
जयपुर: राजस्थान विधानसभा के शून्यकाल के दौरान गुरुवार को कांग्रेस विधायक रोहित बोहरा पर अभद्र इशारों का आरोप लगने के बाद शुक्रवार को सदन का माहौल गरमा गया। भाजपा ने विधायक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई, वहीं कांग्रेस ने मामले को शांतिपूर्ण बातचीत से सुलझाने की अपील की।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि यह गंभीर मामला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे मामले का वीडियो देखा जाएगा। यदि वीडियो में दिखाया गया आचरण सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं पाया गया, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। देवनानी ने कहा, “सदन की कार्यवाही लाखों लोगों की नजर में होती है। एक विधायक लाखों मतदाताओं के वोट से चुना जाता है, इसलिए उसकी जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी होती है। विधानसभा की मर्यादा का पालन हर सदस्य के लिए अनिवार्य है।”
भाजपा विधायक श्रीचंद कृपलानी ने सदन में रोहित बोहरा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है और संबंधित विधायक से माफी मंगवाने के साथ उचित कार्रवाई होनी चाहिए। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने भी इस बात से सहमति जताई और कहा कि सदस्य के आचरण का सदन की गरिमा के अनुरूप होना अनिवार्य है।
दूसरी ओर, कांग्रेस विधायक दल के सचेतक रफीक खान ने भाजपा की मांग का विरोध किया। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी इस प्रकार के मामले आपसी बातचीत से सुलझाए गए हैं और इस मामले को भी पहले की तरह शांति से हल किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि विधायक उस समय अपनी सीट पर बैठे हुए थे।
अभी पूरा मामला स्पीकर की जांच पर टिका है। वीडियो की समीक्षा के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
