Wednesday, February 18

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सोने की चमक से भारत का विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्तर पर, FCA घटने के बावजूद Forex रिजर्व ऑल टाइम हाई
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सोने की चमक से भारत का विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्तर पर, FCA घटने के बावजूद Forex रिजर्व ऑल टाइम हाई

मुंबई। नए साल की शुरुआत के साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। इस तेजी का सीधा फायदा भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) को मिला है। भले ही बीते सप्ताह देश के फॉरेन करेंसी एसेट्स (FCA) में गिरावट दर्ज की गई हो, लेकिन सोने के बढ़ते मूल्य ने इस कमी की भरपाई कर दी और भारत का विदेशी मुद्रा भंडार ऑल टाइम हाई स्तर पर पहुंच गया। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, 30 जनवरी 2026 को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में 14.361 अरब डॉलर की रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 723.774 अरब डॉलर हो गया है। एक ही सप्ताह में टूट गया पुराना रिकॉर्ड गौरतलब है कि इससे पहले 23 जनवरी 2026 को समाप्त सप्ताह के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 709.413 अरब डॉलर के रिकॉ...
India-US Trade Deal: क्या अमेरिका के साथ डील भारत के हर मर्ज की दवा? कौन-सी समस्याएं सुलझेंगी और क्या अब भी रहेगा अधूरा
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India-US Trade Deal: क्या अमेरिका के साथ डील भारत के हर मर्ज की दवा? कौन-सी समस्याएं सुलझेंगी और क्या अब भी रहेगा अधूरा

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से जिस ट्रेड डील का इंतजार किया जा रहा था, आखिरकार उसका ऐलान हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सप्ताह की शुरुआत में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा कर दी। माना जा रहा है कि यह डील भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हाल ही में हुई ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ से भी बड़ी साबित हो सकती है। इस घोषणा का असर भारतीय बाजारों में तुरंत देखने को मिला। लंबे समय से सीमित दायरे में कारोबार कर रहे शेयर बाजारों ने तेजी दिखाई और निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल बन गया। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या यह डील वाकई भारत की हर समस्या का समाधान बन पाएगी, या फिर कई चुनौतियां अभी भी बनी रहेंगी? टैरिफ घटने से भारत को सबसे बड़ी राहत भारत-अमेरिका ट्रेड डील के तहत आपसी टैरिफ को घटाकर 18% कर दिया गया है। इससे भारत की सबसे बड़ी तात्कालिक समस्या यानी अनिश्चितता काफी हद...
RBI Monetary Policy 2026: रेपो रेट में बदलाव क्यों नहीं हुआ? अमेरिका-भारत ट्रेड डील से कनेक्शन समझिए
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RBI Monetary Policy 2026: रेपो रेट में बदलाव क्यों नहीं हुआ? अमेरिका-भारत ट्रेड डील से कनेक्शन समझिए

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को अपनी मौद्रिक नीति (Monetary Policy) की समीक्षा करते हुए बड़ा फैसला लिया। केंद्रीय बैंक ने इस बार भी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया और इसे 5.25 फीसदी पर स्थिर बनाए रखा। इसके साथ ही आरबीआई ने अपना मॉनेटरी स्टांस भी ‘न्यूट्रल’ बनाए रखा है। यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब भारत ने हाल ही में अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) के साथ अहम व्यापार समझौते किए हैं। खासतौर पर अमेरिका के साथ ट्रेड डील के बाद टैरिफ दबाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब आर्थिक माहौल सकारात्मक दिख रहा है, तो RBI ने ब्याज दरों में कटौती या बढ़ोतरी क्यों नहीं की? अमेरिका-भारत डील से कम हुआ टैरिफ दबाव इस हफ्ते की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि भारत और अमेरिका के बीच एक अहम समझौते पर सहमति बन गई है। इसके तहत भारतीय सामान...
NSE IPO पर बड़ा अपडेट: बोर्ड ने दी मंजूरी, अब सिर्फ OFS के जरिए आएगा इश्यू, जानिए पूरी डिटेल
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NSE IPO पर बड़ा अपडेट: बोर्ड ने दी मंजूरी, अब सिर्फ OFS के जरिए आएगा इश्यू, जानिए पूरी डिटेल

