Saturday, June 20

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तारिक रहमान: ढाका का ‘डार्क प्रिंस’, जो बन रहे हैं बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री
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तारिक रहमान: ढाका का ‘डार्क प्रिंस’, जो बन रहे हैं बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री

ढाका, 13 फरवरी 2026: बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेतृत्व में हुए बांग्लादेश चुनाव में प्रचंड जीत के बाद अब तारिक रहमान देश के अगले प्रधानमंत्री बनने के कगार पर हैं। 17 साल के स्वनिर्वासन के बाद 25 दिसंबर 2025 को ढाका लौटे रहमान ने पार्टी में जान फूंकते हुए BNP को प्रचंड बहुमत तक पहुँचाया। चुनावी जीत और आंकड़े BNP ने 300 संसदीय सीटों में से 292 पर चुनाव लड़ा, बाकी सीटें सहयोगियों के साथ साझा कीं। अनौपचारिक नतीजों के अनुसार BNP गठबंधन को 181 सीटों पर जीत मिली, जबकि जमात-ए-इस्लामी गठबंधन को सिर्फ 61 सीटें मिलीं। अन्य इस्लामी और छोटी पार्टियों को केवल 7 सीटें मिलीं। BNP की इस जीत का मतलब है कि तारिक रहमान लगभग तय रूप से अगले प्रधानमंत्री होंगे। कौन हैं तारिक रहमान? तारिक रहमान, बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जनरल जियाउर रहमान और तीन बार प्रधानमंत्री बेगम ...
बांग्लादेश चुनाव पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया: शहबाज-जरदारी ने तारिक रहमान को दी बधाई
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बांग्लादेश चुनाव पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया: शहबाज-जरदारी ने तारिक रहमान को दी बधाई

इस्लामाबाद/ढाका, 13 फरवरी 2026: बांग्लादेश के संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की शानदार जीत के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने BNP के चेयरमैन तारिक रहमान को बधाई दी। तारिक रहमान ने ढाका-8 और बोगुरा-6 से जीत दर्ज की और उनकी पार्टी को 300 संसदीय सीटों में से 200 से अधिक सीटों पर जीत मिलने का अनुमान है। जमात-ए-इस्लामी मुश्किल से 60 से अधिक सीटों पर सफल रही है। वोटों की गिनती अभी जारी है, लेकिन तारिक रहमान अगले प्रधानमंत्री बनने की राह पर हैं। पाकिस्तान की बधाई प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा:"मैं BNP को बांग्लादेश में संसदीय चुनाव में शानदार जीत दिलाने पर तारिक रहमान को दिल से बधाई देता हूं। मैं बांग्लादेश के लोगों को भी उनके सफल और शांतिपूर्ण चुनाव के लिए बधाई देता हूं। मैं नए नेतृत्व के साथ मिलकर हमारे ऐतिहासिक द्विपक्षीय संबंधो...
शेख हसीना को सत्ता उखाड़ने वाले छात्र नेताओं की पार्टी NCP का बुरा हाल, मुश्किल से जीतीं 6 सीटें
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शेख हसीना को सत्ता उखाड़ने वाले छात्र नेताओं की पार्टी NCP का बुरा हाल, मुश्किल से जीतीं 6 सीटें

ढाका, 13 फरवरी 2026: बांग्लादेश में गुरुवार को हुए संसदीय चुनाव में छात्र नेताओं की पार्टी NCP (नेशनल सिटीजन पार्टी) पूरी तरह से असफल रही। शेख हसीना के खिलाफ जुलाई-अगस्त 2024 में विद्रोह करने वाले छात्र नेताओं ने मोहम्मद यूनुस के निर्देशन में यह पार्टी बनाई थी, लेकिन चुनाव में उन्हें सिर्फ 6 सीटें ही मिलीं। NCP का चुनावी प्रदर्शन NCP ने कुल 30 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन सिर्फ 3-6 सीटों पर ही सफलता मिली। पार्टी के प्रमुख चेहरे नाहिद इस्लाम ने ढाका-11 से केवल 2,039 वोटों से जीत हासिल की। रंगपुर-4 से अख्तर हुसैन और कुरीग्राम-2 से अतीकुर रहमान ने जीत दर्ज की, लेकिन अधिकांश उम्मीदवार हार गए। लक्ष्मीपुर-1 में छात्र प्रदर्शन के प्रमुख मोहम्मद महबूब आलम 59,265 वोटों के साथ चुनाव हार गए। हार के कारण अंतर पार्टी संघर्ष: NCP के भीतर छात्र नेताओं के बीच सत्ता और प्र...
‘न दिल्ली, न पिंडी’ का नेता तारिक रहमान होंगे बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री, पाकिस्तान के साथ रिश्तों पर उठे सवाल
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‘न दिल्ली, न पिंडी’ का नेता तारिक रहमान होंगे बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री, पाकिस्तान के साथ रिश्तों पर उठे सवाल

