Tuesday, March 3

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मेरठ में नेशनल हाइवे-58 पर रोलर चालक की लापरवाही बनी जानलेवा, बस हादसे में 6 यात्री गंभीर
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मेरठ में नेशनल हाइवे-58 पर रोलर चालक की लापरवाही बनी जानलेवा, बस हादसे में 6 यात्री गंभीर

मेरठ, रामबाबू मित्तल: दिल्ली–देहरादून नेशनल हाईवे-58 पर मंगलवार सुबह पल्लवपुरम थाना क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसा हुआ। दिल्ली से देहरादून जा रही यात्री बस सड़क पर खड़े भारी रोड रोलर से टकरा गई। हादसे में छह यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि कई अन्य को हल्की चोटें आईं। जानकारी के अनुसार, हादसा सुबह लगभग तीन बजे हुआ। उस समय हाईवे पर सड़क मरम्मत का कार्य चल रहा था। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद निर्माण में लगे रोलर चालक ने भारी मशीन को गलत दिशा में खड़ा किया और बिना किसी चेतावनी संकेत, बैरिकेड या रिफ्लेक्टर लगाए मौके से चला गया। इसी दौरान तेज रफ्तार में दिल्ली से देहरादून जा रही बस चालक को अंधेरे में रोलर दिखाई नहीं दिया और बस सीधे उससे टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और यात्री चीख-पुकार करने लगे। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। स्थ...
शंकराचार्य की टिप्पणी से आहत, अयोध्या के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत सिंह ने दिया इस्तीफा
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शंकराचार्य की टिप्पणी से आहत, अयोध्या के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत सिंह ने दिया इस्तीफा

