Wednesday, January 21

भारत बनेगा दुनिया का फूड बास्केट, चिराग पासवान ने उदयपुर में बताया प्रधानमंत्री का विजन

 

This slideshow requires JavaScript.

 

उदयपुर (राजस्थान): केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने उदयपुर में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्पष्ट लक्ष्य भारत को दुनिया का ‘फूड बास्केट’ बनाना है। उनका विजन है कि वैश्विक स्तर पर हर डाइनिंग टेबल तक कम से कम एक भारतीय खाद्य उत्पाद पहुंचे। इसके लिए खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को मजबूत करना समय की आवश्यकता है।

 

मंत्री पासवान यह बात केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय की ओर से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर के दौरान मीडिया से बातचीत में कही। उन्होंने बताया कि देश खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर हो चुका है, और अब अगला कदम गुणवत्ता, प्रसंस्करण और वैश्विक ब्रांडिंग का है।

 

युवाओं पर पीएम का भरोसा और राजनीति में बदलाव

चिराग पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का राजनीतिक समीकरण महिलाओं और युवाओं पर आधारित है। उन्होंने हमेशा युवाओं को आगे बढ़ाने और जिम्मेदारी देने का काम किया है। स्वयं को इतने बड़े मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने का अनुभव भी इस विश्वास को दर्शाता है।

 

भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि युवा नेतृत्व केवल पार्टी के लिए नहीं बल्कि पूरे एनडीए गठबंधन के लिए लाभकारी है। युवा अपनी अलग सोच और कार्यशैली के साथ संगठन में नई ऊर्जा लाते हैं।

 

खाद्य प्रसंस्करण में अवसर और चुनौतियां

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्तमान में उत्पादन के साथ-साथ प्रसंस्करण और गुणवत्ता से जुड़े कई चुनौतीपूर्ण मुद्दे हैं। उनका समाधान किए बिना किसानों की आय बढ़ाना संभव नहीं। देश में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र वर्तमान में लगभग 13 प्रतिशत रोजगार उपलब्ध कराता है।

 

उन्होंने कहा कि पहले वर्षों में उत्पादन पर अधिक ध्यान दिया गया, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इस क्षेत्र में संरचनात्मक बदलाव हुए हैं। सरकार का लक्ष्य खाद्य प्रसंस्करण का स्तर 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत तक ले जाना है।

 

उदयपुर में नया फ्रूट प्रोसेसिंग सेंटर

इस अवसर पर उदयपुर के बलीचा मंडी में जामुन, सीताफल और आंवला फ्रूट प्रोसेसिंग इंक्यूबेशन सेंटर का उद्घाटन किया गया। सांसद डॉ. मन्नालाल रावत, शहर विधायक ताराचंद जैन और उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा भी मौजूद रहे।

 

इंक्यूबेशन सेंटर के संचालन से स्थानीय किसानों को फलों की प्रोसेसिंग का सीधा लाभ मिलेगा और यह राजस्थान में खाद्य प्रसंस्करण में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

Leave a Reply