सरकारी कर्मचारियों पर बाल विवाह में शामिल होने पर कड़ी कार्रवाई तय, राजस्थान में सिविल सेवा आचरण नियमों में संशोधन
राजस्थान सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए सख्ती बढ़ाते हुए सिविल सेवा आचरण नियम, 1971 में अहम संशोधन को मंजूरी दी है। अब कोई भी सरकारी कर्मचारी यदि बाल विवाह में शामिल होता है, उसका आयोजन करता है या स्वयं बाल विवाह करता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई होगी। यह निर्णय कैबिनेट की बुधवार को हुई बैठक में लिया गया।
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि संशोधित नियमों में बाल विवाह निरोधक अधिनियम, 2006 के अनुरूप बालक की परिभाषा तय की गई है। इसके तहत 21 वर्ष से कम आयु के पुरुष और 18 वर्ष से कम आयु की महिला को बालक माना जाएगा। इस बदलाव से सरकारी कर्मचारियों पर बाल विवाह से संबंधित कड़े प्रतिबंध लागू होंगे।
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