अयोध्या (देवेश पांडेय): अयोध्या में तैनात राज्य कर विभाग के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत सिंह ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की टिप्पणियों से आहत होकर अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है। इस्तीफा देते हुए प्रशांत सिंह ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ की जा रही टिप्पणियों को गैरजिम्मेदाराना और अपमानजनक मानते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी अधिकारी के रूप में उनके लिए यह स्थिति स्वीकार्य नहीं रही। अयोध्या प्रशासन और राज्य सरकार में इस कदम को लेकर हलचल मची हुई है। प्रशांत सिंह का इस्तीफा धार्मिक और राजनीतिक विवाद के बीच आया है, जिससे स्थानीय प्रशासन और जनता में चर्चा का विषय बना हुआ है।...
रांची (रवि सिन्हा): झारखंड सरकार ने वरिष्ठ सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अलका तिवारी (1988 बैच, झारखंड कैडर) को राज्य निर्वाचन आयुक्त के पद पर नियुक्त किया है। अलका तिवारी 30 सितंबर 2025 को झारखंड की मुख्य सचिव पद से रिटायर हुई थीं और कुछ ही दिनों बाद उन्हें यह नई जिम्मेदारी सौंपी गई।  निकाय चुनाव की घोषणा राज्य निर्वाचन आयुक्त बनने के तुरंत बाद अलका तिवारी ने 27 जनवरी 2026 को झारखंड निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान किया। उनके अनुसार, चुनाव 23 फरवरी 2026 को होंगे और परिणाम 27 फरवरी 2026 को घोषित किए जाएंगे।  चार साल की अवधि तक पदस्थ रहेंगी अलका तिवारी पद ग्रहण की तारीख से चार वर्ष की अवधि तक इस पद पर रहेंगी। हालांकि यदि इस अवधि के दौरान उनकी आयु 65 वर्ष पूरी हो जाती है, तो उन्हें उसी दिन पद से इस्तीफा देना होगा।  उत्कृष्ट सेवा और बेदाग ईमानदारी अलका तिवारी अपने बेदाग ईमानदारी, सरलता, सादगी और कार्यकुशलता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने भारत सरकार के नीति आयोग में सलाहकार, केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव और जनजाति आयोग की सचिव के रूप में भी कार्य किया है। इसके अलावा वे झारखंड के गुमला और लोहरदगा जिलों में जिला कलेक्टर (डीसी) रही हैं और वाणिज्यिक कर व वन एवं पर्यावरण विभागों में सचिव का पद संभाल चुकी हैं।  उच्च शिक्षा और विशेषज्ञता अलका तिवारी मेरठ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान में स्नातकोत्तर हैं और टॉपर होने पर राज्यपाल का स्वर्ण पदक प्राप्त किया। उन्होंने मैनचेस्टर विश्वविद्यालय (यू.के.) से एमएससी की और ‘विकास परियोजनाओं के प्रबंधन और कार्यान्वयन’ में शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके अलावा वे रांची विश्वविद्यालय से कानून स्नातक हैं और हार्वर्ड विश्वविद्यालय (यू.एस.ए.) एवं ड्यूक विश्वविद्यालय (यू.एस.ए.) से वित्तीय समावेशन और सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन पर विशेष पाठ्यक्रम कर चुकी हैं।  पति भी रह चुके हैं मुख्य सचिव और राज्य चुनाव आयुक्त रिजल्ट यह है कि अलका तिवारी के पति डॉ. डी. के. तिवारी (1986 बैच, आईएएस) भी झारखंड के मुख्य सचिव रह चुके हैं और हाल ही में राज्य चुनाव आयुक्त का कार्यकाल पूरा किया। संयोगवश, पति के बाद वही पद अलका तिवारी को मिला, जिसे प्रशासनिक क्षेत्र में एक दुर्लभ घटना माना जा रहा है।  नव नियुक्ति और परिवर्तन अलका तिवारी के मुख्य सचिव पद से रिटायर होने के बाद झारखंड सरकार ने उनके स्थान पर आईएएस अविनाश कुमार को मुख्य सचिव नियुक्त किया है, जबकि अजय कुमार सिंह को विकास आयुक्त का प्रभार दिया गया है।
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रांची (रवि सिन्हा): झारखंड सरकार ने वरिष्ठ सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अलका तिवारी (1988 बैच, झारखंड कैडर) को राज्य निर्वाचन आयुक्त के पद पर नियुक्त किया है। अलका तिवारी 30 सितंबर 2025 को झारखंड की मुख्य सचिव पद से रिटायर हुई थीं और कुछ ही दिनों बाद उन्हें यह नई जिम्मेदारी सौंपी गई। निकाय चुनाव की घोषणा राज्य निर्वाचन आयुक्त बनने के तुरंत बाद अलका तिवारी ने 27 जनवरी 2026 को झारखंड निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान किया। उनके अनुसार, चुनाव 23 फरवरी 2026 को होंगे और परिणाम 27 फरवरी 2026 को घोषित किए जाएंगे। चार साल की अवधि तक पदस्थ रहेंगी अलका तिवारी पद ग्रहण की तारीख से चार वर्ष की अवधि तक इस पद पर रहेंगी। हालांकि यदि इस अवधि के दौरान उनकी आयु 65 वर्ष पूरी हो जाती है, तो उन्हें उसी दिन पद से इस्तीफा देना होगा। उत्कृष्ट सेवा और बेदाग ईमानदारी अलका तिवारी अपने बेदाग ईमानदारी, सरलता, सादगी और कार्यकुशलता के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने भारत सरकार के नीति आयोग में सलाहकार, केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव और जनजाति आयोग की सचिव के रूप में भी कार्य किया है। इसके अलावा वे झारखंड के गुमला और लोहरदगा जिलों में जिला कलेक्टर (डीसी) रही हैं और वाणिज्यिक कर व वन एवं पर्यावरण विभागों में सचिव का पद संभाल चुकी हैं। उच्च शिक्षा और विशेषज्ञता अलका तिवारी मेरठ विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान में स्नातकोत्तर हैं और टॉपर होने पर राज्यपाल का स्वर्ण पदक प्राप्त किया। उन्होंने मैनचेस्टर विश्वविद्यालय (यू.के.) से एमएससी की और ‘विकास परियोजनाओं के प्रबंधन और कार्यान्वयन’ में शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके अलावा वे रांची विश्वविद्यालय से कानून स्नातक हैं और हार्वर्ड विश्वविद्यालय (यू.एस.ए.) एवं ड्यूक विश्वविद्यालय (यू.एस.ए.) से वित्तीय समावेशन और सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन पर विशेष पाठ्यक्रम कर चुकी हैं। पति भी रह चुके हैं मुख्य सचिव और राज्य चुनाव आयुक्त रिजल्ट यह है कि अलका तिवारी के पति डॉ. डी. के. तिवारी (1986 बैच, आईएएस) भी झारखंड के मुख्य सचिव रह चुके हैं और हाल ही में राज्य चुनाव आयुक्त का कार्यकाल पूरा किया। संयोगवश, पति के बाद वही पद अलका तिवारी को मिला, जिसे प्रशासनिक क्षेत्र में एक दुर्लभ घटना माना जा रहा है। नव नियुक्ति और परिवर्तन अलका तिवारी के मुख्य सचिव पद से रिटायर होने के बाद झारखंड सरकार ने उनके स्थान पर आईएएस अविनाश कुमार को मुख्य सचिव नियुक्त किया है, जबकि अजय कुमार सिंह को विकास आयुक्त का प्रभार दिया गया है।

