
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के तीन दिवसीय कोलकाता दौरे के दौरान पार्टी की अंदरूनी हलचल भी सामने आई। इसी दौरान, पूर्व बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष का पार्टी बैठकों में फिर से दिखाई देना पार्टी के पुराने नेताओं के लिए राहत की खबर बन गया है।
दिलीप घोष ने न्यू टाउन के एक होटल में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, राज्य भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य, नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी और केंद्रीय राज्यमंत्री सुकांत मजूमदार के साथ एक बंद कमरे की बैठक में भाग लिया। बैठक के बाद उन्होंने कहा, “मैं अमित शाह जी को सुनने आया था और देखूंगा कि पार्टी क्या भूमिका तय करती है।” इस बयान से संकेत मिलता है कि उन्हें आगामी चुनाव प्रचार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है।
पार्टी में कुछ नेताओं की गैरमौजूदगी ने चुनाव से पहले असमंजस को भी उजागर किया। भाजपा बैठक में घाटा विधायक सुब्रत ठाकुर, हरिहंगा विधायक असीम सरकार और राज्यसभा सदस्य अनंत महाराज की अनुपस्थिति सभी का ध्यान खींची। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह गैरमौजूदगी पार्टी के लिए चिंता का विषय हो सकती है।
राज्य में आगामी चुनावों में भाजपा की रणनीति और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की भूमिका पर अब सभी की निगाहें टिकी हैं। दिलीप घोष की सक्रियता पार्टी के लिए नई उम्मीद और रणनीतिक मजबूती का संकेत दे रही है।