Monday, June 22

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सिम कार्ड का एक कोना कटा क्यों होता है? डिजाइन से आगे की बात, जानें पीछे का विज्ञान
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सिम कार्ड का एक कोना कटा क्यों होता है? डिजाइन से आगे की बात, जानें पीछे का विज्ञान

क्या आपने कभी गौर किया है कि हर सिम कार्ड का एक कोना कटा हुआ होता है? यह सिर्फ डिजाइन का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक कारण है, जो आपके फोन और सिम कार्ड दोनों को सुरक्षित रखता है।   सिम कार्ड का इतिहास और आकार सिम कार्ड की शुरुआत 1990 के दशक में हुई थी। तब ये कार्ड आज के क्रेडिट कार्ड जितने बड़े हुआ करते थे। जैसे-जैसे मोबाइल फोन छोटे हुए, सिम कार्ड का आकार भी मिनी, माइक्रो और अंततः नैनो सिम में बदल गया। यूरोपीय दूरसंचार मानक संस्थान (ETSI) ने इस कटे कोने वाले डिज़ाइन को अपनाया ताकि पूरी दुनिया में सिम कार्ड का एक ही मानक हो। आकार बदलने के बावजूद कटे हुए कोने का डिज़ाइन आज भी अपरिवर्तित है, क्योंकि यह सरल होने के साथ-साथ संचार सुरक्षा के लिए भी बेहद प्रभावी है।   एक कोना क्यों कटा होता है? सिम कार्ड का एक कोना इसलिए कटा होता है ताकि यूजर इसे फोन में सह...
टेक न्यूज़, 23 जनवरी 2026 पुलिस के पास होगा जासूसी सॉफ्टवेयर, चोरी की किताबों से AI ट्रेनिंग देने का आरोप, ऐपल सिरी में बड़ा बदलाव, मोटोरोला सिग्नेचर भारत में लॉन्च
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टेक न्यूज़, 23 जनवरी 2026 पुलिस के पास होगा जासूसी सॉफ्टवेयर, चोरी की किताबों से AI ट्रेनिंग देने का आरोप, ऐपल सिरी में बड़ा बदलाव, मोटोरोला सिग्नेचर भारत में लॉन्च

नवभारत टाइम्स की प्रमुख टेक खबरों में 23 जनवरी को शामिल हैं: ऐपल सिरी में एआई चैटबॉट का नया अवतार, आयरलैंड में पुलिस को जासूसी सॉफ्टवेयर की मंजूरी की तैयारी, एनवीडिया पर चोरी किताबों से एआई ट्रेनिंग देने के आरोप, और मोटोरोला का प्रीमियम स्मार्टफोन भारत में लॉन्च।   ऐपल सिरी बनेगा AI चैटबॉट एप्पल अपने वॉइस असिस्टेंट सिरी को एआई चैटबॉट में बदलने की तैयारी कर रही है। नए सिरी में यूजर वन-टू-वन बातचीत कर सकेंगे, इमेज जनरेशन कर पाएंगे और स्क्रीन पर दिख रही दो तस्वीरों के बारे में पूछ सकते हैं। सिरी वॉइस और टेक्स्ट दोनों में सपोर्ट करेगा और जवाब आम बोलचाल की भाषा में देगा। रिपोर्ट के अनुसार, यह बदलाव इस साल की दूसरी छमाही में पेश किया जा सकता है।   आयरलैंड में पुलिस के पास जासूसी सॉफ्टवेयर का अधिकार आयरलैंड सरकार एक नया कानून लाने की तैयारी में है, जिससे पुलिस को जासूसी सॉफ्टवेयर का...
Redmi Pad 2 Pro 5G: 27 दिन का अनुभव — डिस्प्ले और बैटरी ने किया प्रभावित, कुछ फीचर्स लगे औसत
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Redmi Pad 2 Pro 5G: 27 दिन का अनुभव — डिस्प्ले और बैटरी ने किया प्रभावित, कुछ फीचर्स लगे औसत