सहारनपुर (वैभव पांडे): उत्तराखंड में गंगोत्री धाम में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसी दिशा में बदरीनाथ और केदारनाथ धामों में भी कदम उठाने की प्रक्रिया जारी है। इस फैसले पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और इसे असंवैधानिक करार दिया। अरशद मदनी ने कहा, “उन्हें लगता है कि देश उनका है, और वे जनता को किसी भी दिशा में ले जा सकते हैं, लेकिन समय बदल गया है। लोगों को प्यार और भाईचारे से रहना चाहिए, और यही जमीयत उलेमा-ए-हिंद सिखाता है। यह केवल केदारनाथ तक सीमित नहीं है। असम में पूरी कॉलोनियों को तोड़ा जा रहा है और लाखों मुसलमानों को बांग्लादेशी बताया जा रहा है।” सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी इस मामले में सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि सरकार ने अजीब स्थिति बना दी है। “अगर आप देश के नागरिक हैं तो अपनी नागरिक...
नोएडा इंजीनियर केस SIT को सौंपी 20 अधिकारियों की सूची, रिपोर्ट सीएम योगी को सौंपेगी
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नोएडा इंजीनियर केस SIT को सौंपी 20 अधिकारियों की सूची, रिपोर्ट सीएम योगी को सौंपेगी

नोएडा: सेक्टर-150 की निर्माणाधीन इमारत में 16 जनवरी की रात हुई सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम (SIT) को नोएडा प्राधिकरण ने 20 अधिकारियों की सूची सौंप दी है। सूची में जूनियर इंजीनियर, असिस्टेंट प्रोजेक्ट इंजीनियर (APE) और अन्य तकनीकी स्टाफ शामिल हैं, जिन्होंने हादसे वाले प्लॉट और आसपास के क्षेत्र में पिछले दो-तीन वर्षों के दौरान कार्य किया था। SIT ने स्पष्ट किया है कि जांच के दायरे में केवल वर्तमान में तैनात अधिकारी ही नहीं, बल्कि पूर्व में तैनात अधिकारियों की भूमिका भी शामिल होगी। SIT द्वारा की जा रही जांच में जलभराव, सुरक्षा इंतजाम और निर्माण स्थल की निगरानी में संभावित चूक की भी गहन समीक्षा शामिल है। नोएडा प्राधिकरण द्वारा दी गई सूची को SIT अत्यंत अहम मान रही है, क्योंकि इसके आध...
गाजियाबाद में हिंदू रक्षा दल के नेता दक्ष चौधरी का विवादित वीडियो वायरल, ‘वंदे मातरम ना बोलने वालों’ को दी खुली धमकी
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गाजियाबाद में हिंदू रक्षा दल के नेता दक्ष चौधरी का विवादित वीडियो वायरल, ‘वंदे मातरम ना बोलने वालों’ को दी खुली धमकी

