Saturday, April 4

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अयोध्या जिला जेल से दो कैदी फरार, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल जेल अधीक्षक समेत सात अधिकारी-कर्मचारी निलंबित
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अयोध्या जिला जेल से दो कैदी फरार, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल जेल अधीक्षक समेत सात अधिकारी-कर्मचारी निलंबित

अयोध्या। अयोध्या जिला जेल से दो बंदियों के फरार होने की सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिससे जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। हत्या के प्रयास और बलात्कार जैसे गंभीर मामलों में बंद दो कैदी—गोलू अग्रहरि और शेर अली—तन्हाई बैरक तोड़कर फरार हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों कैदियों ने पहले तन्हाई बैरक की दीवार को क्षतिग्रस्त किया, इसके बाद जेल की बाउंड्री वॉल कूदकर फरार हो गए। फरार कैदियों में गोलू अग्रहरि अमेठी जनपद का निवासी है, जो हत्या के प्रयास के मामले में बंद था, जबकि शेर अली सुल्तानपुर का रहने वाला है और उस पर बलात्कार का आरोप है। घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में अफरा-तफरी मच गई। जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए जेल विभाग के डीजी पीसी मीणा ने कड़ी कार्रवाई की है। लापरवाही के आरोप में वरिष्ठ जेल अधीक्षक उदय प...
‘आप पायलट हैं तो ईमानदारी से अपना कर्तव्य निभाइए’—अजित पवार के विमान हादसे पर अनिरुद्धाचार्य का बयान चर्चा में
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‘आप पायलट हैं तो ईमानदारी से अपना कर्तव्य निभाइए’—अजित पवार के विमान हादसे पर अनिरुद्धाचार्य का बयान चर्चा में

मथुरा। वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार उनका बयान महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे से जुड़ा है, जिस पर सोशल मीडिया में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कथावाचन के दौरान अनिरुद्धाचार्य महाराज ने पायलट की जिम्मेदारी को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि विमान में सवार यात्रियों की जान की पूरी जिम्मेदारी पायलट के हाथ में होती है। उन्होंने कहा, “अगर आप पायलट हैं तो ईमानदारी से अपना काम कीजिए। आपका कर्तव्य ही आपकी भक्ति है। विमान उड़ाना और सुरक्षित उतारना ही आपका धर्म है, उसे छोड़कर कुछ और करने लगेंगे तो परिणाम गंभीर हो सकते हैं।” सेना का उदाहरण देकर समझाया कर्तव्य अनिरुद्धाचार्य महाराज यहीं नहीं रुके। उन्होंने सेना का उदाहरण देते हुए कहा कि देश की सुरक्षा व्यवस्था तभी सुचारु रहती है जब हर व्यक्ति अ...
ग्रेटर नोएडा में अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर, प्राधिकरण की सख्त चेतावनी—बिना नक्शा पास कराए न खरीदें घर
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ग्रेटर नोएडा में अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर, प्राधिकरण की सख्त चेतावनी—बिना नक्शा पास कराए न खरीदें घर

ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध नगर के ग्रेटर नोएडा और नोएडा क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार को हैबतपुर क्षेत्र में हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में किए गए अवैध निर्माण को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई करीब 6,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में की गई। प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, कुछ कॉलोनाइजर बिना अनुमति और नक्शा पास कराए अवैध प्लॉटिंग कर कॉलोनी बसाने का प्रयास कर रहे थे। यह जमीन खसरा संख्या 280 और 287 में स्थित है, जो हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में आती है और प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र के अंतर्गत है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) सुमित यादव ने बताया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशों के तहत डूब क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अतिक्रमण क...
बेटी की हत्या कर घर के पीछे दफनाया था शव साढ़े तीन साल बाद इंसाफ, दोषी पिता को उम्रकैद की सजा
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बेटी की हत्या कर घर के पीछे दफनाया था शव साढ़े तीन साल बाद इंसाफ, दोषी पिता को उम्रकैद की सजा

बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से सामने आए एक जघन्य हत्याकांड में अदालत ने साढ़े तीन साल बाद बड़ा फैसला सुनाया है। अपनी ही नाबालिग बेटी की गला दबाकर हत्या करने वाले कलयुगी पिता को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह फैसला स्पेशल जज (पॉक्सो एक्ट), बांदा की अदालत ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर सुनाया। अदालत ने आरोपी देशराज को दोषी करार देते हुए कहा कि यह अपराध न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि समाज और मानवता को भी शर्मसार करने वाला है।   अप्रैल 2022 में लापता हुई थी किशोरी मामला थाना नरैनी क्षेत्र के ग्राम पौसरा का है। अप्रैल 2022 में गांव की एक किशोरी अचानक लापता हो गई थी। 22 अप्रैल 2022 को एक सतर्क पड़ोसी ने पुलिस को सूचना दी कि किशोरी बीते दो दिनों से घर से गायब है। सूचना के बाद पुलिस ने जांच ...
रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए चौकी इंचार्ज और सिपाही केस से नाम हटाने के लिए मांगी थी घूस, पैसे फेंकने का वीडियो वायरल
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रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए चौकी इंचार्ज और सिपाही केस से नाम हटाने के लिए मांगी थी घूस, पैसे फेंकने का वीडियो वायरल