Redmi Pad 2 Pro का वाई-फाई वेरिएंट 24,999 रुपये में उपलब्ध है, जबकि 5G मॉडल की शुरुआती कीमत 27,999 रुपये है। इस टैबलेट की मुख्य खासियत इसकी बिल्ड क्वालिटी, डिस्प्ले और बैटरी हैं। टैबलेट का पिछला हिस्सा एल्यूमीनियम अलॉय से बना है और बैक कैमरा मॉड्यूल को एक अलग पैटर्न के साथ डिज़ाइन किया गया है। यदि आप नया टैबलेट खरीदने का सोच रहे हैं, तो आमतौर पर आपकी प्राथमिकताएँ अच्छी डिस्प्ले, दमदार बैटरी और संतोषजनक परफॉर्मेंस होंगी। 25–30 हजार रुपये की रेंज में Redmi Pad 2 Pro 5G इन सभी मानकों पर खरा उतरता है। मैंने इस टैब को 27 दिनों तक इस्तेमाल किया और इसके अच्छे और औसत फीचर्स का अनुभव साझा कर रहा हूँ। मजबूत, प्रीमियम लेकिन भारी Pad 2 Pro 5G का डिजाइन प्रीमियम और मजबूत है। इसका वजन 600 ग्राम से अधिक है, जो लंबे समय तक हाथ में पकड़ने पर थोड़ा भारी लगता है, खासकर बच्चों के लिए। इसका मोटा वजन 12,000mA...
ऑस्ट्रेलिया के कदम की तर्ज पर आंध्र प्रदेश में बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन की तैयारी
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ऑस्ट्रेलिया के कदम की तर्ज पर आंध्र प्रदेश में बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन की तैयारी

विशाखापत्तनम: ऑस्ट्रेलिया में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन लगाने के बाद अब ऐसा कदम भारत में भी उठाया जा सकता है। दक्षिण भारतीय राज्य आंध्र प्रदेश इस पर गंभीरता से विचार कर रहा है। राज्य के आईटी मंत्री नारा लोकेश ने कहा है कि कम उम्र के बच्चे सोशल मीडिया पर दिखाए जाने वाले कंटेंट को पूरी तरह समझ नहीं पाते। ऐसे में उन्हें सुरक्षित रखने के लिए मजबूत कानूनी ढांचे की जरूरत है।   ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण पिछले महीने दिसंबर में ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों को टिकटॉक, एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म चलाने से रोक दिया। बच्चों के लिए नए अकाउंट बनाना भी प्रतिबंधित है और पुराने अकाउंट को डिएक्टिवेट करना होगा। इस फैसले ने दुनिया भर में चर्चा पैदा की और पैरंट्स ने इसे सकारात्मक कदम माना।   आंध्र प्रदेश का प्लान मीडिया रिपोर्टों के...
इसी साल लॉन्च होगा OpenAI का पहला एआई गैजेट, स्मार्टफोन की जरूरत कम कर देगा
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इसी साल लॉन्च होगा OpenAI का पहला एआई गैजेट, स्मार्टफोन की जरूरत कम कर देगा

नई दिल्ली: एआई टेक्नोलॉजी के लिए मशहूर कंपनी OpenAI इसी साल अपनी पहली हार्डवेयर डिवाइस लॉन्च करने जा रही है। यह डिवाइस उपयोगकर्ताओं को स्मार्टफोन पर निर्भरता कम करने में मदद करेगी और एआई से सीधे संवाद करने की सुविधा देगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह गैजेट 2026 की दूसरी छमाही यानी जून से दिसंबर के बीच बाजार में आ सकता है।   गोली आकार के ईयरबड्स या एआई पेन कंपनी के पहले गैजेट के बारे में जानकारी अब तक आधिकारिक रूप से नहीं आई है, लेकिन लीक रिपोर्ट्स में बताया गया है कि यह गोली आकार के दो ईयरबड्स हो सकते हैं, जो कान में फिट होंगे और चैटजीपीटी के साथ इंटीग्रेट होंगे। कुछ रिपोर्टों में इसे एआई पावर्ड पेन के रूप में भी बताया गया है। OpenAI का उद्देश्य केवल फैंसी गैजेट बनाना नहीं है, बल्कि एक ऐसा स्मार्ट टूल तैयार करना है जो उपयोगकर्ता को आसपास के माहौल और आवाज़ के संकेत समझने में मदद करेगा औ...
बैंक और UPI ऐप्स में जल्द आएगा ‘इमरजेंसी बटन’, एक क्लिक में ठगी रोकेगा डिजिटल फ्रॉड
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बैंक और UPI ऐप्स में जल्द आएगा ‘इमरजेंसी बटन’, एक क्लिक में ठगी रोकेगा डिजिटल फ्रॉड

