
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के नरैनी कोतवाली क्षेत्र में गणतंत्र दिवस के उत्सव के बीच एक दुखद घटना सामने आई। शास्त्री नगर मोहल्ले के निवासी आनंद प्रकाश गुप्ता (30) और उनकी बड़ी बहन चंचल गुप्ता (34) ने सोमवार को संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या कर ली। दोनों के शव बरछा पुल के पास बागै नदी के किनारे बरामद हुए।
विवाद और मानसिक तनाव
परिवार और स्थानीय लोगों के अनुसार, आनंद प्रकाश ने अपनी चाची से एक दुकान किराए पर ली थी। दुकान खाली कराने को लेकर अदालत में लंबा मुकदमा चल रहा था। हाल ही में अदालत ने फैसला आनंद के खिलाफ दिया, जिससे उन्हें दुकान छोड़नी पड़ रही थी। रोज़ी-रोटी छिन जाने का डर और मुकदमे में मिली करारी हार ने दोनों भाई-बहन को गहरे मानसिक तनाव में डाल दिया, और उन्होंने मौत को अंतिम विकल्प मान लिया।
घटना की पूरी कहानी
सोमवार दोपहर करीब 4:30 बजे दोनों भाई-बहन अपनी स्कूटी से घर से निकले और बरछा पुल से लगभग 100 मीटर दूर नदी के सुनसान किनारे पहुंचे। वहां उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया। पास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने उन्हें बेहोश पाया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस जांच
क्षेत्राधिकारी बबेरू सौरभ सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला पारिवारिक कलह और मानसिक तनाव का प्रतीत हो रहा है। दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद ही मौत के सटीक कारण स्पष्ट होंगे। पुलिस ने घटनास्थल से सभी सबूत जुटाए हैं और परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर रही है।
यह घटना न केवल परिवार के लिए गहरे सदमे का कारण बनी है, बल्कि समाज में मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक विवादों के गंभीर परिणामों पर भी चेतावनी देती है।