Sunday, January 11

West Bengal

बंगाल की शहीद पर बयान से सियासी तूफान: भाजपा सांसद की चूक ने टीएमसी को दिया बड़ा मुद्दा
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बंगाल की शहीद पर बयान से सियासी तूफान: भाजपा सांसद की चूक ने टीएमसी को दिया बड़ा मुद्दा

बंगाल की धरती, उसकी संस्कृति और उसके स्वतंत्रता संग्राम के नायकों को लेकर एक बार फिर सियासी घमासान छिड़ गया है। भाजपा सांसद दिनेश शर्मा के एक बयान ने ऐसा विवाद खड़ा कर दिया है, जिसने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा पर तीखा हमला बोलने का बड़ा मौका दे दिया है। राज्यसभा में बोलते हुए दिनेश शर्मा ने यह कह दिया कि प्रसिद्ध बंगाली स्वतंत्रता सेनानी मातंगिनी हाजरा मुस्लिम थीं और उन्होंने वंदे मातरम का नारा लगाया था। इस बयान के सामने आते ही टीएमसी ने इसे बंगाल की अस्मिता, इतिहास और शहीदों के अपमान से जोड़ते हुए भाजपा पर जोरदार हमला शुरू कर दिया। ममता बनर्जी का तीखा प्रहार मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर सीधा सवाल दागते हुए कहा,“एक भाजपा नेता कह रहे हैं कि मातंगिनी हाजरा मुस्लिम थीं। क्या भाजपा को बंगाल का इतिहास और संस्कृति की कोई जानकारी भी है?”ममता ने ...
सताद्रु दत्ता को एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया, ममता बनर्जी ने माफी मांगी, जांच समिति गठित
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सताद्रु दत्ता को एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया, ममता बनर्जी ने माफी मांगी, जांच समिति गठित

साल्टलेक स्टेडियम में आयोजित लियोनेल मेसी के फुटबॉल कार्यक्रम में शनिवार को हुई भारी अव्यवस्था और हंगामे के बाद मुख्य आयोजक सताद्रु दत्ता को गिरफ्तार कर लिया गया। कार्यक्रम स्थल पर हुई अफरा-तफरी के कारण अर्जेंटीना के विश्व कप विजेता कप्तान लियोनेल मेसी को मैदान छोड़कर समय से पहले लौटना पड़ा। पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार ने बताया कि सताद्रु दत्ता को आयोजन के कथित कुप्रबंधन के आरोप में कोलकाता हवाई अड्डे से हिरासत में लिया गया, जहां वह मेसी और उनकी टीम को हैदराबाद जाने के लिए विदा करने गए थे। डीजीपी ने स्पष्ट किया कि दर्शकों को टिकट का पैसा वापस मिलेगा, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्टेडियम में क्या हुआ?शुरुआत में मेसी के स्वागत के लिए माहौल उत्साहपूर्ण था, लेकिन जैसे-जैसे दिन बढ़ा, अव्यवस्था और हंगामा फैल गया। हजारों प्रशंसक अपने चहेते खिलाड़ी को देखने में असफल रहे। स्टेडियम में बो...
हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी से पूछा सवाल: ‘मुसलमानों के वोट का इस्तेमाल और क्राइम में धकेलने के अलावा क्या किया?’
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हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी से पूछा सवाल: ‘मुसलमानों के वोट का इस्तेमाल और क्राइम में धकेलने के अलावा क्या किया?’

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में हुमायूं कबीर ने फिर से हलचल पैदा कर दी है। भारतपुर से विधायक हुमायूं कबीर, जिन्हें टीएमसी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निलंबित किया था, अब नए राजनीतिक मोर्चे के साथ सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पार्टी मुसलमानों का केवल वोट के लिए इस्तेमाल करती है और युवाओं को क्राइम की ओर धकेलने के अलावा कुछ नहीं किया। कबीर ने कहा कि टीएमसी और बीजेपी दोनों ही उनके दुश्मन हैं और वे इन दोनों दलों को सत्ता से बाहर देखना चाहते हैं। उन्होंने घोषणा की कि उनका दल 135 सीटों पर चुनाव लड़ेगा, जिनमें 80–90 सीटें अल्पसंख्यक बहुल और शेष हिंदू बहुल क्षेत्र होंगे। उनका दावा है कि उनका दल धर्मनिरपेक्ष होगा और बंगाल के 11.5 करोड़ लोगों की आवाज बनेगा। हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मुर्शिदाबाद में मस्जिद न...
ममता बनर्जी के भवानीपुर क्षेत्र में SIR की कैंची चली, सुवेंदु अधिकारी के नंदीग्राम से चार गुना अधिक नाम हटाए गए
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ममता बनर्जी के भवानीपुर क्षेत्र में SIR की कैंची चली, सुवेंदु अधिकारी के नंदीग्राम से चार गुना अधिक नाम हटाए गए

