
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित कैश फॉर जॉब्स घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य सरकार के मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा की 3 करोड़ 60 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त कर ली है। ईडी ने मंत्री, उनकी पत्नी और बेटे के नाम पर दर्ज करीब 10 अचल संपत्तियों को अटैच किया है, जिनमें घर, फ्लैट, जमीन और एक मार्केट कॉम्प्लेक्स शामिल हैं।
ईडी की यह कार्रवाई घोटाले के मुख्य आरोपी कुंतल घोष की डायरी सामने आने के बाद की गई है। इस डायरी में मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा सहित 100 से अधिक लोगों के नाम दर्ज पाए गए थे। डायरी के आधार पर ईडी ने मंत्री के बोलपुर स्थित आवास पर छापेमारी की थी।
छापे में 41 लाख रुपये नकद बरामद
छापेमारी के दौरान ईडी अधिकारियों को करीब 41 लाख रुपये नकद, कई अहम दस्तावेज और संपत्ति से जुड़े रिकॉर्ड मिले थे। जांच एजेंसी के अनुसार, मंत्री और उनके परिवार के सदस्य जब्त नकदी और संपत्तियों के स्रोत को लेकर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
मंत्री की पत्नी कुंतला सिन्हा ने दावा किया कि उनकी आय खेती और कंस्ट्रक्शन व्यवसाय से होती है, लेकिन नकद राशि के संबंध में वह कोई ठोस जानकारी नहीं दे पाईं।
स्कूलों में नौकरी दिलाने के बदले रिश्वत का आरोप
ईडी का कहना है कि यह मामला स्कूलों में नौकरी दिलाने के बदले अवैध रूप से पैसे लेने से जुड़े एक बड़े घोटाले का हिस्सा है। एजेंसी ने इस केस में छह महीने पहले ही चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा ने 6 सितंबर 2025 को अदालत में आत्मसमर्पण किया था, जिसके बाद उन्हें जमानत मिल गई थी। हालांकि, ईडी का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते हैं।
राजनीतिक हलकों में मचा हड़कंप
मंत्री की संपत्ति जब्ती के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष ने इस कार्रवाई को राज्य सरकार पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला बताया है, जबकि ईडी ने स्पष्ट किया है कि कानून के तहत निष्पक्ष जांच की जा रही है।