Tuesday, June 16

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राजस्थान चयन बोर्ड घोटाला: दागी कंपनी को सौंपा लाखों युवाओं का भविष्य, SOG जांच में जुटी

 

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जयपुर (पुलकित सक्सेना)। राजस्थान में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में फोटो-एडिटिंग के जरिए अंक बढ़ाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ताज्जुब की बात यह है कि यूपी में ब्लैकलिस्टेड रहने के बावजूद दिल्ली की फर्म ‘राभव लिमिटेड’ को राजस्थान चयन बोर्ड (RSSB) ने लाखों युवाओं की परीक्षा स्कैनिंग का ठेका क्यों दिया, यह अब स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) की जांच में सामने आएगा।

 

OMR शीट और फोटो-एडिटिंग का विवाद

 

जांच में खुलासा हुआ कि राभव लिमिटेड को साल 2019 में सुपरवाइजर, प्रयोगशाला सहायक और कृषि पर्यवेक्षक जैसी बड़ी परीक्षाओं की OMR शीट स्कैनिंग का जिम्मा दिया गया था। आरोप है कि कंपनी ने तकनीक का गलत इस्तेमाल कर स्कैन की गई आंसर शीट में हेरफेर किया और चुने हुए उम्मीदवारों के अंक बढ़ा दिए।

 

दागी रिकॉर्ड के बावजूद ठेका

 

सवाल उठता है कि जिस समय कंपनी को राजस्थान में ठेका मिला, वह उत्तर प्रदेश में धांधली के आरोपों के घेरे में थी। यूपी में कंपनी के एक अधिकारी की पत्नी का चयन विवादित रहा। अब SOG यह खंगाल रही है कि क्या चयन बोर्ड के अधिकारी इस दागी इतिहास से वाकिफ थे या फिर जानबूझकर इसे अनदेखा किया गया।

 

गिरफ्तारियां और जांच की गहराई

 

SOG ने मामले में बोर्ड के टेक्निकल हेड संजय माथुर, प्रोग्रामर प्रवीण गंगवाल, कंपनी के कर्मचारी और एक लाभार्थी उम्मीदवार को गिरफ्तार किया है। जांच से स्पष्ट हो रहा है कि घोटाले की जड़ें काफी गहरी और संगठित हैं।

 

राजस्थान के लाखों बेरोजगार युवाओं के लिए यह मामला भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता की चिंता पैदा कर रहा है। अब सबकी नजरें SOG पर हैं कि वह इस फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड तक कब पहुंचती है।

 

 

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