Tuesday, January 27

बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के ‘बंधक बनाए जाने’ के दावे पर प्रशासन ने तोड़ी चुप्पी, ADM ने दी सफाई

बरेली: बरेली में यूजीसी कानून और शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती विवाद के बीच इस्तीफा देने वाले सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के दावों ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल मचा दी है। हाल ही में उन्होंने दावा किया था कि उन्हें डीएम आवास में रातभर बंधक बनाया गया, लेकिन अब एडीएम देश दीपक सिंह ने इस दावे को खारिज करते हुए स्थिति स्पष्ट की है।

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एडीएम देश दीपक सिंह ने बताया कि डीएम आवास पर सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री स्वयं बातचीत के लिए आए थे। उस समय वहां प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस कप्तान और ADM मौजूद थे। उन्होंने कहा, “उन्हें कॉफी पर बातचीत के लिए आमंत्रित किया गया और बैठक के दौरान कोई भी बंधक बनाने जैसी स्थिति नहीं थी। वे अपने विचार व्यक्त करने के बाद स्वयं चले गए।”

एडीएम ने यह भी कहा कि सिटी मजिस्ट्रेट को मनाने की कोशिश की गई और उन्हें सुझाव दिया गया कि यदि कोई मानसिक परेशानी है तो चार दिन की छुट्टी लें, लेकिन उन्होंने इसे अस्वीकार कर दिया और इस्तीफा वापस न लेने की अपनी बात पर कायम रहे।

सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफे का विवाद यूजीसी द्वारा लागू किए गए ‘उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के नियम, 2026’ और शंकराचार्य विवाद से जुड़ा है। मंगलवार को निलंबित अलंकार अग्निहोत्री कलेक्ट्रेट कार्यालय पर धरना देने पहुंचे, जिसके दौरान मीडिया और राजनीतिक दलों का भी जमावड़ा रहा।

इस पूरे मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। समाजवादी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय और शंकराचार्य स्वामी ने सिटी मजिस्ट्रेट से बातचीत की और उनके इस्तीफे पर प्रतिक्रिया दी।

बरेली प्रशासन ने साफ किया है कि दावे बेबुनियाद हैं और किसी भी प्रकार से सिटी मजिस्ट्रेट को बंधक बनाने जैसी स्थिति नहीं थी।

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