नई दिल्ली। देश के प्रमुख स्टॉक एक्सचेंजों में शामिल नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) के आईपीओ (IPO) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से इंतजार कर रहे निवेशकों के लिए राहत की बात यह है कि एनएसई के बोर्ड ने शुक्रवार को आईपीओ लाने को औपचारिक मंजूरी दे दी है। इससे एनएसई के शेयर बाजार में लिस्ट होने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। यह मंजूरी ऐसे समय आई है जब कुछ दिन पहले ही बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने एनएसई को आईपीओ के लिए नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जारी किया था। सिर्फ OFS होगा, नया इश्यू नहीं एनएसई के प्रस्तावित आईपीओ में सबसे अहम बात यह है कि इसमें केवल ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल होगा। यानी इस आईपीओ के जरिए कंपनी कोई नया शेयर जारी नहीं करेगी, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपने हिस्से के शेयर बेचेंगे। इसका अर्थ यह भी है कि आईपीओ से मिलने वाली रकम सीधे कंपनी के पास नहीं जाएगी, बल्कि यह शेयर ...
चांदी धड़ाम: दो दिन में ₹43,300 की भारी गिरावट, सोना भी टूटा, जानिए अब क्या हैं ताजा भाव
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चांदी धड़ाम: दो दिन में ₹43,300 की भारी गिरावट, सोना भी टूटा, जानिए अब क्या हैं ताजा भाव

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सराफा बाजार में शुक्रवार को कीमती धातुओं के दामों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। लगातार दूसरे दिन निवेशकों की मुनाफावसूली के दबाव में चांदी और सोना दोनों बुरी तरह टूट गए। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली गिरावट चांदी में देखने को मिली, जो दो दिनों में हजारों रुपये लुढ़क गई। अखिल भारतीय सराफा संघ के अनुसार, शुक्रवार को चांदी में करीब 5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और इसके भाव में एक ही दिन में 13,000 रुपये की भारी टूट आई। चांदी में भारी गिरावट, 2.55 लाख पर पहुंची कीमत सराफा बाजार में शुक्रवार को चांदी 13,000 रुपये (4.85%) टूटकर 2,55,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स समेत) पर बंद हुई।गौरतलब है कि गुरुवार को भी चांदी में 30,300 रुपये की बड़ी गिरावट आई थी और यह 2,68,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। इस तरह, महज दो कारोबारी सत्रों में चांदी कुल ₹43,300 प्...
डील पर डील से बना बाजार का माहौल, दिसंबर तक सेंसेक्स 1,07,000 तक जा सकता है: मॉर्गन स्टेनली की बड़ी भविष्यवाणी
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डील पर डील से बना बाजार का माहौल, दिसंबर तक सेंसेक्स 1,07,000 तक जा सकता है: मॉर्गन स्टेनली की बड़ी भविष्यवाणी

नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजारों में एक बार फिर तेजी का माहौल बनता नजर आ रहा है। लगातार हो रही बड़ी ट्रेड डील घोषणाओं और सरकार-आरबीआई की नीतिगत पहलों के चलते निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इसी बीच दिग्गज ग्लोबल फाइनेंशियल कंपनी मॉर्गन स्टेनली ने भारतीय बाजार को लेकर बड़ा अनुमान जताया है। मॉर्गन स्टेनली की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय शेयर बाजार री-रेटिंग के लिए तैयार हैं और आने वाले महीनों में सेंसेक्स नई ऊंचाइयों को छू सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना महामारी के बाद भारत का सख्त मैक्रो माहौल अब नरम हो रहा है और ग्रोथ साइकिल में तेजी के संकेत दिख रहे हैं। दिसंबर 2026 तक सेंसेक्स 1,07,000 का अनुमान मॉर्गन स्टेनली के इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट रिधम देसाई और नयंत पारेख ने कहा कि मजबूत आर्थिक संकेतों के आधार पर दिसंबर 2026 तक सेंसेक्स के तीन संभावित स्तर सामने आते हैं— बुल केस (तेजी...
नारी सशक्तिकरण की नई उड़ान: महिला उद्यमिता को अंतरराष्ट्रीय कलाकार देंगे वैश्विक पहचान
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नारी सशक्तिकरण की नई उड़ान: महिला उद्यमिता को अंतरराष्ट्रीय कलाकार देंगे वैश्विक पहचान

इंदौर। लुनिया विनायक ग्रुप ऑफ कंपनीज़ द्वारा संचालित महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की जा रही है। इस विशेष वुमन एम्पावरमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत महिला गृह उद्योगों द्वारा निर्मित उत्पादों को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की तैयारी की जा रही है। ग्रुप ऑफ कंपनीज़ के चेयरपर्सन विनायक लुनिया ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि महिला उद्यमियों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की ब्रांडिंग और प्रचार-प्रसार के लिए अंतरराष्ट्रीय कलाकारों और संगीतकारों का सहयोग लिया जाएगा। ये कलाकार इन उत्पादों के ब्रांड एंबेसडर के रूप में कार्य करेंगे और वैश्विक मंच पर भारतीय महिला उद्यमिता की पहचान मजबूत करेंगे। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत महिलाओं द्वारा निर्मित घरेलू और हस्तनिर्मित उत्पादों को एक संगठित ब्रांड ...
बांग्लादेश अमेरिका के साथ कर रहा ‘सीक्रेट टैरिफ डील’, भारत के लिए बढ़ सकती है टेंशन
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बांग्लादेश अमेरिका के साथ कर रहा ‘सीक्रेट टैरिफ डील’, भारत के लिए बढ़ सकती है टेंशन

