Saturday, January 24

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चांदी ने मचाया घमासान, 5 दिनों में 45,500 रुपये की छलांग सोना भी नई ऊंचाई पर, जानिए आज के ताजा भाव
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चांदी ने मचाया घमासान, 5 दिनों में 45,500 रुपये की छलांग सोना भी नई ऊंचाई पर, जानिए आज के ताजा भाव

नई दिल्ली। सर्राफा बाजार में इन दिनों कीमती धातुओं की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। खासतौर पर चांदी ने निवेशकों और कारोबारियों को चौंका दिया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार को चांदी के दाम 3,000 रुपये और उछल गए, जिसके साथ ही यह 2,89,000 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। वहीं सोने की कीमत भी लगातार तेजी के साथ 1,47,300 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए शिखर पर जा पहुंची। अखिल भारतीय सराफा संघ के अनुसार, घरेलू बाजार में मजबूत मांग, आभूषण कारोबारियों और स्टॉकिस्टों की लगातार खरीदारी के चलते यह तेजी देखने को मिल रही है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हल्की नरमी का रुख बना हुआ है। 5 कारोबारी सत्रों में चांदी की ऐतिहासिक छलांग चांदी ने लगातार पांचवें कारोबारी दिन तेजी कायम रखी है। गुरुवार को यह 1.05 फीसदी यानी 3,000 रुपये बढ़कर 2,89,000 रुपये प्रति किलो (सभ...
ईरान में तनाव बढ़ा तो क्या सोना–चांदी बनेंगे ‘रॉकेट’? रिकॉर्ड कीमतों के बीच निवेश कितना सुरक्षित
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ईरान में तनाव बढ़ा तो क्या सोना–चांदी बनेंगे ‘रॉकेट’? रिकॉर्ड कीमतों के बीच निवेश कितना सुरक्षित

नई दिल्ली। दुनिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के माहौल में सोना और चांदी एक बार फिर निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरे हैं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर इस सप्ताह दोनों कीमती धातुओं ने नए रिकॉर्ड बना दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई या मध्य-पूर्व में तनाव और गहराया, तो सोना-चांदी की कीमतों में और तेज़ उछाल देखने को मिल सकता है। बुधवार को MCX पर सोना 1,43,590 रुपये प्रति 10 ग्राम के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। वहीं चांदी ने 2,91,406 रुपये प्रति किलो का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया। घरेलू बाजार में भी सोना करीब 0.67 फीसदी की तेजी के साथ 1,43,201 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जबकि चांदी में लगभग 5 फीसदी की उछाल दर्ज की गई और यह 2,89,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। वैश्विक बाजारों में भी चमक बरकरार भारत ही नहीं, अंतरराष्ट्...
भारत–अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में, जल्द हो सकता है बड़ा ऐलान — वाणिज्य सचिव बोले: दोनों देश तैयार, घोषणा का सही समय तलाशा जा रहा
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भारत–अमेरिका व्यापार समझौता अंतिम चरण में, जल्द हो सकता है बड़ा ऐलान — वाणिज्य सचिव बोले: दोनों देश तैयार, घोषणा का सही समय तलाशा जा रहा

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चल रही द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Trade Deal) की बातचीत अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने गुरुवार को संकेत दिए कि यह समझौता अंतिम चरण में है और दोनों देशों के पूरी तरह तैयार होते ही इसकी औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि बातचीत लगभग सभी लंबित मुद्दों पर हो चुकी है और वार्ताकार लगातार संपर्क में हैं। हालांकि, उन्होंने किसी निश्चित तारीख का ऐलान करने से इनकार किया। उनका कहना था कि समझौते की घोषणा तभी होगी, जब दोनों पक्षों को लगेगा कि यही सही समय है। कुछ समय के लिए धीमी पड़ी थी रफ्तार पिछले साल सितंबर में अमेरिका द्वारा कुछ भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाए जाने के बाद व्यापार वार्ता की गति कुछ समय के लिए धीमी पड़ गई थी। लेकिन दिसंबर के अंतिम सप्ताह में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोय...
अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ बढ़ती नफरत: ‘अपने देश वापस जाओ’ से गूंज रहे दफ्तर और सोशल मीडिया — सख्त इमीग्रेशन नीतियों के बीच अमेरिकी कंपनियों में नस्लवाद पर सवाल
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अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ बढ़ती नफरत: ‘अपने देश वापस जाओ’ से गूंज रहे दफ्तर और सोशल मीडिया — सख्त इमीग्रेशन नीतियों के बीच अमेरिकी कंपनियों में नस्लवाद पर सवाल