गाजियाबाद: हिंदू रक्षा दल के नेता दक्ष चौधरी का विवादों से पुराना नाता है। अब उनका एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे तिरंगा यात्रा के दौरान कार पर सवार होकर हाथ में माइक थामे खुलेआम गालियां देते और विवादित बयान देते नजर आ रहे हैं। वीडियो में दक्ष चौधरी कहते दिख रहे हैं कि भारत में रहना है तो ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ बोलना ही पड़ेगा। वे चेतावनी देते हैं कि जो लोग ये नारे नहीं लगा सकते, उन्हें “अपना बोरिया समेटकर कहीं और शरण ले लेनी चाहिए”। इसके साथ ही उन्होंने वंदे मातरम नहीं बोलने वालों के लिए आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। दक्ष चौधरी का यह पहला विवाद नहीं है। इससे पहले वे गोकशी और हिंदुओं को अपशब्द बोलने वाली मुस्लिम युवती के घर शालीमार गार्डन में हंगामा करने के मामले में भी सुर्खियों में आ चुके हैं। उनके खिलाफ पुलिस ने कई मुकदमे दर्ज किए हैं। इस वीडियो क...
बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के ‘बंधक बनाए जाने’ के दावे पर प्रशासन ने तोड़ी चुप्पी, ADM ने दी सफाई
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बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के ‘बंधक बनाए जाने’ के दावे पर प्रशासन ने तोड़ी चुप्पी, ADM ने दी सफाई

बरेली: बरेली में यूजीसी कानून और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती विवाद के बीच इस्तीफा देने वाले सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के दावों ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल मचा दी है। हाल ही में उन्होंने दावा किया था कि उन्हें डीएम आवास में रातभर बंधक बनाया गया, लेकिन अब एडीएम देश दीपक सिंह ने इस दावे को खारिज करते हुए स्थिति स्पष्ट की है। एडीएम देश दीपक सिंह ने बताया कि डीएम आवास पर सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री स्वयं बातचीत के लिए आए थे। उस समय वहां प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस कप्तान और ADM मौजूद थे। उन्होंने कहा, “उन्हें कॉफी पर बातचीत के लिए आमंत्रित किया गया और बैठक के दौरान कोई भी बंधक बनाने जैसी स्थिति नहीं थी। वे अपने विचार व्यक्त करने के बाद स्वयं चले गए।” एडीएम ने यह भी कहा कि सिटी मजिस्ट्रेट को मनाने की कोशिश की गई और उन्हें सुझाव दिया गया कि यदि कोई मानसिक परेशानी ...
मेरठ में गहरे नाले में कूदे थाना प्रभारी, 12 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन, बच्चे का नहीं मिला सुराग
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मेरठ में गहरे नाले में कूदे थाना प्रभारी, 12 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन, बच्चे का नहीं मिला सुराग

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में मानवता और साहस की मिसाल पेश करते हुए एक थाना प्रभारी ने जान की परवाह किए बिना गहरे नाले में छलांग लगा दी। टीपी नगर थाना क्षेत्र में 10 वर्षीय बच्चे के नाले में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी अरुण मिश्रा ने बिना समय गंवाए स्वयं नाले में उतरकर बच्चे की तलाश शुरू कर दी। घटना सोमवार की है। दिल्ली रोड स्थित नवीन मंडी गेट के सामने यह हादसा बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बच्चा नाले के पास झुककर कांच की बोतल निकालने की कोशिश कर रहा था, तभी उसका संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे नाले में गिर गया। सूचना फैलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। तेज बहाव और कचरे ने बढ़ाई मुश्किलें नाले के ऊपर भारी मात्रा में कचरा जमा था, जबकि नीचे पानी का बहाव बेहद तेज था। गहराई और सिल्ट की अधिकता के कारण रेस्क्यू ऑपरे...
गाजियाबाद में डिस्ट्रीब्यूटरशिप के नाम पर 23.53 लाख की साइबर ठगी, युवक से किस्तों में ऐंठी रकम
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गाजियाबाद में डिस्ट्रीब्यूटरशिप के नाम पर 23.53 लाख की साइबर ठगी, युवक से किस्तों में ऐंठी रकम

