सरकार के अल्टिमेटम के बीच दार्जिलिंग में जनशक्ति का कमाल स्थानीय लोगों ने मनी पूल से बनाया 140 फीट लंबा ‘गोरखालैंड पुल’
गुवाहाटी/दार्जिलिंग: पश्चिम बंगाल सरकार की मंजूरी के बिना दार्जिलिंग के निवासियों ने अपने दम पर 140 फीट लंबा पुल बनाकर मिसाल पेश की है। स्थानीय लोगों ने मनी पूल बनाकर, अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार योगदान दिया और तुंगसुंग खोला पर बने इस पुल को तैयार किया। रविवार को उद्घाटन हुए इस पुल का नाम ‘गोरखालैंड पुल’ रखा गया है, जिसने पहाड़ों में गोरखालैंड की भावनाओं को फिर से हवा दी है।
जनवरी 2025 से शुरू हुआ था निर्माण
यह परियोजना जनवरी 2025 में शुरू हुई थी। लगभग एक साल की मेहनत के बाद पुल तैयार हो सका।चौंकाने वाली बात यह है कि पुल का निर्माण किसी भी सरकारी मदद के बिना, पूरी तरह सामुदायिक सहयोग और श्रमदान से हुआ।भारतीय गोरखा जनशक्ति मोर्चा (IGJF) के मुख्य संयोजक अजय एडवर्ड्स ने सीमेंट और सरिया जैसी प्रमुख सामग्रियों की आपूर्ति की।
गोरखालैंड आंदोलन की याद दिलाता नाम
पुल का नाम ‘गोरखालैंड’ र...









