप 25 जनवरी को TikTok में बड़ी तकनीकी समस्या आई। रिपोर्ट्स के अनुसार करीब 36,000 यूजर्स ने शिकायत क...
पेन ड्राइव सिर्फ स्टोरेज के लिए नहीं, जानें 5 छिपे हुए जादुई इस्तेमाल
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पेन ड्राइव सिर्फ स्टोरेज के लिए नहीं, जानें 5 छिपे हुए जादुई इस्तेमाल

      अक्सर लोग सोचते हैं कि पेन ड्राइव सिर्फ फोटो, वीडियो या फाइलें स्टोर करने के काम आती है। लेकिन यह सोच केवल 1% सच है। असल में पेन ड्राइव कई ऐसे काम कर सकती है, जिनके बारे में ज्यादातर लोग अनजान हैं।   कंप्यूटर की डिजिटल चाबी बनाएं हर कंप्यूटर या लैपटॉप में फिंगरप्रिंट स्कैनर नहीं होता। ऐसे में बार-बार पासवर्ड टाइप करना थकाऊ हो सकता है। USB Raptor जैसे टूल की मदद से आप अपनी पेन ड्राइव को एक ‘डिजिटल चाबी’ बना सकते हैं। पेन ड्राइव सिस्टम में लगाते ही कंप्यूटर खुल जाएगा और निकालते ही लॉक हो जाएगा। यह तरीका न सिर्फ यूजर्स के लिए आसान है बल्कि सिस्टम की सुरक्षा भी बढ़ाता है।   पेन ड्राइव में ऐप्स रखें पेन ड्राइव पर पोर्टेबल ऐप्स इंस्टॉल कर आप अपने कंप्यूटर की स्टोरेज बचा सकते हैं। लोकप्रिय ऐप्स जैसे GIMP, Chrome, Firefox और TeamViewer के पोर्टेब...
अब बोलकर होंगी फोटो एडिट, गूगल ने एंड्रॉयड यूजर्स को दिया तोहफा
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अब बोलकर होंगी फोटो एडिट, गूगल ने एंड्रॉयड यूजर्स को दिया तोहफा

      गूगल ने अमेरिका के बाद अब भारत में भी अपने एआई-पावर्ड फोटो एडिटिंग टूल की सुविधा पेश की है। एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स अब गूगल फोटोज ऐप में केवल बोलकर या टाइप करके अपनी तस्वीरों को एडिट कर सकते हैं।   इस नए फीचर के जरिए फोटो एडिटिंग सिर्फ अंग्रेजी में ही नहीं, बल्कि हिंदी, मराठी, तमिल, तेलुगु, गुजराती और बंगाली जैसी स्थानीय भाषाओं में भी की जा सकेगी। इसके लिए जरूरी है कि आपका फोन कम से कम 4GB रैम वाला हो और एंड्रॉयड 8 या उससे ऊपर के ऑपरेटिंग सिस्टम पर चले।   गौरतलब है कि ‘Ask Photos’ फीचर अब तक केवल पिक्सल 10 स्मार्टफोन यूजर्स के लिए उपलब्ध था और अमेरिका में ही इसे इस्तेमाल किया जा सकता था। अब इसे भारत में सभी एंड्रॉयड यूजर्स के लिए खोल दिया गया है। इसके साथ ही गूगल फोटोज ऐप का इंटरफ़ेस भी नए फीचर को सपोर्ट करने के लिए अपडेट किया गया है।   एआई क...
अमेरिका को ठेंगा, चीन को टक्कर: भारत का 2030 तक ‘टेक सुपरपावर’ बनने का महाप्लान
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अमेरिका को ठेंगा, चीन को टक्कर: भारत का 2030 तक ‘टेक सुपरपावर’ बनने का महाप्लान

    भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हाल ही में हुई ऐतिहासिक डील देश को 2030 तक टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में वैश्विक शक्ति बनाने की दिशा में अहम साबित होगी। इस डील में सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग और 6G जैसी अत्याधुनिक तकनीकों पर काम करने का रोडमैप तय किया गया है।   ‘Towards 2030’ नामक यह एजेंडा सिर्फ एक समझौता नहीं, बल्कि भारत को दुनिया का टेक हब बनाने का ब्लूप्रिंट है। इस डील से भारत न केवल डिजिटल इनोवेशन और सुरक्षा में आगे बढ़ेगा, बल्कि मेड-इन-इंडिया तकनीक और रोजगार के नए अवसर भी वैश्विक स्तर पर स्थापित होंगे।   डिजिटल ताकत में भारत का वर्चस्व   डील के तहत भारत और यूरोप मिलकर सेमीकंडक्टर, AI, क्वांटम कंप्यूटिंग और 6G पर काम करेंगे। खास बात यह है कि भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर यूरोप भी अपनाएगा। इससे एक सुरक्षित डिजिटल...
टेक न्यूज़, 28 जनवरी: आधार, वॉट्सऐप, ओपनएआई, ऐपल और गूगल की बड़ी अपडेट्स
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टेक न्यूज़, 28 जनवरी: आधार, वॉट्सऐप, ओपनएआई, ऐपल और गूगल की बड़ी अपडेट्स

    28 जनवरी की प्रमुख टेक्नोलॉजी खबरों में शामिल हैं— आधार कार्ड मोबाइल नंबर अपडेट, वॉट्सऐप का नया फीचर, ओपनएआई का प्रिज़्म टूल, ऐपल एयरटैग का भारत लॉन्च और गूगल एआई प्लस का विस्तार। यहां फटाफट इन पांच बड़ी खबरों पर एक नजर:   आधार कार्ड में मोबाइल नंबर अपडेट अब कभी भी और कहीं भी   यूआईडीएआई ने ऐलान किया है कि अब आधार कार्ड में दर्ज मोबाइल नंबर को घर बैठे, कहीं से भी अपडेट किया जा सकेगा। इसके लिए नया आधार ऐप जारी किया गया है, जिसे प्ले स्टोर और ऐप स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। इस सुविधा से अब लोगों को आधार सेंटर तक जाने की जरूरत नहीं रहेगी। 28 जनवरी को यूआईडीएआई दिवस के अवसर पर यह सुविधा शुरू हो रही है।   वॉट्सऐप का नया फीचर ‘स्ट्रिक्ट अकाउंट सेटिंग्स’   वॉट्सऐप ने विवादों के बीच नया ‘स्ट्रिक्ट अकाउंट सेटिंग्स’ फीचर पेश किया है। इसे ऑ...
टेक इतिहास: जब रविवार की सुबह स्टीव जॉब्स ने गूगल को फोन कर ‘पीले रंग’ पर जताई आपत्ति
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टेक इतिहास: जब रविवार की सुबह स्टीव जॉब्स ने गूगल को फोन कर ‘पीले रंग’ पर जताई आपत्ति

    तकनीक की दुनिया में स्टीव जॉब्स को सिर्फ Apple के सह-संस्थापक या सीईओ के रूप में नहीं, बल्कि एक असाधारण परफेक्शनिस्ट और दूरदर्शी के तौर पर याद किया जाता है। उनकी इसी बारीकी पर पकड़ का एक दिलचस्प किस्सा आज भी टेक इंडस्ट्री में मिसाल के रूप में पेश किया जाता है। यह घटना वर्ष 2008 की है, जब स्टीव जॉब्स ने गूगल के लोगो में इस्तेमाल किए गए पीले रंग को लेकर कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी को रविवार की सुबह फोन कर दिया था।   यह किस्सा गूगल के पूर्व वाइस प्रेसिडेंट विक गुंडोत्रा ने साझा किया था। उस समय iPhone नया-नया लॉन्च हुआ था और मोबाइल इंटरनेट के अनुभव को नई दिशा दे रहा था।   रविवार की सुबह आया ‘अर्जेंट’ फोन   विक गुंडोत्रा के अनुसार, जनवरी 2008 की एक रविवार सुबह उन्हें स्टीव जॉब्स का फोन आया। जॉब्स ने बातचीत की शुरुआत यह कहते हुए की कि एक बेहद जरूरी समस्या है, ज...