ढाका, 13 फरवरी 2026: बांग्लादेश की राजनीति में करीब दो दशकों के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) सत्ता में लौट रही है। तारिक रहमान अब देश के अगले प्रधानमंत्री बनने के कगार पर हैं। उनकी ताजपोशी के साथ ही पाकिस्तान-बांग्लादेश संबंधों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। तारिक रहमान की जीत और राजनीतिक वापसी 60 साल के तारिक रहमान 17 साल के निर्वासन के बाद 25 दिसंबर को लंदन से लौटे। बांग्लादेश चुनाव में BNP ने 151 सीटों का बहुमत पार कर लिया है और कई सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं। मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार जल्द ही सत्ता हस्तांतरण कर सकती है। रहमान बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान और तीन बार प्रधानमंत्री खालिदा जिया के सबसे बड़े बेटे हैं। 2001 में BNP के सत्ता में रहते हुए उन्हें ‘पैरेलल पावर सेंटर’ कहा जाता था। अमेरिकी डिप्लोमैटिक केबल्स में उन्हें ‘डार्क प्रिंस’ के रूप में वर्णित क...
बांग्लादेश चुनाव 2026: BNP की जीत ने पश्चिमी देशों और जमात की योजनाओं पर पानी फेर दिया, यूनुस भी बेमतलब
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बांग्लादेश चुनाव 2026: BNP की जीत ने पश्चिमी देशों और जमात की योजनाओं पर पानी फेर दिया, यूनुस भी बेमतलब

ढाका, 13 फरवरी 2026: बांग्लादेश के संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने अभूतपूर्व जीत दर्ज की है, जिससे देश की राजनीतिक दिशा पूरी तरह बदल गई है। जमात-ए-इस्लामी, जिसे अमेरिका और ब्रिटेन की खुली मदद मिल रही थी, चुनाव में करारी हार का सामना कर गई। मोहम्मद यूनुस की मशीनरी भी इस बार नाकाम रही। BNP की जीत के मायने इस चुनाव में अवामी लीग को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं थी, इसलिए BNP ही मुख्यधारा की पार्टी के रूप में सामने आई। BNP को 300 संसदीय सीटों में से 200 से अधिक सीटों पर भारी बहुमत मिलने का अनुमान है। इसका सीधा मतलब है कि जनता ने मध्यमार्गी और मुख्यधारा की राजनीति को ही अपना विकल्प माना है। महिला वोटर्स ने जमात को नकारा महिला वोटरों ने खुलकर BNP को समर्थन दिया और जमात-ए-इस्लामी को सत्ता से दूर रखा। अलग-अलग इंडस्ट्री की महिलाओं ने स्पष्ट तौर पर BNP को बेहतर विकल्प के रूप म...
बांग्लादेश संसदीय चुनाव में BNP की बंपर जीत, तारिक रहमान होंगे अगले प्रधानमंत्री, जमात का सूपड़ा साफ
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बांग्लादेश संसदीय चुनाव में BNP की बंपर जीत, तारिक रहमान होंगे अगले प्रधानमंत्री, जमात का सूपड़ा साफ

ढाका, 13 फरवरी 2026: बांग्लादेश में गुरुवार को संपन्न हुए संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। मतगणना के अनुसार, BNP ने 151 सीटें जीत ली हैं और 120 से अधिक सीटों पर आगे चल रही है, जबकि जमात-ए-इस्लामी को केवल 43 सीटों पर ही सफलता मिली। इस चुनाव में अवामी लीग को चुनाव लड़ने से रोक दिया गया था। इस परिणाम के बाद, पिछले 17 सालों से निर्वासित रहने वाले तारिक रहमान, जो खालिदा जिया के पुत्र हैं, अगले प्रधानमंत्री बनने की राह पर हैं। उन्होंने कानून का शासन बहाल करने और गारमेंट्स सेक्टर में नई जान फूंकने का वादा किया है। बांग्लादेश चुनाव-2026 की 10 बड़ी बातें BNP ने अभी तक 151 सीटों पर जीत हासिल कर ली है, जबकि जमात-ए-इस्लामी सिर्फ 43 सीटों पर सीमित रही। बांग्लादेश की संसद में 350 सीटें हैं, जिनमें 50 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इस बार 29...
रूस ने जापान के नजदीक तैनात किए सबसे घातक Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट, पुतिन का इरादा क्या?
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रूस ने जापान के नजदीक तैनात किए सबसे घातक Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट, पुतिन का इरादा क्या?

