
सहारनपुर (वैभव पांडे): उत्तराखंड में गंगोत्री धाम में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसी दिशा में बदरीनाथ और केदारनाथ धामों में भी कदम उठाने की प्रक्रिया जारी है। इस फैसले पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष अरशद मदनी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और इसे असंवैधानिक करार दिया।
अरशद मदनी ने कहा, “उन्हें लगता है कि देश उनका है, और वे जनता को किसी भी दिशा में ले जा सकते हैं, लेकिन समय बदल गया है। लोगों को प्यार और भाईचारे से रहना चाहिए, और यही जमीयत उलेमा-ए-हिंद सिखाता है। यह केवल केदारनाथ तक सीमित नहीं है। असम में पूरी कॉलोनियों को तोड़ा जा रहा है और लाखों मुसलमानों को बांग्लादेशी बताया जा रहा है।”
सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी इस मामले में सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि सरकार ने अजीब स्थिति बना दी है। “अगर आप देश के नागरिक हैं तो अपनी नागरिकता साबित करें। अब सरकार हिंदुओं पर भी सवाल उठाना शुरू कर रही है, पूछ रही है कि वे हिंदू हैं या नहीं। यह कैसे साबित होगा?” उन्होंने सवाल उठाया।
इस फैसले के बाद गंगोत्री धाम में प्रवेश पर रोक को लेकर बहस तेज हो गई है और धार्मिक तथा संवैधानिक दायरे में चर्चा जारी है।