Wednesday, April 1

Uttar Pradesh

नोएडा में गैंगस्टर रवि काना के नाम पर पत्रकार को धमकी, आरोपी मीडियाकर्मी हिरासत में
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नोएडा में गैंगस्टर रवि काना के नाम पर पत्रकार को धमकी, आरोपी मीडियाकर्मी हिरासत में

नोएडा। गैंगस्टर रवि काना से जुड़े एक मीडियाकर्मी को पुलिस ने हिरासत में लिया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने विदेशी नंबरों से कॉल और मैसेज कर एक अन्य पत्रकार को रवि काना के खिलाफ खबरें न चलाने की धमकी दी। पुलिस के अनुसार, आरोपी को मंगलवार रात सेक्टर-93, गेझा से पकड़ा गया। प्रारंभिक जांच में उसके रवि काना और उसके गिरोह के लोगों से संपर्क के संकेत मिले हैं। आरोपी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर पूछताछ की जा रही है। विदेशी नंबरों से मिली जान से मारने की धमकी पीड़ित पत्रकार ने बताया कि 12 फरवरी को शाम करीब 5 बजे उनके मोबाइल पर यूके (+44) नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को रवि काना का करीबी बताया और कहा कि उसके खिलाफ कोई खबर प्रसारित न की जाए। चेतावनी दी गई कि पांच दिन के भीतर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इसके बाद 15 फरवरी को थाईलैंड (+66) नंबर से दोबारा कॉल और मैसेज आया, जिसमें लिखा था:“दो ...
सीबीएसई परीक्षा के बीच नोएडा के 12 स्कूलों को बम धमकी, अभिभावक चिंतित, पुलिस जांच में जुटी
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सीबीएसई परीक्षा के बीच नोएडा के 12 स्कूलों को बम धमकी, अभिभावक चिंतित, पुलिस जांच में जुटी

नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा में करीब एक दर्जन स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। यह धमकी ईमेल के जरिए भेजी गई थी, जिससे परीक्षा चल रहे छात्रों और उनके अभिभावकों में चिंता की लहर फैल गई। सूचना मिलते ही नोएडा पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड ने स्कूल परिसरों में सघन जांच शुरू कर दी। सुरक्षा के मद्देनजर स्कूलों को खाली कराया गया और छात्रों को मैदान में इकट्ठा किया गया। फिलहाल जांच में किसी भी स्थान से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। हॉक्स मेल का मामला सामने आया पुलिस ने बताया कि यह मामला हॉक्स मेल का है। ईमेल में स्कूलों को धमकी दी गई थी कि उन्हें उड़ाया जाएगा। स्कूल प्रशासन ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद जांच प्रक्रिया शुरू हुई। पुलिस और स्कूल प्रशासन ने एहतियात बरतते हुए सभी छात्रों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया और परिसर...
विधायकों का फोन नहीं उठाया तो कमांड सेंटर से जाएगा अलर्ट, ‘संवाद सेतु’ एप से बनेगा सीधा संपर्क
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विधायकों का फोन नहीं उठाया तो कमांड सेंटर से जाएगा अलर्ट, ‘संवाद सेतु’ एप से बनेगा सीधा संपर्क

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अधिकारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों के फोन कॉल न उठाने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। हाल ही में यह मुद्दा विधानसभा में जोर-शोर से उठाए जाने के बाद सरकार ने अब इस पर सख्त कदम उठाने की तैयारी कर ली है। सरकार ने निर्णय लिया है कि यदि कोई अधिकारी विधायक या जनप्रतिनिधि का फोन समय पर रिसीव नहीं करता है, तो कमांड सेंटर से तत्काल अलर्ट जारी किया जाएगा। इस नई व्यवस्था के तहत जनप्रतिनिधियों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के लिए सरकार ‘संवाद सेतु’ एप (Samvad Setu App) विकसित कर रही है, जिसके माध्यम से अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद को मजबूत किया जाएगा। 10 मिनट में कॉल बैक करना होगा अनिवार्य नई व्यवस्था के अनुसार यदि किसी जनप्रतिनिधि द्वारा किसी अधिकारी को कॉल किया जाता है, तो अधिकारी को कॉल रिसीव करना अनिवार्य होगा। यदि किसी कारणवश अधिकारी कॉल न...
नोएडा में बसंत की बहार, शिवालिक पार्क में आज से भव्य फ्लावर शो का आगाज़
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नोएडा में बसंत की बहार, शिवालिक पार्क में आज से भव्य फ्लावर शो का आगाज़