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विधानसभा क्षेत्र भवानीपुर में सबसे अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए। यह संख्या नेता विपक्ष सुवेंदु अधिकारी के नंदीग्राम क्षेत्र की तुलना में लगभग चार गुना अधिक है। चुनाव आयोग के अनुसार, भवानीपुर में जनवरी 2025 तक कुल 2,06,295 पंजीकृत मतदाता थे, जिनमें से 44,787 नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए। वहीं नंदीग्राम में कुल 2,78,212 मतदाता दर्ज थे, लेकिन केवल 10,599 नाम हटाए गए। आयोग ने स्पष्ट किया कि हटाए गए नामों में मृत्यु, स्थानांतरण, पता न मिलना और डुप्लीकेट एंट्री जैसी मानक श्रेणियां शामिल हैं। हालांकि भवानीपुर सबसे अधिक चर्चा में रहा, लेकिन सबसे ज्यादा नाम उत्तर कोलकाता के चौरंगी विधानस...
बंगाल में बाबरी मस्जिद के बाद अब राम मंदिर की घोषणा, बीजेपी ने पोस्टर लगाकर एक रुपये का दान मांगा
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बंगाल में बाबरी मस्जिद के बाद अब राम मंदिर की घोषणा, बीजेपी ने पोस्टर लगाकर एक रुपये का दान मांगा

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही धार्मिक प्रतीकों की राजनीति एक बार फिर गरमाने लगी है। हाल ही में टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में बाबरी मॉडल मस्जिद की नींव रखी थी, वहीं अब कोलकाता के साल्ट लेक इलाके में अयोध्या स्टाइल राम मंदिर निर्माण के पोस्टर लगने से राजनीतिक माहौल और गरमाया है। पोस्टरों में चार बीघा जमीन पर अयोध्या जैसा राम मंदिर बनाने का दावा किया गया है। इसके साथ ही स्कूल, अस्पताल, ओल्ड-एज होम और अन्य वेलफेयर सुविधाओं का बड़ा प्रोजेक्ट भी घोषित किया गया है। पोस्टर स्थानीय बीजेपी नेता और पार्टी की बिधाननगर यूनिट के पूर्व अध्यक्ष संजय पोयरा के नाम से लगाए गए हैं। भूमिपूजन 26 मार्च को, राम नवमी पर होगा शिलान्याससंजय पोयरा ने इसे राम राज्य की अवधारणा पर आधारित सोशल-स्पिरिचुअल मूवमेंट बताया। उन्होंने कहा कि राम के राज्य में राम का मंदिर जरूर होना च...
हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी से पूछा बड़ा सवाल: मुसलमानों के वोट का इस्तेमाल और क्राइम में धकेलने के अलावा क्या किया?
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हुमायूं कबीर ने ममता बनर्जी से पूछा बड़ा सवाल: मुसलमानों के वोट का इस्तेमाल और क्राइम में धकेलने के अलावा क्या किया?

कोलकाता/पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। भारतपुर से विधायक हुमायूं कबीर, जिन्हें हाल ही में टीएमसी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निलंबित किया था, अब राजनीतिक मैदान में किंगमेकर की भूमिका निभाने की तैयारी कर रहे हैं। कबीर ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा उन्हें गद्दार कहे जाने पर पलटवार करते हुए कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान वे इसका सही जवाब देंगे। उन्होंने टीएमसी पर आरोप लगाया कि पार्टी ने मुसलमानों का केवल वोट के लिए इस्तेमाल किया और उनके लड़कों को अपराध की ओर धकेला। कबीर ने साफ किया कि उनका दल दोनों समुदायों—मुसलमान और हिंदू—के खिलाफ संघर्ष करेगा और धर्मनिरपेक्ष राजनीति का पालन करेगा। बीजेपी और टीएमसी दोनों ही दुश्मनकबीर ने कहा कि उनके लिए टीएमसी और बीजेपी दोनों ही दुश्मन हैं, और उनका उद्देश्य दोनों को सत्ता से बाहर करना है। उन्होंने...
दार्जिलिंग के 139 साल पुराने ग्लेनरीज बेकरी एंड कैफे का बार 90 दिन के लिए बंद, लाइव-म्यूजिक हुआ खामोश
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दार्जिलिंग के 139 साल पुराने ग्लेनरीज बेकरी एंड कैफे का बार 90 दिन के लिए बंद, लाइव-म्यूजिक हुआ खामोश