नई दिल्ली: बढ़ते साइबर फ्रॉड और डिजिटल ठगी के मामलों को रोकने के लिए गृह मंत्रालय एक नया ‘इमरजेंसी बटन’ लाने की तैयारी में है। यह फीचर बैंक और UPI ऐप्स में जोड़ा जाएगा, जिससे ठगी का शक होने पर यूजर अपने खाते को तुरंत फ्रीज कर सकेगा। सरकार का यह कदम लोगों की मेहनत की कमाई को बचाने में गेम-चेंजर साबित हो सकता है।   इमरजेंसी बटन कैसे काम करेगा? गृह मंत्रालय ने इस विषय पर एक हाई-लेवल कमेटी का गठन किया है, जिसमें RBI, इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C), दिल्ली पुलिस के विशेषज्ञ और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। कमेटी इस समाधान पर काम कर रही है, जिसमें बैंक और UPI ऐप्स में किल स्विच या इमरजेंसी बटन को शामिल किया जाएगा। इस बटन को दबाते ही: खाते से होने वाली सभी ट्रांजेक्शन रियल-टाइम में रुक जाएंगी। ठगों तक पैसा नहीं पहुंच पा...
स्ट्रोक के मरीज फिर से बोल पाएंगे, कैम्ब्रिज के वैज्ञानिकों ने बनाया AI कॉलर डिवाइस Revoice
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स्ट्रोक के मरीज फिर से बोल पाएंगे, कैम्ब्रिज के वैज्ञानिकों ने बनाया AI कॉलर डिवाइस Revoice

नई दिल्ली: स्ट्रोक या अन्य न्यूरोलॉजिकल कारणों से बोलने में दिक्कत महसूस करने वाले मरीजों के लिए नई उम्मीद जग गई है। कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने एक AI वियरेबल कॉलर बनाया है, जिसका नाम Revoice है। इस डिवाइस की मदद से मरीज बिना किसी सर्जरी या दिमाग में इम्प्लांट के फिर से अपनी आवाज में बोलने की क्षमता हासिल कर सकते हैं।   पोर्टेबल और असरदार स्पीच सॉल्यूशन इस डिवाइस को पहनने वाला व्यक्ति जैसे ही बोलने की कोशिश करता है, Revoice उसके गले से निकलने वाले सूक्ष्म कंपन और भावनात्मक संकेतों को सेंसर के जरिए पहचानता है। AI मॉडल इन संकेतों से बोले गए शब्दों के टुकड़ों को जोड़कर पूरे वाक्य बनाता है। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर Luigi Occhipinti के अनुसार, अधिकांश स्ट्रोक मरीज कई बार प्रैक्टिस के बाद वाक्य बोल सकते हैं, लेकिन रोजमर्रा की बातचीत में उन्हें ...
भारत में 11 मार्च से शुरू हो सकती है सैमसंग Galaxy S26 सीरीज की सेल, लॉन्च डेट और स्पेसिफिकेशन सामने
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भारत में 11 मार्च से शुरू हो सकती है सैमसंग Galaxy S26 सीरीज की सेल, लॉन्च डेट और स्पेसिफिकेशन सामने