खाबरोवस्क: रूस ने जापान के नजदीक अपने एयरबेस पर Su-57 पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमानों की तैनाती शुरू कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार, रूस के रशियन एयरोस्पेस फोर्सेज ने खाबरोवस्क इलाके के द्ज़्योमगी एयर बेस पर कम से कम 15 Su-57 विमानों को तैनात किया है। यह एयर बेस रूस के लिए रणनीतिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील माना जाता है और यहां पहले Su-35S और MiG-31BM इंटरसेप्टर भी तैनात थे। Su-57 तैनाती का मकसद विशेषज्ञों का मानना है कि इस तैनाती का मुख्य उद्देश्य पड़ोसी जापान को सशक्त संदेश देना है। जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची के सत्ता में आने के बाद अमेरिका-जापान गठबंधन और मजबूत हो सकता है। ऐसे में Su-57 विमानों की तैनाती अमेरिकी एयरफोर्स के F-35 और F-22 फाइटर्स को चुनौती देने और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। एयरफोर्स की तैयारी और प्रशिक्षण Su-57 विमानों को...
चीन को रोकने के लिए भारत का साथ जरूरी: ट्रंप प्रशासन
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चीन को रोकने के लिए भारत का साथ जरूरी: ट्रंप प्रशासन

वॉशिंगटन: अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने दक्षिण एशिया और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती ताकत का मुकाबला करने के लिए भारत को एक अहम और भरोसेमंद सहयोगी बताया है। अमेरिकी सहायक विदेश मंत्री पॉल कपूर ने बुधवार को हाउस की विदेश मामलों की कमेटी के सब-कमेटी में यह बात कही। भारत का महत्व कपूर ने कहा कि एक ऐसा मजबूत और स्वतंत्र भारत, जो अपने दम पर विकास कर सके और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित कर सके, अमेरिका के रणनीतिक हितों के लिए महत्वपूर्ण है। उनका कहना था कि भारत की मजबूती इंडो-पैसिफिक में चीन की विस्तारवादी क्षमता को कमजोर करती है। रूसी तेल और ऊर्जा संबंध अमेरिका ने यह भी बताया कि भारत रूस से तेल की खरीद कम कर रहा है और अलग-अलग स्रोतों से ऊर्जा खरीद रहा है। पॉल कपूर ने कहा कि नई दिल्ली की अमेरिकी तेल खरीदने की संभावनाएं भी सकारात्मक हैं। उनका मानना है कि भारत का आर्थिक विकास और स्वतंत्र मिलिट...
चीन की शह पर ब्रिक्स का विस्तार भारी पड़ा, सदस्य देशों में गहराए मतभेद, अमेरिका खुश
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चीन की शह पर ब्रिक्स का विस्तार भारी पड़ा, सदस्य देशों में गहराए मतभेद, अमेरिका खुश

नई दिल्ली: 2026 के दावोस वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में इस साल ब्रिक्स+ के भीतर पहली बार खुलकर मतभेद नजर आए। विस्तार की तेज़ी के बावजूद समूह के भीतर सदस्य देशों के हित टकराने लगे हैं, जिससे रणनीतिक संकट गहराने लगा है। विशेषज्ञों का कहना है कि BRICS+ का मौजूदा स्वरूप उसकी मूल भूमिका और लक्ष्य को पूरा करने में असमर्थ साबित हो रहा है। विस्तार के बावजूद दरारें ब्रिक्स+ में चीन, रूस और भारत की अलग-अलग प्राथमिकताएं सबसे बड़ी चुनौती बन गई हैं। चीन इस समूह का आर्थिक इंजन बनकर डॉलर को चुनौती देने की कोशिश कर रहा है, जबकि रूस अपनी सैन्य क्षमता को बनाए रखने और विस्तार देने में जुटा है। वहीं भारत मल्टी-अलाइनमेंट नीति पर जोर देते हुए किसी भी देश को नेतृत्व की भूमिका में स्वीकार नहीं कर रहा। विशेषज्ञ बताते हैं कि 2024 के बाद BRICS का विस्तार ब्रिक्स+ में कई नए देशों—जैसे ईरान, मिस्र, इंडोनेशिया, संयुक्त अर...
बांग्लादेश चुनाव के बीच अमेरिका और चीन में तनाव, ड्रैगन ने अमेरिकी राजदूत को दी चेतावनी
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बांग्लादेश चुनाव के बीच अमेरिका और चीन में तनाव, ड्रैगन ने अमेरिकी राजदूत को दी चेतावनी

ढाका: बांग्लादेश में चुनाव के दिन ही अमेरिका और चीन के बीच कूटनीतिक झगड़ा शुरू हो गया है। ढाका स्थित चीनी दूतावास ने बुधवार को स्पष्ट किया कि किसी भी तीसरे पक्ष द्वारा बांग्लादेश-चीन रिश्तों में हस्तक्षेप या गलतफहमियां फैलाने की कोशिश नाकाम रहेगी। दूतावास के प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिकी राजदूत ब्रेंट टी. क्रिस्टेंसन बार-बार पुराने तर्क दोहरा रहे हैं और बांग्लादेश-चीन संबंधों पर गलत आरोप लगा रहे हैं। चीन ने किया सख्त रुख चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने कहा, "चीन और बांग्लादेश एक-दूसरे का सम्मान और समर्थन करते हैं। देशों के बीच दोस्ताना लेन-देन और आपसी फायदे वाले सहयोग का यह एक उदाहरण है। किसी भी बाहरी ताकत की दखलअंदाजी को स्वीकार नहीं किया जाएगा।" अमेरिका की चिंता इससे पहले अमेरिकी राजदूत क्रिस्टेंसन ने दक्षिण एशिया में चीन के बढ़ते प्रभाव को लेकर अपनी चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था कि अ...