
अशोकनगर/भोपाल। अशोकनगर कलेक्टर आदित्य सिंह को राज्य सरकार ने अचानक पद से हटाकर भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास, भोपाल में उप सचिव पद पर ट्रांसफर कर दिया है। यह तबादला उस समय हुआ जब निर्वाचन आयोग ने उन्हें उत्कृष्ट कार्य के लिए 25 जनवरी को सम्मानित करने का आदेश जारी किया था।
ट्रांसफर के पीछे आनंदपुर ट्रस्ट की शिकायत
सूत्रों के अनुसार, आदित्य सिंह के अचानक तबादले के पीछे आनंदपुर ट्रस्ट द्वारा दिल्ली में की गई शिकायत मुख्य वजह मानी जा रही है। ट्रस्ट ने कलेक्टर के खिलाफ जमीन के नामांतरण में करोड़ों रुपये की डिमांड का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। इस कार्रवाई के बाद आदित्य सिंह का क्षेत्रीय ट्रांसफर किया गया।
आदित्य सिंह: करियर और पृष्ठभूमि
आदित्य सिंह, मध्य प्रदेश कैडर, 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने IIT रुड़की से पेपर टेक्नोलॉजी में इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की है। हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में पारंगत आदित्य साइकिल चलाने के शौकीन हैं और लंबी दूरी तक नियमित साइकिलिंग करते हैं।
आदित्य सिंह 8 मार्च 1990 को जन्मे और पहले अशोकनगर के कलेक्टर रहे। इससे पहले 2021 में भोपाल स्मार्ट सिटी में जमीन आवंटन में धांधली के आरोपों के चलते उन्हें CEO पद से हटाया गया था।
नया कलेक्टर: संकेत मालवीय
आदित्य सिंह के स्थान पर 2019 बैच के आईएएस अधिकारी संकेत मालवीय को अशोकनगर का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। अचानक हुआ यह तबादला इलाके में कई तरह की अटकलों को जन्म दे रहा है।
विवाद और प्रशासनिक प्रभाव
आदित्य सिंह का यह तबादला दिखाता है कि सुझाव, शिकायत या विवाद किसी भी समय अधिकारी के प्रशासनिक करियर पर असर डाल सकता है। जबकि आदित्य सिंह को निर्वाचन कार्य में उत्कृष्टता के लिए सम्मान मिल रहा था, वहीं ट्रांसफर ने प्रशासनिक परिदृश्य में नया मोड़ ला दिया।