नोएडा। बसंत ऋतु की शुरुआत के साथ ही नोएडा में रंग-बिरंगे फूलों की छटा बिखर गई है। शहर के सेक्टर-33 स्थित शिवालिक पार्क में आज से भव्य फ्लावर शो (पुष्प प्रदर्शनी) की शुरुआत हो रही है। यह पुष्प प्रदर्शनी 22 फरवरी तक आयोजित की जाएगी। खास बात यह है कि इस आयोजन में आमजन के लिए प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है। फ्लावर शो का उद्घाटन आज दोपहर 2 बजे किया जाएगा, जिसमें स्थानीय सांसद सहित कई गणमान्य अतिथि शामिल होंगे। पार्क को रंगीन फूलों, सजावटी पौधों और आकर्षक रोशनी से विशेष रूप से सजाया गया है। इस बार थीम आधारित फूलों की आकृतियां प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण होंगी। अधिकारियों के अनुसार, इस बार फ्लावर शो में पहले की तुलना में अधिक विविधता और रचनात्मकता देखने को मिलेगी। प्रदर्शनी में देश-विदेश की कई दुर्लभ प्रजातियों के फूल शामिल किए गए हैं। यहां गुलाब, गेंदा, ऑर्किड, पेटूनिया, डहेलिया, लिली सहित ...
इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने पलटा, निजी अंग पकड़ना और नाड़ा खोलना ‘दुष्कर्म के प्रयास’ की श्रेणी में
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इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने पलटा, निजी अंग पकड़ना और नाड़ा खोलना ‘दुष्कर्म के प्रयास’ की श्रेणी में

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद हाई कोर्ट के एक फैसले को लेकर हाल के दिनों में देशभर में बहस छिड़ गई थी। हाई कोर्ट ने एक मामले में यह कहते हुए दुष्कर्म के प्रयास की धाराओं को हटाने का आदेश दिया था कि युवती के निजी अंग पकड़ना और कपड़ों के नाड़े से छेड़छाड़ करना ‘दुष्कर्म की कोशिश’ नहीं बल्कि केवल ‘तैयारी’ है। अब इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है और स्पष्ट किया है कि ऐसी हरकतें दुष्कर्म के प्रयास का अपराध बनती हैं। चीफ जस्टिस की पीठ ने सुनाया अहम फैसला इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति एन. वी. अंजारिया की पीठ ने की। सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने स्थापित आपराधिक कानून के सिद्धांतों की गलत व्याख्या और गलत इस्तेमाल किया है। शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट के आदेश को रद्द करते हुए कासगंज के व...
IIT कानपुर की रिसर्च से बढ़ी चिंता: बड़े भूकंप में कानपुर और प्रयागराज को सबसे ज्यादा खतरा, लिक्विफेक्शन से भारी नुकसान की आशंका
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IIT कानपुर की रिसर्च से बढ़ी चिंता: बड़े भूकंप में कानपुर और प्रयागराज को सबसे ज्यादा खतरा, लिक्विफेक्शन से भारी नुकसान की आशंका

कानपुर। उत्तर प्रदेश में भूकंप को लेकर लापरवाही अब भारी पड़ सकती है। साल 2015 में नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप के झटके यूपी तक महसूस किए गए थे, जिससे प्रदेश के कई इलाकों में दहशत फैल गई थी। हालांकि उस घटना के बाद भी भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा को लेकर कोई ठोस तैयारी नहीं हो सकी। अब आईआईटी कानपुर की एक विस्तृत रिसर्च ने प्रदेश के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों के अनुसार यदि गंगा के मैदानी क्षेत्रों में 6.5 या उससे अधिक तीव्रता का भूकंप आता है, तो कानपुर और प्रयागराज में भारी तबाही हो सकती है। रिसर्च के मुताबिक इन दोनों शहरों की मिट्टी की संरचना ऐसी है, जो भूकंप के दौरान लिक्विफेक्शन जैसी खतरनाक प्रक्रिया को बढ़ावा दे सकती है। लिक्विफेक्शन से सबसे बड़ा खतरा सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर निहार रंजन पात्रा के अनुसार कानपुर और प्रयागराज की जमीन में बालू की मात...
घर वापसी के मुद्दे पर अरशद मदनी का विवादित बयान, वीडियो वायरल होने के बाद मचा हंगामा
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घर वापसी के मुद्दे पर अरशद मदनी का विवादित बयान, वीडियो वायरल होने के बाद मचा हंगामा

सहारनपुर। जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष और दारुल उलूम देवबंद के प्रिंसिपल मौलाना अरशद मदनी का एक बयान इन दिनों राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। सहारनपुर में आयोजित एक यूनिटी कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कथित तौर पर ‘घर वापसी’ को लेकर ऐसा बयान दिया, जिसे कई लोग भड़काऊ और विवादित बता रहे हैं। उनके भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद विरोध और समर्थन दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। 20 करोड़ मुसलमानों और 6 करोड़ ईसाइयों की घर वापसी पर टिप्पणीमौलाना अरशद मदनी ने अपने संबोधन में कहा कि आज कुछ संगठन और लोग यह दावा कर रहे हैं कि देश के 20 करोड़ मुसलमानों और 6 करोड़ ईसाइयों की ‘घर वापसी’ कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि इसका सीधा मतलब यह है कि इन समुदायों को हिंदू बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ...
हाई कोर्ट लखनऊ का बड़ा आदेश: खतरनाक ‘चाइनीज मांझे’ के निर्माण-प्रयोग पर कानून बनाएं
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हाई कोर्ट लखनऊ का बड़ा आदेश: खतरनाक ‘चाइनीज मांझे’ के निर्माण-प्रयोग पर कानून बनाएं

