
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में मानवता और साहस की मिसाल पेश करते हुए एक थाना प्रभारी ने जान की परवाह किए बिना गहरे नाले में छलांग लगा दी। टीपी नगर थाना क्षेत्र में 10 वर्षीय बच्चे के नाले में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी अरुण मिश्रा ने बिना समय गंवाए स्वयं नाले में उतरकर बच्चे की तलाश शुरू कर दी।
घटना सोमवार की है। दिल्ली रोड स्थित नवीन मंडी गेट के सामने यह हादसा बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बच्चा नाले के पास झुककर कांच की बोतल निकालने की कोशिश कर रहा था, तभी उसका संतुलन बिगड़ गया और वह गहरे नाले में गिर गया। सूचना फैलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
तेज बहाव और कचरे ने बढ़ाई मुश्किलें
नाले के ऊपर भारी मात्रा में कचरा जमा था, जबकि नीचे पानी का बहाव बेहद तेज था। गहराई और सिल्ट की अधिकता के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में लगातार बाधाएं आती रहीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम की टीम को भी बुलाया गया। जेसीबी मशीनों की मदद से नाले में जमी सिल्ट और कचरे को हटाया गया, ताकि बच्चे तक पहुंचा जा सके।
12 घंटे तक चला सर्च ऑपरेशन
रेस्क्यू ऑपरेशन करीब 12 घंटे तक चला, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद बच्चे का कोई सुराग नहीं मिल सका। इस दौरान थाना प्रभारी की बहादुरी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसे देखकर लोग उनकी जमकर सराहना कर रहे हैं।
आधिकारिक पुष्टि नहीं
काफी मशक्कत के बाद टीपी नगर थाना प्रभारी ने बताया कि फिलहाल बच्चे के नाले में गिरने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। पूरे नाले की गहन तलाशी ली गई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सबूत या बरामदगी नहीं हुई है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।