Friday, January 23

सिम कार्ड का एक कोना कटा क्यों होता है? डिजाइन से आगे की बात, जानें पीछे का विज्ञान

क्या आपने कभी गौर किया है कि हर सिम कार्ड का एक कोना कटा हुआ होता है? यह सिर्फ डिजाइन का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक कारण है, जो आपके फोन और सिम कार्ड दोनों को सुरक्षित रखता है।

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सिम कार्ड का इतिहास और आकार
सिम कार्ड की शुरुआत 1990 के दशक में हुई थी। तब ये कार्ड आज के क्रेडिट कार्ड जितने बड़े हुआ करते थे। जैसे-जैसे मोबाइल फोन छोटे हुए, सिम कार्ड का आकार भी मिनी, माइक्रो और अंततः नैनो सिम में बदल गया। यूरोपीय दूरसंचार मानक संस्थान (ETSI) ने इस कटे कोने वाले डिज़ाइन को अपनाया ताकि पूरी दुनिया में सिम कार्ड का एक ही मानक हो। आकार बदलने के बावजूद कटे हुए कोने का डिज़ाइन आज भी अपरिवर्तित है, क्योंकि यह सरल होने के साथ-साथ संचार सुरक्षा के लिए भी बेहद प्रभावी है।

 

एक कोना क्यों कटा होता है?
सिम कार्ड का एक कोना इसलिए कटा होता है ताकि यूजर इसे फोन में सही दिशा में लगा सके। सिम कार्ड के बीचों-बीच मौजूद सुनहरी चिप को फोन के स्लॉट में ठीक तरह से फिट होना जरूरी है। अगर सिम को उल्टा या गलत दिशा में लगाया जाए, तो सिम की चिप या फोन का नाजुक सिम रीडर भी खराब हो सकता है। यही कारण है कि कटे हुए कोने का डिज़ाइन एक तरह का गाइड का काम करता है।

 

फोन कंपनियों को भी मिलता है फायदा
सिम कार्ड का कटे कोने वाला डिज़ाइन सिर्फ यूजर के लिए ही नहीं, बल्कि मोबाइल निर्माता कंपनियों के लिए भी सहूलियत देता है। फोन के अंदर सिम ट्रे की जगह इस कटे कोने के हिसाब से तैयार की जाती है। इसका मतलब है कि असेंबलिंग में गलती की संभावना बहुत कम हो जाती है। दुनिया के किसी भी कोने में कोई भी व्यक्ति अपने फोन में सिम उल्टा नहीं डाल सकता।

 

e-SIM से बदल जाएगा ट्रेंड
आजकल स्मार्टफोन्स में e-SIM का विकल्प भी मिलने लगा है। ऐपल और कुछ अन्य कंपनियों ने केवल e-SIM वाले फोन पेश किए हैं, जिनमें फिजिकल सिम की जरूरत ही नहीं रहती। डिजिटल सिम का विकल्प आने से भविष्य में कटे हुए सिम कार्ड का ट्रेंड धीरे-धीरे समाप्त हो सकता है।

 

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