वाराणसी। भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निवारण इकाई (एंटी करप्शन टीम) ने वाराणसी में एक चौकी इंचार्ज और उसके सहयोगी सिपाही को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोप है कि दहेज उत्पीड़न के एक मामले में नाम हटाने के बदले पीड़ित से घूस मांगी गई थी। कार्रवाई के बाद दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, जबकि देर रात उन्हें निलंबित कर दिया गया।   दहेज उत्पीड़न केस में नाम हटाने की थी डील मामला सिगरा थाना क्षेत्र की काशी विद्यापीठ चौकी से जुड़ा है। चंदौली निवासी प्रह्लाद गुप्ता के खिलाफ करीब दो साल पहले उनकी पत्नी ने दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था। इस केस की जांच चौकी इंचार्ज शिवाकर मिश्रा के पास थी। पीड़ित का आरोप है कि वह इस मामले में करीब एक साल जेल में भी रह चुका है। जेल से बाहर आने के बाद चौकी इंचार्ज लगातार केस में धाराएं बढ़ाने की धम...
बिजली बिल और कर्ज के बोझ ने ली जान शाहजहांपुर में 32 हजार रुपये के बिल से परेशान 65 वर्षीय बुजुर्ग ने की आत्महत्या
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बिजली बिल और कर्ज के बोझ ने ली जान शाहजहांपुर में 32 हजार रुपये के बिल से परेशान 65 वर्षीय बुजुर्ग ने की आत्महत्या

शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में बिजली बिल और निजी कर्ज के मानसिक दबाव से परेशान एक बुजुर्ग ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान 65 वर्षीय कामेंद्र विक्रम सिंह के रूप में हुई है। आत्महत्या से पहले उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित एक सुसाइड नोट लिखा, जिसमें बिजली बिल माफ करने और अपने बच्चों को परेशान न करने की अपील की गई है।   सुबह सब सामान्य, कुछ देर बाद मिली दर्दनाक खबर परिजनों के अनुसार, बुधवार सुबह कामेंद्र विक्रम सिंह रोज की तरह उठे और सब कुछ सामान्य था। कुछ देर बाद वह घर से बाहर निकले और मकान के बाहर स्थित एक पेड़ से फांसी लगाकर जान दे दी। जब परिवार के लोगों की नजर पड़ी तो घर में कोहराम मच गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से उतारकर तलाशी ली, जिसमें उनकी जेब से सुसाइड नोट बरामद हुआ।   तीन महीने से मानसिक तनाव में थे बुजुर्ग कामेंद्र विक...
गाजियाबाद की 5 कॉलोनियां नगर निगम को सौंपी गईं अब सड़क, सीवर, स्ट्रीट लाइट और सफाई में मिलेगी राहत, 66 करोड़ रुपये देगा GDA
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गाजियाबाद की 5 कॉलोनियां नगर निगम को सौंपी गईं अब सड़क, सीवर, स्ट्रीट लाइट और सफाई में मिलेगी राहत, 66 करोड़ रुपये देगा GDA

गाजियाबाद। दिल्ली से सटे गाजियाबाद शहर के लाखों निवासियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लंबे समय से बदहाल सड़कों, बंद स्ट्रीट लाइट और सीवर जाम जैसी समस्याओं से जूझ रही पांच प्रमुख आवासीय कॉलोनियों को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने आधिकारिक रूप से नगर निगम के हवाले कर दिया है। इस फैसले के बाद इन इलाकों में रखरखाव और विकास कार्यों की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है। हैंडओवर की प्रक्रिया के तहत नगर निगम को इन कॉलोनियों के विकास और रखरखाव के लिए दो किस्तों में कुल 66 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।   मेंटेनेंस की जिम्मेदारी अब नगर निगम के पास GDA मुख्य रूप से आवासीय योजनाओं के निर्माण और विकास का काम करता है, लेकिन नियमित रखरखाव के लिए उसके पास नगर निगम जैसी बड़ी टीम और संसाधन नहीं हैं। इसी वजह से इन कॉलोनियों में सड़कें जर्जर थीं, स्ट्रीट लाइट खराब रहती थीं और सीवर जाम की समस्या बनी रहती थी। ...
सुर-ताल की विरासत को सहेजता उत्तर प्रदेश लुप्तप्राय हो रहे 200 से अधिक पारंपरिक वाद्य यंत्रों का हो रहा संरक्षण
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सुर-ताल की विरासत को सहेजता उत्तर प्रदेश लुप्तप्राय हो रहे 200 से अधिक पारंपरिक वाद्य यंत्रों का हो रहा संरक्षण

