Friday, February 13

गुजरात SIR विवाद: कांग्रेस का आरोप—बीजेपी लाखों योग्य मतदाताओं का वोटिंग अधिकार छीनने की साजिश कर रही

अहमदाबाद। गुजरात में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि बीजेपी के इशारे पर फॉर्म-7 का दुरुपयोग कर लाखों वास्तविक और योग्य मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए इसे “वोट चोरी की साजिश” करार दिया है।

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कांग्रेस के अनुसार SIR प्रक्रिया के बाद जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में वर्ष 2002 की मतदाता सूची से करीब 74 लाख नाम हटाए गए, जिससे राज्य में बड़ी संख्या में मतदाताओं के अधिकारों पर सवाल खड़े हो गए हैं।

फॉर्म-7 पर अचानक बढ़े ऑब्जेक्शन, कांग्रेस ने जताई साजिश की आशंका

गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति के प्रमुख अमित चावड़ा ने कहा कि 15 जनवरी तक चुनाव आयोग के पास फॉर्म-7 के आवेदन बेहद कम थे, लेकिन 15 जनवरी के बाद अचानक इनकी संख्या तेजी से बढ़ गई। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग ने 22 जनवरी को बताया कि फॉर्म-7 के जरिए 12,59,229 आपत्तियां दर्ज की गई हैं।

चावड़ा का आरोप है कि इन आपत्तियों में बड़ी संख्या में आवेदन फर्जी नामों और गलत जानकारी के आधार पर जमा किए गए, ताकि वास्तविक मतदाताओं का नाम सूची से हटाया जा सके।

सीसीटीवी फुटेज देने की मांग

कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मांग की है कि जिन लोगों ने 18 जनवरी को बड़ी संख्या में फॉर्म-7 जमा किए, उनकी सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक की जाए, ताकि यह पता चल सके कि आवेदन किसने और किन परिस्थितियों में जमा किए।

कांग्रेस का दावा है कि कई मतदाताओं ने एफिडेविट दाखिल कर कहा है कि उनके नाम पर आपत्ति उनकी जानकारी और सहमति के बिना दर्ज कराई गई।

वडोदरा में कांग्रेस का दावा—हजारों फर्जी आवेदन

कांग्रेस ने वडोदरा में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर फर्जीवाड़े के आंकड़े पेश किए। वडोदरा शहर अध्यक्ष रूत्विज जोशी ने आरोप लगाया कि शहर में हजारों की संख्या में फर्जी फॉर्म-7 आवेदन जमा किए गए हैं। उनके अनुसार वडोदरा सिटी में 4569, सयाजीगंज में 8195, अकोटा में 13188 और रावपुरा में 19045 फॉर्म-7 आवेदन संदिग्ध पाए गए हैं।

जोशी ने मांग की कि फर्जी दस्तावेज जमा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

हाईकोर्ट पहुंचा मामला

विवाद बढ़ने के बाद सूरत के दो कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर गुजरात हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि SIR के नाम पर मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए जा रहे हैं

यह याचिका कांग्रेस की ओर से 10 फरवरी को दाखिल की गई है।

17 फरवरी को जारी होगी अंतिम वोटर लिस्ट

चुनाव आयोग के अनुसार गुजरात में अंतिम मतदाता सूची 17 फरवरी 2026 को प्रकाशित होने की संभावना है। इस दौरान लगभग 6.88 लाख नए नाम जोड़ने और 9.88 लाख नाम हटाने के आवेदन प्राप्त हुए हैं।

बताया जा रहा है कि पुनरीक्षण के बाद तैयार अंतिम मतदाता सूची के आधार पर ही राज्य के बड़े शहरों में होने वाले महानगरपालिका चुनाव कराए जाएंगे।

फिलहाल कांग्रेस लगातार इस मुद्दे पर आक्रामक बनी हुई है और राज्यभर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसे लोकतंत्र और मताधिकार पर हमला बता रही है। वहीं चुनाव आयोग और प्रशासन की ओर से पूरे मामले की निगरानी किए जाने की बात कही जा रही है।

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