
शाहजहांपुर।
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में बिजली बिल और निजी कर्ज के मानसिक दबाव से परेशान एक बुजुर्ग ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान 65 वर्षीय कामेंद्र विक्रम सिंह के रूप में हुई है। आत्महत्या से पहले उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित एक सुसाइड नोट लिखा, जिसमें बिजली बिल माफ करने और अपने बच्चों को परेशान न करने की अपील की गई है।
सुबह सब सामान्य, कुछ देर बाद मिली दर्दनाक खबर
परिजनों के अनुसार, बुधवार सुबह कामेंद्र विक्रम सिंह रोज की तरह उठे और सब कुछ सामान्य था। कुछ देर बाद वह घर से बाहर निकले और मकान के बाहर स्थित एक पेड़ से फांसी लगाकर जान दे दी। जब परिवार के लोगों की नजर पड़ी तो घर में कोहराम मच गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से उतारकर तलाशी ली, जिसमें उनकी जेब से सुसाइड नोट बरामद हुआ।
तीन महीने से मानसिक तनाव में थे बुजुर्ग
कामेंद्र विक्रम सिंह अपनी पत्नी के साथ रहते थे। उनके दो बेटे और एक बेटी हैं, सभी शादीशुदा हैं। परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। घरवालों का कहना है कि वह पिछले दो से तीन महीने से मानसिक रूप से परेशान थे, हालांकि उन्होंने कभी खुलकर कारण नहीं बताया।
32 हजार रुपये का बिजली बिल बना चिंता की वजह
परिवार के अनुसार, उनके ऊपर करीब 32 हजार रुपये का बिजली बिल बकाया था। उन्होंने ओटीएस (एकमुश्त समाधान) योजना का लाभ लेने के लिए जानकारी भी ली थी, लेकिन किसी कारणवश वह योजना का लाभ नहीं ले पाए। अधिकारियों की ओर से उन्हें 17 हजार रुपये किश्तों में जमा करने की बात कही गई थी। इसके साथ ही उन पर कुछ निजी कर्ज भी था, जिसने उनकी चिंता और बढ़ा दी।
सुसाइड नोट में बच्चों को न परेशान करने की अपील
एसडीएम पुवायां चित्रा निवाल ने बताया कि सुसाइड नोट में कामेंद्र विक्रम सिंह ने मुख्यमंत्री से बिजली बिल माफ करने और अपने बच्चों को परेशान न करने की बात लिखी है। सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर जांच की जा रही है।
पुलिस कर रही है मामले की जांच
एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। सुसाइड नोट को साक्ष्य के रूप में सुरक्षित कर लिया गया है। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और परिजनों की ओर से किसी प्रकार का आरोप नहीं लगाया गया है।