लखनऊ। आधुनिक संगीत और डिजिटल धुनों के बढ़ते प्रभाव के बीच देश की जनजातीय और लोक संस्कृति से जुड़े पारंपरिक वाद्य यंत्र तेजी से लुप्त होते जा रहे हैं। ऐसे समय में उत्तर प्रदेश का लोक एवं जनजातीय संस्कृति संस्थान इन अनमोल धरोहरों को बचाने और संजोने का सराहनीय कार्य कर रहा है। संस्थान द्वारा प्रदेश और देश की विभिन्न जनजातियों से जुड़े 200 से अधिक लुप्तप्राय वाद्य यंत्रों का संरक्षण किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी रह सकें।   जंगलों और पहाड़ों की धुनें हो रही थीं खामोश प्रदेश के जंगलों, पहाड़ों और नदियों के किनारे कभी गूंजने वाली ढोलक, नगाड़ा, डफ, ढफली और बीन जैसी धुनें आज विलुप्ति के कगार पर हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा-निर्देशों के तहत लोक एवं जनजातीय संस्कृति संस्थान इन पारंपरिक वाद्य यंत्रों को न केवल संरक्षित कर रहा है, बल्कि उन्हें ...
हर महीने 2 हजार गलत बिजली बिल, उपभोक्ता बेहाल गाजियाबाद में मीटर रीडिंग से लेकर स्मार्ट मीटर तक गड़बड़ी, विद्युत विभाग पर टालमटोल का आरोप
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हर महीने 2 हजार गलत बिजली बिल, उपभोक्ता बेहाल गाजियाबाद में मीटर रीडिंग से लेकर स्मार्ट मीटर तक गड़बड़ी, विद्युत विभाग पर टालमटोल का आरोप

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश में एक ओर जहां सरकार एकमुश्त समाधान योजना के जरिए बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने का दावा कर रही है, वहीं गाजियाबाद में बिजली उपभोक्ताओं की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। हालात यह हैं कि हर महीने करीब 2 हजार उपभोक्ताओं को गलत बिजली बिल थमा दिए जा रहे हैं। बीते चार महीनों में ही 9 हजार से अधिक गलत बिल जारी हो चुके हैं, जिन्हें ठीक कराने के लिए लोग लगातार विद्युत निगम के कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।   मीटर रीडिंग में गड़बड़ी, ज्यादा खपत दिखाकर थमाए जा रहे बिल शहर में करीब ढाई लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता हैं। हर महीने 7 से 22 तारीख के बीच बिजली बिल जारी किए जाते हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि मीटर रीडर बिल बनाते समय कभी कम तो कभी वास्तविक खपत से कहीं अधिक रीडिंग दर्ज कर देते हैं। ज्यादा रीडिंग दर्ज होते ही उसी महीने भारी भरकम बिजली बिल आ जाता...
2600 साल पुरानी खुशबू, दुनिया में गूंजता नाम महात्मा बुद्ध से जुड़ा यूपी का काला नमक चावल, सिंगापुर-थाईलैंड तक बढ़ी धमक
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2600 साल पुरानी खुशबू, दुनिया में गूंजता नाम महात्मा बुद्ध से जुड़ा यूपी का काला नमक चावल, सिंगापुर-थाईलैंड तक बढ़ी धमक

सिद्धार्थनगर। भगवान बुद्ध की आध्यात्मिक भूमि सिद्धार्थनगर अब केवल अपनी ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान के लिए ही नहीं, बल्कि काला नमक चावल के कारण देश-दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। लगभग 2600 वर्ष पुराना इतिहास समेटे यह अनोखा चावल आज उत्तर प्रदेश सरकार की ‘एक जनपद–एक उत्पाद’ (ODOP) योजना के जरिए किसानों की समृद्धि और जिले की आर्थिक मजबूती का प्रतीक बन गया है। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिद्धार्थनगर में 1000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर काला नमक चावल को जिले की सांस्कृतिक विरासत और आर्थिक उन्नति का प्रमुख आधार बताया गया।   600 ईसा पूर्व से पिपरहवा में हो रही खेती काला नमक चावल का इतिहास 600 ईसा पूर्व तक जाता है। सिद्धार्थनगर के पिपरहवा क्षेत्र में इसकी खेती सदियों से होती आ रही है। मान्यता है कि ज्ञान प्राप्ति के बाद जब महात...