
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर भूचाल मच गया है। टीएमसी से निष्कासित पूर्व विधायक हुमायूं कबीर ने शुक्रवार को सनसनीखेज बयान देते हुए कहा कि उनकी हत्या के लिए 2 करोड़ रुपये की सुपारी दी गई है।
हुमायूं कबीर, जिन्होंने हाल ही में जनता उन्नयन पार्टी (JUP) की स्थापना की है, ने बंगाल में बाबरी मस्जिद बनाने का ऐलान किया था। इसी मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस ने उन्हें निष्कासित कर दिया था।
कबीर ने कहा कि मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में मस्जिद की नींव रख दी गई है और इसका निर्माण करीब दो साल में पूरा होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधीक्षक धृतिमान सरकार ने उनकी हत्या के लिए एक सुपारी किलर को नियुक्त किया है।
63 वर्षीय हुमायूं कबीर पहले ममता बनर्जी सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। उन्होंने राजनीतिक दलों को गठबंधन का प्रस्ताव भी रखा, लेकिन अब वे खुद को बंगाल के किंगमेकर के रूप में स्थापित करने का दावा कर रहे हैं।
टीएमसी ने 6 दिसंबर को बेलडांगा में बाबरी मस्जिद का शिलान्यास करने के बाद उन्हें पार्टी से निष्कासित किया। हुमायूं कबीर के अनुसार, मस्जिद के लिए 11 बीघा जमीन में लाखों ईंटें, रेत और बड़ी मात्रा में सरिया जमा किया जा चुका है।
इस सनसनीखेज बयान ने न केवल बंगाल की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव में सामाजिक और धार्मिक ध्रुवीकरण के सवाल भी उठाए हैं।
