
नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजारों में एक बार फिर तेजी का माहौल बनता नजर आ रहा है। लगातार हो रही बड़ी ट्रेड डील घोषणाओं और सरकार-आरबीआई की नीतिगत पहलों के चलते निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। इसी बीच दिग्गज ग्लोबल फाइनेंशियल कंपनी मॉर्गन स्टेनली ने भारतीय बाजार को लेकर बड़ा अनुमान जताया है।
मॉर्गन स्टेनली की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय शेयर बाजार री-रेटिंग के लिए तैयार हैं और आने वाले महीनों में सेंसेक्स नई ऊंचाइयों को छू सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना महामारी के बाद भारत का सख्त मैक्रो माहौल अब नरम हो रहा है और ग्रोथ साइकिल में तेजी के संकेत दिख रहे हैं।
दिसंबर 2026 तक सेंसेक्स 1,07,000 का अनुमान
मॉर्गन स्टेनली के इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट रिधम देसाई और नयंत पारेख ने कहा कि मजबूत आर्थिक संकेतों के आधार पर दिसंबर 2026 तक सेंसेक्स के तीन संभावित स्तर सामने आते हैं—
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बुल केस (तेजी का अनुमान): सेंसेक्स 1,07,000 तक पहुंच सकता है
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बेस केस (सामान्य अनुमान): सेंसेक्स 95,000 तक जा सकता है
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बेयर केस (नकारात्मक अनुमान): सेंसेक्स 76,000 तक गिरने की आशंका
विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत द्वारा यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ की गई ट्रेड डील ने बाजार में सकारात्मक माहौल को और मजबूती दी है।
तेजी के पीछे क्या हैं बड़े कारण?
रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा उठाए गए कदमों से बाजार को सपोर्ट मिल रहा है। इनमें प्रमुख रूप से—
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रेपो रेट में कटौती
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बैंकिंग सेक्टर में डीरेगुलेशन
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लिक्विडिटी बढ़ाने के उपाय
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कैपेक्स (पूंजीगत खर्च) में निरंतरता
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टैक्स कटौती और बजट में प्रोत्साहन
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महंगाई पर नियंत्रण की उम्मीद
इन कारणों से भारत में आर्थिक गति तेज होने और कॉरपोरेट कमाई में बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है।
शेयर बाजार को मिल रहा ‘रेयर कॉम्बिनेशन’ का फायदा
विश्लेषकों ने कहा कि भारतीय शेयरों को कई मजबूत फैक्टर्स का एक साथ लाभ मिल रहा है। इनमें शामिल हैं—
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सस्ते वैल्यूएशन
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पिछले 12 महीनों का कमजोर प्रदर्शन (अब रिकवरी की संभावना)
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मजबूत पॉलिसी स्टिमुलस
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कम वैल्यू वाली भारतीय मुद्रा
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कमजोर विदेशी निवेशक पोजीशनिंग
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बायबैक साइकिल लौटने की संभावना
मॉर्गन स्टेनली के अनुसार, भारत में बीते चार वर्षों में विदेशी निवेशकों (FPI) की हिस्सेदारी घटी है, लेकिन ग्रोथ में सुधार आते ही विदेशी निवेश दोबारा लौट सकता है।
चार बड़े कैटेलिस्ट बताए
रिपोर्ट में बाजार की मजबूती के लिए चार मुख्य कैटेलिस्ट गिनाए गए—
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कमाई में बदलाव के संकेत (अर्निंग्स में पॉजिटिव अपग्रेड की संभावना)
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आरबीआई की नीति का सपोर्ट (लिक्विडिटी और लोन ग्रोथ को बढ़ावा)
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पॉलिसी रिफॉर्म्स (निजीकरण जैसे बड़े कदम)
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विदेशी खरीदारी की वापसी (लंबी बिकवाली के बाद FPI खरीदारी की संभावना)
सेंसेक्स में तेजी, बाजार हरे निशान पर बंद
शुक्रवार, 6 फरवरी को बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 266.50 अंक (0.32%) की बढ़त के साथ 83,580.40 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 भी 51 अंक (0.20%) चढ़कर 25,693.70 के स्तर पर पहुंच गया।
निष्कर्ष
मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट ने भारतीय बाजारों को लेकर निवेशकों के बीच नई उम्मीद जगा दी है। लगातार ट्रेड डील, आर्थिक सुधार और आरबीआई की नीतियों से बाजार को मजबूती मिल रही है। अगर मौजूदा परिस्थितियां बनी रहीं, तो दिसंबर 2026 तक सेंसेक्स 1,07,000 के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंच सकता है।