गाजियाबाद।ऑनलाइन सुविधाओं के बढ़ते उपयोग के साथ ही साइबर ठगी के मामलों में लगातार इज़ाफ़ा हो रहा है। ताज़ा मामला गाजियाबाद के अंकुर विहार इलाके से सामने आया है, जहां नामी कंपनी की डिस्ट्रीब्यूटरशिप दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने एक युवक से करीब 23 लाख 53 हजार रुपये की ठगी कर ली। जानकारी के अनुसार, अंकुर विहार निवासी जितेंद्र तिवारी ने एक प्रतिष्ठित कंपनी की डिस्ट्रीब्यूटरशिप के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। इसी दौरान ठगों ने कंपनी के नाम से मिलती-जुलती एक फर्जी ईमेल आईडी बनाकर उनसे संपर्क किया। खुद को कंपनी का अधिकृत प्रतिनिधि बताकर ठगों ने बेहद पेशेवर अंदाज़ में बातचीत की, जिससे पीड़ित को उन पर भरोसा हो गया। पीड़ित के मुताबिक, 18 नवंबर से 15 दिसंबर के बीच ठगों ने कभी प्रोसेसिंग फीस, कभी हैंडलिंग चार्ज और कभी सिक्योरिटी मनी के नाम पर अलग-अलग किस्तों में उनसे रकम ट्रांसफर करवाई। ठगों के झ...
रात में दाल खाने से बनी तेज गैस ने थमा दी 56 वर्षीय साजिद की दिल की धड़कन, बिजनौर में रहस्यमयी मौत
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रात में दाल खाने से बनी तेज गैस ने थमा दी 56 वर्षीय साजिद की दिल की धड़कन, बिजनौर में रहस्यमयी मौत

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के उमरी गांव में सोमवार की सुबह 56 वर्षीय साजिद का घर में शव मिलने से हड़कंप मच गया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया, जिसमें पता चला कि रात में खाई गई दाल से बनी तेज गैस के कारण उन्हें हार्ट अटैक आया और उनकी मौत हो गई। घटना की पूरी जानकारी पुलिस के अनुसार, साजिद उस समय घर पर अकेले थे, जबकि उनके परिवार के अन्य सदस्य किसी काम से शहर गए हुए थे। सुबह काफी देर तक मुख्य दरवाजा न खुलने पर पड़ोसियों को चिंता हुई। कई बार आवाज देने के बावजूद जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो परिजनों को सूचना दी गई। दरवाजा खुलवाने पर साजिद अचेत अवस्था में पड़े थे और उनकी सांसें थम चुकी थीं। पोस्टमार्टम और परिवार की प्रतिक्रिया पुलिस की प्रारंभिक जांच में शरीर पर किसी भी तरह की चोट या संघर्ष के कोई संकेत नहीं मिले। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, लेकिन परिजनों ने शुरुआत में इसका विरो...
बांदा में मुकदमा हारने से दुखी भाई-बहन ने दी जान, नदी किनारे मिले दोनों के शव
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बांदा में मुकदमा हारने से दुखी भाई-बहन ने दी जान, नदी किनारे मिले दोनों के शव

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के नरैनी कोतवाली क्षेत्र में गणतंत्र दिवस के उत्सव के बीच एक दुखद घटना सामने आई। शास्त्री नगर मोहल्ले के निवासी आनंद प्रकाश गुप्ता (30) और उनकी बड़ी बहन चंचल गुप्ता (34) ने सोमवार को संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या कर ली। दोनों के शव बरछा पुल के पास बागै नदी के किनारे बरामद हुए। विवाद और मानसिक तनाव परिवार और स्थानीय लोगों के अनुसार, आनंद प्रकाश ने अपनी चाची से एक दुकान किराए पर ली थी। दुकान खाली कराने को लेकर अदालत में लंबा मुकदमा चल रहा था। हाल ही में अदालत ने फैसला आनंद के खिलाफ दिया, जिससे उन्हें दुकान छोड़नी पड़ रही थी। रोज़ी-रोटी छिन जाने का डर और मुकदमे में मिली करारी हार ने दोनों भाई-बहन को गहरे मानसिक तनाव में डाल दिया, और उन्होंने मौत को अंतिम विकल्प मान लिया। घटना की पूरी कहानी सोमवार दोपहर करीब 4:30 बजे दोनों भाई-बहन अपनी स्कूटी से घर से निकले ...