ईरान की अर्थव्यवस्था पाताल में: महंगाई, करेंसी और प्रतिबंधों की आग में क्या बच पाएगी इस्लामिक सरकार?
तेहरान, 1 जनवरी: ईरान की आर्थिक और सामाजिक स्थिति पिछले साल के अंत तक पूरी तरह से संकट में पहुँच गई है। गिरती करेंसी रियाल, बढ़ती महंगाई और अमेरिकी–यूरोपीय प्रतिबंधों के बीच जनता का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है। रविवार को राजधानी तेहरान के ग्रैंड बाजार से शुरू हुए विरोध प्रदर्शन चौथे दिन हिंसक रूप ले चुके हैं।
दुकानदारों और छोटे व्यापारियों ने कारोबार बंद कर विरोध प्रदर्शन शुरू किया, जो जल्द ही पूरे शहर और अन्य प्रांतों जैसे इस्फहान, यज़्द, जंजन, कूहदश्त और फासा तक फैल गया। प्रदर्शनकारियों ने गिरती रियाल और बढ़ती महंगाई के खिलाफ आवाज उठाई। इस साल डॉलर के मुकाबले रियाल की कीमत आधी हो गई है, जिससे आम जनता का जीवन कठिनाइयों से भरा हो गया है। एक डॉलर अब लगभग 14.2 लाख रियाल के बराबर हो गया है, जबकि खाद्य पदार्थों की कीमतें पिछले साल की तुलना में 70 प्रतिशत से अधिक बढ़ चुकी हैं।...