नई दिल्ली। अमेरिका, जो लंबे समय तक अवसरों और विविधता का प्रतीक माना जाता रहा, अब भारतीय मूल के लोगों के लिए असहज होता जा रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में सख्त अप्रवासन नीतियों के लागू होने के बाद अमेरिका में भारत-विरोधी भावनाओं में तेज़ उछाल देखा जा रहा है। इसका असर न केवल सोशल मीडिया तक सीमित है, बल्कि FedEx, Walmart और Verizon जैसी दिग्गज अमेरिकी कंपनियों के कार्यस्थलों तक पहुंच चुका है। कॉरपोरेट दफ्तरों में नस्लवाद की आहट फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन कंपनियों में काम कर रहे भारतीय मूल के कर्मचारियों को खुले और छिपे दोनों तरह के नस्लीय हमलों का सामना करना पड़ रहा है। क्रिसमस से पहले एक क्षतिग्रस्त FedEx ट्रक का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर वायरल हुआ। इसके बाद कंपनी के भारतीय मूल के सीईओ राज सुब्रमण्यम को निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक टिप्पण...
अमेरिका ने USS अब्राहम लिंकन को ईरान की ओर मोड़ा, जानिए इसकी कीमत और ताकत
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अमेरिका ने USS अब्राहम लिंकन को ईरान की ओर मोड़ा, जानिए इसकी कीमत और ताकत

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। भारत समेत कई देशों ने अपने नागरिकों को जल्दी से जल्दी ईरान छोड़ने की सलाह दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने दक्षिण चीन सागर में तैनात अपने USS अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को मिडिल ईस्ट की तरफ मोड़ दिया है। इस स्ट्राइक ग्रुप में कई डेस्ट्रॉयर, सबमरीन और सपोर्ट शिप शामिल हैं, और इसका नेतृत्व विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन (CVN-72) कर रहा है। यूएसएस अब्राहम लिंकन: तैरता हुआ शहर यूएसएस अब्राहम लिंकन को 1980 के दशक में बनाया गया था। इस पर शुरू में करीब 2.24 अरब डॉलर खर्च आए थे, जो आज की वैल्यू में लगभग 6.8 अरब डॉलर बनते हैं। इसमें दशकों तक किए गए मेंटनेंस और अपग्रेडेशन का खर्च शामिल नहीं है। 2020-21 में इसको अपग्रेड करने में करीब 16 करोड़ डॉलर खर्च किए गए। यह पोत अपने आप में समुद्र में तैरता हुआ एक शहर और एय...
शेयर बाजार की छुट्टी पर नितिन कामत का सवाल, ‘मुझे इंसेंटिव दिखाओ’ से मचा बवाल
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शेयर बाजार की छुट्टी पर नितिन कामत का सवाल, ‘मुझे इंसेंटिव दिखाओ’ से मचा बवाल

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों के चलते गुरुवार को शेयर बाजार में पूरे दिन की छुट्टी रही। इस ट्रेडिंग हॉलिडे को लेकर जेरोधा के सीईओ नितिन कामत की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने बाजार जगत में बहस छेड़ दी। कामत ने सवाल उठाया कि एक स्थानीय निकाय चुनाव के लिए शेयर बाजार बंद करना आखिर कितना तर्कसंगत है। दरअसल, पहले 15 जनवरी को केवल सेटलमेंट हॉलिडे माना जा रहा था, लेकिन पिछले सप्ताह एक्सचेंजों ने संशोधित सर्कुलर जारी कर इसे पूरी तरह ट्रेडिंग हॉलिडे घोषित कर दिया। इसके बाद नितिन कामत ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। ‘लोकल चुनाव के लिए ग्लोबल बाजार बंद?’ कामत ने पोस्ट में कहा कि आज के दौर में दुनिया के शेयर बाजार आपस में जुड़े हुए हैं। ऐसे में किसी नगर निगम चुनाव के कारण बाजार बंद करना खराब योजना को दर्शाता है। उन्होंने लिखा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े एक्सचेंजों क...
ट्रेन का किराया कैसे तय होता है? रेलवे ने बताया—यह है ‘ट्रेड सीक्रेट’, सार्वजनिक नहीं हो सकता फॉर्मूला
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ट्रेन का किराया कैसे तय होता है? रेलवे ने बताया—यह है ‘ट्रेड सीक्रेट’, सार्वजनिक नहीं हो सकता फॉर्मूला

नई दिल्ली। ट्रेन टिकट का किराया आखिर किस आधार पर तय होता है—यह सवाल अक्सर यात्रियों के मन में उठता है। लेकिन भारतीय रेलवे का कहना है कि किराया निर्धारण का फॉर्मूला ट्रेड सीक्रेट है और इसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने भी रेलवे के इस तर्क को सही ठहराते हुए इस संबंध में दाखिल एक आरटीआई अर्जी को खारिज कर दिया है। रेलवे ने CIC के समक्ष दलील दी कि पैसेंजर ट्रेनों के अलग-अलग वर्गों (क्लास) के किराए तय करने की पद्धति और उनका वर्गीकरण बौद्धिक संपदा अधिकार (Intellectual Property Rights) के दायरे में आता है। इसलिए इसे सूचना का अधिकार (RTI) कानून के तहत साझा करना अनिवार्य नहीं है। क्या मांगी गई थी जानकारी? टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, 25 जनवरी 2024 को ऑनलाइन दायर की गई आरटीआई अर्जी में ट्रेन टिकट के बेस फेयर की गणना से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी गई थी। इसमें...
BMC Election 2026: गोवा, हिमाचल, त्रिपुरा से भी ‘अमीर’ मुंबई महापालिका, बजट जानकर चौंक जाएंगे
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BMC Election 2026: गोवा, हिमाचल, त्रिपुरा से भी ‘अमीर’ मुंबई महापालिका, बजट जानकर चौंक जाएंगे