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में चाइनीज मांझे के प्रयोग और उनसे होने वाली घटनाओं पर लखनऊ बेंच ने कड़ा रुख अपनाया है। हाई कोर्ट ने कहा कि केवल सरकार के आदेश जारी कर देना पर्याप्त नहीं है। खतरनाक मांझों की निर्माण, बिक्री और उपयोग पर रोक लगाने के लिए कानून बनाना आवश्यक है। मामले का सार हाई कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि चाइनीज मांझों का निर्माण, बिक्री या प्रयोग जारी रहा, तो पीड़ितों को मुआवजा देने का आदेश भी जारी किया जा सकता है। अगली सुनवाई 11 मार्च को होगी, जब राज्य सरकार को जवाबी हलफनामा दाखिल करना होगा। जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस ए.के. चौधरी की खंडपीठ ने यह आदेश स्थानीय वकील मोतीलाल यादव की जनहित याचिका पर दिया। हाल के हादसे याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि फरवरी में 9 दिन में एक मौत और 8 लोग घायल हुए हैं। सबसे अधिक घटनाएं फ्लाईओवर और मुख्य सड़कों पर हुईं। कुछ प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैं: 1...
इलाहाबाद हाई कोर्ट का बड़ा निर्देश: भरण-पोषण इतनी राशि न हो कि पति पर बोझ पड़े
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इलाहाबाद हाई कोर्ट का बड़ा निर्देश: भरण-पोषण इतनी राशि न हो कि पति पर बोझ पड़े

प्रयागराज: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भरण-पोषण के मामले में कहा है कि राशि न इतनी अधिक हो कि पति के लिए असहनीय बोझ बन जाए और न ही इतनी कम कि पत्नी और बच्चे अभाव में जीवन बिताने को मजबूर हों। न्यायमूर्ति मदन पाल सिंह की एकलपीठ ने पारिवारिक न्यायालय द्वारा निर्धारित 16 हजार रुपये प्रतिमाह की राशि घटाकर 8 हजार रुपये प्रतिमाह कर दी। मामला और आदेश फतेहपुर के पारिवारिक न्यायालय ने 22 अप्रैल 2025 को पति की आय 32 हजार रुपये प्रतिमाह मानते हुए पत्नी को 10 हजार और बेटे को 6 हजार रुपये प्रतिमाह देने का आदेश दिया था। पति अनिल कुमार ने इसे इलाहाबाद हाई कोर्ट में चुनौती दी। उनके वकील ने दलील दी कि 16 हजार रुपये उनके लिए बहुत अधिक हैं। कोर्ट ने माना कि सामान्य तौर पर भरण-पोषण पति की शुद्ध आय का लगभग 25 प्रतिशत तक ही उचित माना जा सकता है। इसी आधार पर कुल भरण-पोषण राशि 8 हजार रुपये प्रतिमाह तय की गई और यह रा...
गाजियाबाद डीएम का अल्टीमेटम: “30 दिन में सड़कें सुधारो, हादसा हुआ तो विभाग जिम्मेदार”
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गाजियाबाद डीएम का अल्टीमेटम: “30 दिन में सड़कें सुधारो, हादसा हुआ तो विभाग जिम्मेदार”

गाजियाबाद: जिले में जर्जर और गड्ढों से भरी सड़कों की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदढ़ ने संबंधित विभागों को 30 दिनों के भीतर मरम्मत कार्य पूरा करने का अल्टीमेटम दिया है। डीएम ने चेतावनी दी कि यदि सड़क की खराब स्थिति के कारण किसी भी प्रकार का हादसा होता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। बैठक में डीएम ने बताया कि जिले में 83 स्थानों की पहचान की गई है, जहां सड़कें टूटी हुई हैं या गड्ढों के कारण दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे खुद मौके पर जाकर मरम्मत की गुणवत्ता जांचें और जनता को सुरक्षित व सुगम यातायात उपलब्ध कराएं। जिम्मेदारी वितरण: लोक निर्माण विभाग (PWD) – 20 सड़कों की मरम्मत गाजियाबाद नगर निगम – 26 सड़कों की मरम्मत यूपीसीडा – 5 स्थानों पर गड्ढा मुक्त विभिन्न नगर पालिकाएं – 26 स्थान ...