नई दिल्ली: सैमसंग अपनी नई फ्लैगशिप Galaxy S26 सीरीज भारत में जल्द लॉन्च करने वाली है। इस सीरीज में तीन मॉडल शामिल होंगे – Galaxy S26, Galaxy S26 Plus और Galaxy S26 Ultra। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस सीरीज की लॉन्चिंग 25 फरवरी, 2026 को होने की संभावना है। प्री-ऑर्डर 26 फरवरी से 4 मार्च तक चलेंगे, जबकि ओपन सेल भारत में 11 मार्च, 2026 से शुरू होने की उम्मीद है।   Galaxy S26 और S26 Plus की खासियत प्रोसेसर: Galaxy S26 और S26 Plus में अलग-अलग रीजन के अनुसार Snapdragon 8 Elite Gen 5 या Exynos 2600 चिपसेट दिया जा सकता है। भारत में Exynos वेरिएंट आने की संभावना है। रैम और स्टोरेज: 12GB रैम, इंटरनल स्टोरेज की जानकारी अभी लीक नहीं हुई है। ऑपरेटिंग सिस्टम: एंड्रॉयड 16 बेस्ड One UI 8.5। डिस्प्ले: Galaxy S26 – 6.3 इंच; S26 Plus – 6.7 इंच फ्लैट AMOLED, दोनों में 120Hz रिफ्रेश रेट और...
14 फीट दूर से 15 सेकंड में ‘हाईजैक’ हो सकते हैं ब्लूटूथ ईयरबड्स, रिसर्च में बड़ा खुलासा
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14 फीट दूर से 15 सेकंड में ‘हाईजैक’ हो सकते हैं ब्लूटूथ ईयरबड्स, रिसर्च में बड़ा खुलासा

      स्मार्टफोन और लैपटॉप के बाद अब हैकर्स की नजर ब्लूटूथ ईयरबड्स और हेडफोन्स पर टिक गई है। एक ताजा अंतरराष्ट्रीय रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि महज 14 फीट की दूरी से 10–15 सेकंड के भीतर ब्लूटूथ ऑडियो डिवाइस को हैक किया जा सकता है। इस खतरे की चपेट में Sony, Jabra, JBL, Marshall, Xiaomi, Nothing, OnePlus, Soundcore, Logitech और Google जैसे बड़े ब्रांड्स के प्रोडक्ट शामिल हैं।   रिसर्च के मुताबिक, हैकर्स इन डिवाइसेज से न केवल कनेक्ट हो सकते हैं, बल्कि यूजर की बातचीत सुनने, ऑडियो कंट्रोल करने और यहां तक कि लोकेशन ट्रैक करने में भी सक्षम हो सकते हैं।   ‘Fast Pair’ बना साइबर खतरे की जड़   इस खतरे की मुख्य वजह Google का लोकप्रिय ‘Fast Pair’ फीचर बताया गया है। यह फीचर Android और ChromeOS डिवाइसेज को ब्लूटूथ ऑडियो प्रोडक्ट्स से एक टैप में कनेक्ट कर...
एंड्रॉयड की Type-C केबल से iPhone नहीं होगा खराब, यह सिर्फ अफवाह थी
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एंड्रॉयड की Type-C केबल से iPhone नहीं होगा खराब, यह सिर्फ अफवाह थी

        क्या आप अपने iPhone को किसी एंड्रॉयड स्मार्टफोन की Type-C केबल से चार्ज करने से बचते हैं? सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर कई रील्स और अफवाहें वायरल हुई हैं कि इससे iPhone का चार्जिंग पोर्ट खराब हो सकता है। हालांकि हमारी पड़ताल में यह दावा ग़लत साबित हुआ।   ऐपल ने टाइप-C क्यों अपनाया iPhone में Type-C पोर्ट ऐपल की मर्जी से नहीं, बल्कि EU यानी यूरोपीय यूनियन के नियमों के कारण आया है। यूरोपीय यूनियन ने मोबाइल डिवाइस के लिए यूनिवर्सल चार्जिंग स्टैंडर्ड लागू किया है, ताकि सभी डिवाइस किसी भी Type-C केबल से चार्ज हो सकें और इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट कम हो।   कनेक्टर्स में फर्क क्यों दिखता है एंड्रॉयड और iPhone की Type-C केबल में कनेक्टर्स अलग दिखते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि फोन खराब हो जाएगा। USB Type-C पोर्ट में कुल 24 पिन होती हैं, लेकिन हर केबल में ...