नई दिल्ली: बांग्लादेश की अंतरिम सरकार अमेरिका के साथ टैरिफ से जुड़े एक गुप्त समझौते की योजना बना रही है। यह डील 9 फरवरी को होने वाली है, जो बांग्लादेश के संसदीय चुनावों से ठीक तीन दिन पहले है। समझौते की अधिक जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है, क्योंकि दोनों देशों के बीच नॉन-डिस्क्लॉजर एग्रीमेंट (NDA) के तहत इसे गोपनीय रखा गया है। भारत के लिए क्यों चिंता का विषय?भारत ने हाल ही में अमेरिका के साथ एक ट्रेड डील की थी, जिसके बाद अमेरिका ने भारत पर टैरिफ घटाकर 18% कर दिया। वहीं, बांग्लादेश पर पहले से अमेरिका ने 37% टैरिफ लगाया था, जो जुलाई में 35% और अगस्त में घटाकर 20% कर दिया गया। अब माना जा रहा है कि 9 फरवरी को होने वाली डील में अमेरिका बांग्लादेश पर टैरिफ 20% से घटाकर 15% कर सकता है। इससे भारत को अपनी हाल की डील से मिलने वाले लाभ में प्रतिस्पर्धात्मक चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। अमेर...
₹18 लाख करोड़ डूबी क्रिप्टोकरेंसी, 24 घंटे में बाजार में हाहाकार – फीयर एंड ग्रीड इंडेक्स 5 पर
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₹18 लाख करोड़ डूबी क्रिप्टोकरेंसी, 24 घंटे में बाजार में हाहाकार – फीयर एंड ग्रीड इंडेक्स 5 पर

नई दिल्ली: क्रिप्टोकरेंसी की दुनिया में भूचाल आ गया है। बिटकॉइन से लेकर इथेरियम और बाइनेंस जैसी प्रमुख डिजिटल मुद्राएं बुरी तरह लुढ़क गई हैं। पिछले 24 घंटों में ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट कैप लगभग 10% गिरकर 2.24 ट्रिलियन डॉलर रह गया, जिससे निवेशकों को ₹18 लाख करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। बिटकॉइन: डिजिटल सोना बना अस्थिरदुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन ने साल 2026 की शुरुआत से ही भारी गिरावट देखी। अक्टूबर 2025 में 1,24,000 डॉलर के अपने रिकॉर्ड स्तर से बिटकॉइन आधी से ज्यादा कीमत गंवा चुका है। शुक्रवार सुबह यह लगभग 65,500 डॉलर पर कारोबार कर रहा था। बिटकॉइन को अक्सर ‘डिजिटल सोना’ कहा जाता है, क्योंकि यह सोने की तरह कोई डिविडेंड या मुनाफा नहीं देता और इसकी कीमत पूरी तरह निवेशकों की मांग पर निर्भर करती है। इथेरियम में भी लगभग 38% की गिरावट दर्ज हुई है। पूरे क्रिप्टो बाजार का मूल्य अक्...
Valentine Day 2026: अब गुलाब नहीं, तोहफों में ट्रेंड बदल गया – चॉकलेट, ग्रूमिंग किट और स्नैक्स की बढ़ी मांग
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Valentine Day 2026: अब गुलाब नहीं, तोहफों में ट्रेंड बदल गया – चॉकलेट, ग्रूमिंग किट और स्नैक्स की बढ़ी मांग

नई दिल्ली: वेलेंटाइन डे (14 फरवरी) नज़दीक है और इस बार भारतीय युवा, खासकर जनरेशन Z और मिलेनियल्स, गुलाब और टेडी बियर से आगे बढ़ चुके हैं। इंस्टामार्ट और स्विगी के ताज़ा शॉपिंग डेटा के अनुसार इस बार तोहफों का ट्रेंड बदल गया है। युवा अब दिखावटी तोहफों की जगह व्यक्तिगत, उपयोगी और मज़ेदार चीज़ों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इंस्टामार्ट के आंकड़े बताते हैं कि लोग अब गुलदस्तों की जगह चॉकलेट, स्नैक्स, प्रोटीन बार, ग्रूमिंग किट, बाथ और बॉडीकेयर कॉम्बो, फूल जैसी हेयर एक्सेसरीज़ और कंडोम जैसे आइटमों को सजाकर तोहफे में दे रहे हैं। इसे लेकर इंस्टामार्ट ने इस साल ‘सभी प्यार की भाषाओं के लिए गुलदस्ते’ नाम से लिमिटेड एडिशन कलेक्शन भी लॉन्च किया है, जिसमें गुलाब के बजाय इन आइटम्स का उपयोग किया गया है। रश्मि नाम की युवती ने बताया कि उनके वेलेंटाइन ने देर रात उन्हें उनकी पसंदीदा आइसक्रीम का टब डिलिवर कराया। ...