दार्जिलिंग। दार्जिलिंग के मशहूर ग्लेनरीज बेकरी एंड कैफे का बार और लाइव-म्यूजिक सेक्शन अचानक 90 दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। पश्चिम बंगाल के आबकारी विभाग ने नियमों के उल्लंघन के चलते यह कार्रवाई की। 1885 में स्थापित, दार्जिलिंग की पहचान ग्लेनरीज बेकरी 1885 में स्थापित हुई थी और दार्जिलिंग की कैफे संस्कृति का अहम हिस्सा रही है। यह जगह कई पीढ़ियों से पर्वतारोहियों, फिल्मकारों, लेखकों और पर्यटकों के लिए लोकप्रिय रही है। मालिक ने कार्रवाई को बताया राजनीतिक प्रेरित ग्लेनरीज के मालिक और इंडियन गोरखा जनशक्ति फ्रंट के प्रमुख अजय एडवर्ड्स ने इस कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया। उन्होंने इसे हाल ही में उद्घाटित ‘गोरखालैंड ब्रिज’ से जोड़ा, जिसे बालसन नदी पर 140 फीट लंबा बनाया गया था। एडवर्ड्स ने कहा कि वे कानूनी रास्ते तलाशेंगे। 90 दिन के लिए बंद करने का आदेश आबकारी अधिक...
बंगाल: बाबरी मस्जिद के लिए पैसों की बारिश, डोनेशन बॉक्स भर गए, UPI से भी जमकर हो रहा चंदा
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बंगाल: बाबरी मस्जिद के लिए पैसों की बारिश, डोनेशन बॉक्स भर गए, UPI से भी जमकर हो रहा चंदा

कोलकाता/मुर्शिदाबाद। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेल्डांगा में बनने वाली बाबरी मस्जिद के लिए मुसलमानों ने बड़े पैमाने पर चंदा दिया है। टीएमसी से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर को मस्जिद का फीता काटते हुए लोगों से चंदे की अपील की थी। इसके बाद डोनेशन की होड़ इतनी बढ़ गई कि सभी हैरान रह गए। बेल्डांगा में रखे 11 डोनेशन बॉक्स नोटों से भर गए और सोशल मीडिया पर साझा किए गए QR कोड के ज़रिए भी ऑनलाइन दान जमकर आने लगा। UPI से भी भारी चंदा हुमायूं कबीर ने बताया कि सोमवार शाम तक ऑनलाइन UPI के माध्यम से 2.47 करोड़ रुपये जमा हो चुके थे। वहीं, डोनेशन बॉक्स में रखी राशि भी 57 लाख रुपये तक पहुंच गई। मंगलवार को भी मशीनों के जरिए पैसों की गिनती जारी रही। देशभर से दान का सिलसिला मुर्शिदाबाद में बनने वाली बाबरी मस्जिद के लिए दान केवल पश्चिम बंगाल से नहीं, बल्कि देश के अन्य राज्यों स...
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दो हुमायूं कबीर, दोनों TMC विधायक; एक ने माँगा बाबरी मस्जिद के लिए चंदा, दूसरे पर बरस पड़े फोन कॉल

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति इन दिनों अजीब उलझन में है। वजह—तृणमूल कांग्रेस के दो विधायक जिनका नाम एक ही है: हुमायूं कबीर। दोनों अलग-अलग क्षेत्रों से विधायक हैं, लेकिन एक की पहल का असर सीधा दूसरे पर पड़ रहा है। मुर्शिदाबाद के भरतपुर से विधायक रहे हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर को बेल्डांगा में कथित बाबरी मस्जिद के पुनर्निर्माण का शिलान्यास किया और देशभर के मुसलमानों से चंदा देने की अपील करते हुए एक QR कोड भी जारी किया। इस अपील का असर तेज़ी से फैला और कई राज्यों से दानदाताओं ने संपर्क शुरू किया। लेकिन गड़बड़ यहीं हुई—अधिकांश लोग चंदा देने से पहले बात करने के लिए गलत विधायक को फोन करने लगे। IPS से राजनीति में आए डेबरा विधायक के फोन की घंटी नहीं थम रही पश्चिम मेदिनीपुर के डेबरा से TMC विधायक हुमायूं कबीर, जो कि पूर्व IPS अधिकारी हैं, अचानक अनगिनत फोन कॉल से परेशान हो उठे। लोग उन्हें उस...
ओवैसी से गठबंधन, नई पार्टी और बंगाल फतह का सपना: टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर का बड़ा राजनीतिक दांव
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ओवैसी से गठबंधन, नई पार्टी और बंगाल फतह का सपना: टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर का बड़ा राजनीतिक दांव

कोलकाता/मुर्शिदाबाद: पश्चिम बंगाल में 2026 विधानसभा चुनावों की आहट के साथ राजनीतिक तापमान तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस के विधायक हुमायूं कबीर ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। उन्होंने खुलकर कहा है कि वह असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के साथ गठबंधन करने को तैयार हैं। इतना ही नहीं, कबीर ने यह भी घोषणा की है कि वह 22 दिसंबर को अपनी नई राजनीतिक पार्टी का गठन करेंगे। हालांकि AIMIM की ओर से अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है, लेकिन कबीर का दावा है कि वह एआईएमआईएम नेता अकबरुद्दीन ओवैसी के निजी सहायक के संपर्क में हैं। AIMIM चाहती है कि वे पार्टी में शामिल हों, जबकि कबीर गठबंधन को प्राथमिकता दे रहे हैं। बाबरी मस्जिद-शैली की मस्जिद की नींव रखने के बाद राजनीतिक पारी तेज हुमायूं कबीर ने शनिवार को रेजिनगर में ‘बाबरी मस्जिद शैली की मस्जिद’ की नींव रखी थी, जिसके अगले ही दिन उन्ह...