Thursday, January 29

गाजियाबाद की 5 कॉलोनियां नगर निगम को सौंपी गईं अब सड़क, सीवर, स्ट्रीट लाइट और सफाई में मिलेगी राहत, 66 करोड़ रुपये देगा GDA

गाजियाबाद।
दिल्ली से सटे गाजियाबाद शहर के लाखों निवासियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लंबे समय से बदहाल सड़कों, बंद स्ट्रीट लाइट और सीवर जाम जैसी समस्याओं से जूझ रही पांच प्रमुख आवासीय कॉलोनियों को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने आधिकारिक रूप से नगर निगम के हवाले कर दिया है। इस फैसले के बाद इन इलाकों में रखरखाव और विकास कार्यों की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है।

This slideshow requires JavaScript.

हैंडओवर की प्रक्रिया के तहत नगर निगम को इन कॉलोनियों के विकास और रखरखाव के लिए दो किस्तों में कुल 66 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।

 

मेंटेनेंस की जिम्मेदारी अब नगर निगम के पास

GDA मुख्य रूप से आवासीय योजनाओं के निर्माण और विकास का काम करता है, लेकिन नियमित रखरखाव के लिए उसके पास नगर निगम जैसी बड़ी टीम और संसाधन नहीं हैं। इसी वजह से इन कॉलोनियों में सड़कें जर्जर थीं, स्ट्रीट लाइट खराब रहती थीं और सीवर जाम की समस्या बनी रहती थी।
अब नगर निगम के पास जिम्मेदारी आने से सफाई, सड़क मरम्मत, नालियों की सफाई, स्ट्रीट लाइट और पार्कों के रखरखाव जैसे कार्यों में तेजी आएगी। साथ ही लोगों को शिकायतों के लिए अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

 

इन 5 कॉलोनियों को किया गया हैंडओवर

GDA ने जिन योजनाओं को नगर निगम को सौंपा है, उनमें शामिल हैं—

  • स्वर्णजयंतीपुरम
  • कर्पूरीपुरम (बी-ब्लॉक)
  • प्रताप विहार सेक्टर-12 स्थित भाऊराव देवरस योजना का केए और बीएच ब्लॉक

इन कॉलोनियों की सड़कें, डिवाइडर, फुटपाथ, नालियां, पेयजल आपूर्ति, सीवर लाइन, स्ट्रीट लाइट और पार्क अब नगर निगम के अधीन होंगे।

 

एसटीपी को लेने से पहले थर्ड पार्टी सर्वे

स्वर्णजयंतीपुरम और गोविंदपुरम में स्थित 56 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) को हैंडओवर करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
हालांकि नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि एसटीपी को सीधे लेने के बजाय पहले थर्ड पार्टी से सर्वे कराया जाएगा। इससे यह आकलन किया जाएगा कि प्लांट की वर्तमान स्थिति क्या है और उसे पूरी क्षमता से चलाने में कितना खर्च आएगा।
सर्वे के बाद तय की गई राशि का भुगतान GDA द्वारा नगर निगम को किया जाएगा, ताकि भविष्य में निगम पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े और शहर में सीवर ट्रीटमेंट व्यवस्था सुचारु बनी रहे।

 

GDA का बयान

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने कहा,
“GDA ने नगर निगम को अपनी पांच योजनाएं हैंडओवर की हैं। इसके लिए नगर निगम को दो किस्तों में 66 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा, जिससे इन कॉलोनियों में विकास और रखरखाव के कार्य बेहतर तरीके से हो सकें।”

 

इस फैसले से उम्मीद की जा रही है कि गाजियाबाद की इन कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाओं की हालत सुधरेगी और लोगों को लंबे समय से चली आ रही समस्याओं से राहत मिलेगी।

 

Leave a Reply