नई दिल्ली। देश के सबसे अमीर नगर निगम बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के चुनाव आज गुरुवार से शुरू हो गए हैं। मुंबई में कुल 1,700 उम्मीदवार मैदान में हैं। चुनाव के चलते एक बार फिर बीएमसी सुर्खियों में है, लेकिन इसकी वजह सिर्फ सियासत नहीं, बल्कि इसका विशाल बजट भी है, जो देश के कई राज्यों के कुल बजट से कहीं अधिक है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बीएमसी का बजट 74,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है। बीते साल 4 फरवरी को पेश किए गए बजट के अनुसार, यह आंकड़ा 74,427 करोड़ रुपये रहा, जो अब तक का बीएमसी का सबसे बड़ा बजट है। खास बात यह है कि एक नगर निगम का यह बजट गोवा, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम और त्रिपुरा जैसे राज्यों के पूरे बजट से भी बड़ा है। राज्यों से ज्यादा है बीएमसी का बजट आंकड़ों पर नजर डालें तो गोवा का 2025-26 का कुल बजट करीब 28,162 करोड़ रुपये, अरुणाचल प्रदेश का बजट 39,842 करोड़ रुपये, हिमाचल ...
कोरोना से पहले लगाए 10 लाख, आज बन गए 37.76 लाख, जानिए किस निवेश ने दिया जबरदस्त रिटर्न
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कोरोना से पहले लगाए 10 लाख, आज बन गए 37.76 लाख, जानिए किस निवेश ने दिया जबरदस्त रिटर्न

मुंबई। शेयर बाजार में लंबे समय तक टिके निवेश का फायदा कितना बड़ा हो सकता है, इसकी मिसाल आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल इंडिया ऑपर्च्युनिटीज फंड ने पेश की है। कोरोना महामारी से ठीक एक साल पहले, जनवरी 2019 में इस फंड में किया गया 10 लाख रुपये का निवेश सात साल में बढ़कर 37.76 लाख रुपये हो गया। यानी इस दौरान निवेशकों को औसतन 21.02 प्रतिशत का सालाना रिटर्न मिला। यह स्कीम 15 जनवरी 2019 को लॉन्च हुई थी। उस समय घनश्याम (काल्पनिक नाम) जैसे कई निवेशकों ने इसमें निवेश किया था। 31 दिसंबर 2025 तक उनके निवेश की वैल्यू लगभग चार गुना के करीब पहुंच गई। तुलना करें तो अगर यही रकम इसके बेंचमार्क निफ्टी 500 टीआरआई में लगाई जाती, तो यह बढ़कर करीब 28.05 लाख रुपये होती, यानी सालाना करीब 15.97 प्रतिशत का रिटर्न। क्या है यह स्कीम? आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल इंडिया ऑपर्च्युनिटीज फंड एक ओपन-एंडेड इक्विटी स्कीम है, जो स्पेशल स...
दोपहिया वाहनों की बिक्री दो करोड़ के पार, टीवीएस को सबसे ज्यादा फायदा, बजाज को झटका
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दोपहिया वाहनों की बिक्री दो करोड़ के पार, टीवीएस को सबसे ज्यादा फायदा, बजाज को झटका

नई दिल्ली। देश में दोपहिया वाहनों की बिक्री में एक बार फिर मजबूती देखने को मिली है। वर्ष 2025 में भारत में मोटरसाइकिल और स्कूटर की कुल बिक्री 2 करोड़ यूनिट के पार पहुंच गई। भारतीय ऑटोमोबाइल निर्माताओं के संगठन (SIAM) के आंकड़ों के अनुसार, यह बिक्री 2024 की करीब 1.9 करोड़ यूनिट की तुलना में लगभग 5 प्रतिशत अधिक रही। हालांकि, यह आंकड़ा अभी भी 2018 के रिकॉर्ड 2.1 करोड़ यूनिट से कम है। घरेलू बिक्री के साथ-साथ निर्यात में भी जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई। वर्ष 2025 में दोपहिया वाहनों का निर्यात 24.2 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 49.4 लाख यूनिट पर पहुंच गया। अफ्रीकी देशों में बाजार की रिकवरी, दक्षिण एशिया में लगातार बनी मांग और मोटरसाइकिल सेगमेंट में तेजी ने निर्यात को मजबूती दी। टीवीएस को सबसे ज्यादा फायदा कंपनियों के प्रदर्शन की बात करें तो हीरो मोटोकॉर्प देश की सबसे बड़ी दोपहिया वाहन निर्माता बनी रही।...