Sunday, January 11

West Bengal

सरकार के अल्टिमेटम के बीच दार्जिलिंग में जनशक्ति का कमाल स्थानीय लोगों ने मनी पूल से बनाया 140 फीट लंबा ‘गोरखालैंड पुल’
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सरकार के अल्टिमेटम के बीच दार्जिलिंग में जनशक्ति का कमाल स्थानीय लोगों ने मनी पूल से बनाया 140 फीट लंबा ‘गोरखालैंड पुल’

गुवाहाटी/दार्जिलिंग: पश्चिम बंगाल सरकार की मंजूरी के बिना दार्जिलिंग के निवासियों ने अपने दम पर 140 फीट लंबा पुल बनाकर मिसाल पेश की है। स्थानीय लोगों ने मनी पूल बनाकर, अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार योगदान दिया और तुंगसुंग खोला पर बने इस पुल को तैयार किया। रविवार को उद्घाटन हुए इस पुल का नाम ‘गोरखालैंड पुल’ रखा गया है, जिसने पहाड़ों में गोरखालैंड की भावनाओं को फिर से हवा दी है। जनवरी 2025 से शुरू हुआ था निर्माण यह परियोजना जनवरी 2025 में शुरू हुई थी। लगभग एक साल की मेहनत के बाद पुल तैयार हो सका।चौंकाने वाली बात यह है कि पुल का निर्माण किसी भी सरकारी मदद के बिना, पूरी तरह सामुदायिक सहयोग और श्रमदान से हुआ।भारतीय गोरखा जनशक्ति मोर्चा (IGJF) के मुख्य संयोजक अजय एडवर्ड्स ने सीमेंट और सरिया जैसी प्रमुख सामग्रियों की आपूर्ति की। गोरखालैंड आंदोलन की याद दिलाता नाम पुल का नाम ‘गोरखालैंड’ र...
मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद का शिलान्यास, हुमायूं कबीर ने तय किया बंगाल चुनाव का एजेंडा
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मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद का शिलान्यास, हुमायूं कबीर ने तय किया बंगाल चुनाव का एजेंडा

मुर्शिदाबाद (पश्चिम बंगाल)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के शिलान्यास ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। टीएमसी से निष्कासित विधायक हुमायूं कबीर ने 6 दिसंबर को बेलडांगा में नई बाबरी मस्जिद की नींव रखी। भव्य समारोह और विरोधाभासी माहौल शिलान्यास के लिए 150 फुट लंबा और 80 फुट चौड़ा मंच तैयार किया गया। हजारों की भीड़ में कुरान की तिलावत और अल्लाह हू अकबर के नारे लगे। समर्थकों ने मंच तक ईंटें भी पहुंचाईं और “बाबरी मस्जिद जिंदाबाद” के नारे लगाए।दिलचस्प बात यह है कि 6 दिसंबर वही तारीख़ है, जिस दिन 33 साल पहले अयोध्या में बाबरी मस्जिद ढहाई गई थी। हुमायूं कबीर ने मंच से ऐलान किया कि मुर्शिदाबाद की नई मस्जिद वैसी ही होगी जैसी पहले अयोध्या में थी। उन्होंने अपने भाषण में मीर बांकी का भी जिक्र किया। राजनीतिक बयानबाजी और विवाद बीजेपी: पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्...
बंगाल में SIR पर ममता बनर्जी गरम, पीएम मोदी ने सांसदों को दी ‘ठंडा’ रहने की सलाह
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बंगाल में SIR पर ममता बनर्जी गरम, पीएम मोदी ने सांसदों को दी ‘ठंडा’ रहने की सलाह

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों से पहले वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर सियासी तापमान बढ़ गया है। राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मुद्दे को लेकर बीजेपी और केंद्र सरकार पर लगातार निशाना साधा है। उन्होंने इसे वोटरों को परेशान करने और बंगाल पर कब्जा करने की कोशिश बताया। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के बीजेपी सांसदों के साथ बैठक कर उन्हें बड़बोलेपन से बचने और संयम बनाए रखने की सलाह दी। PM मोदी की रणनीति और सुझाव प्रधानमंत्री ने सांसदों को समझाया कि SIR केवल एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि योग्य मतदाता वोटर लिस्ट में शामिल हों और अयोग्य मतदाता हटाए जाएँ। उन्होंने सांसदों को स्वत: आंकड़े देकर बयान देने से बचने की हिदायत दी। एक सांसद ने मीडिया को बताया कि पीएम मोदी ने कहा, “हमें इसे सामान्य प्र...
बंगाल में 32,000 शिक्षकों की नौकरी बची, हाई कोर्ट ने रद्द आदेश को किया खारिज
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बंगाल में 32,000 शिक्षकों की नौकरी बची, हाई कोर्ट ने रद्द आदेश को किया खारिज

कोलकाता: कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में 32,000 प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्तियों को रद्द करने वाले सिंगल बेंच के आदेश को खारिज कर दिया। जस्टिस तपब्रत चक्रवर्ती और रीतोब्रतो कुमार मित्रा की डिवीजन बेंच ने कहा कि कुछ नियुक्तियों में अनियमितताएं हो सकती हैं, लेकिन इसे पूरे समूह की नौकरियां रद्द करने का कारण नहीं बनाया जा सकता। कोर्ट ने विशेष रूप से कहा कि नौ साल की सेवा के बाद इन शिक्षकों की नौकरी समाप्त करने से न केवल शिक्षकों बल्कि उनके परिवारों पर भी गंभीर प्रभाव पड़ेगा। हाई कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि सीबीआई ने केवल 360 नियुक्तियों में ही अनियमितताओं की पुष्टि की थी, इसलिए पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने फैसले पर खुशी जताते हुए कहा, “टीचरों और उनके परिवारों को राहत मिली है। यह बहुत सुखद समाचार है।” पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब...
पश्चिम बंगाल: 2208 बूथों पर शून्य ‘अनकलेक्टिबल’ फॉर्म, चुनाव आयोग ने ली सख्त कार्रवाई
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पश्चिम बंगाल: 2208 बूथों पर शून्य ‘अनकलेक्टिबल’ फॉर्म, चुनाव आयोग ने ली सख्त कार्रवाई

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में एसआईआर (सर्वे ऑफ इलेक्टर्स रिविजन) को लेकर गंभीर स्थिति सामने आई है। राज्य के 2,208 मतदान केंद्रों पर शून्य ‘अनकलेक्टिबल’ एन्यूमरेशन फॉर्म पाए गए हैं। इन बूथों पर न तो कोई मतदाता मृत, न ही स्थानांतरित, न अनुपस्थित और न ही डुप्लीकेट पाया गया। यह स्थिति चुनाव आयोग के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने राज्य के 24 में से 22 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। सबसे अधिक मामले दक्षिण 24 परगना जिले से सामने आए हैं, जबकि मालदा, मुर्शिदाबाद और नदिया जिले भी इस मामले में शामिल हैं। अनकलेक्टिबल फॉर्मों की विस्तृत स्थिति: 542 बूथों पर 1 फॉर्म 432 बूथों पर 2 फॉर्म 372 बूथों पर 3 फॉर्म 481 बूथों पर 5 फॉर्म 548 बूथों पर 6 फॉर्म 585 बूथों पर 7 फॉर्म 678 बूथों पर 8 फॉर्म...
पश्चिम बंगाल में SIR घमासान: कोलकाता में बीएलओ का चुनाव आयोग कार्यालय पर प्रदर्शन, सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ ‘गो बैक’ के नारे
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पश्चिम बंगाल में SIR घमासान: कोलकाता में बीएलओ का चुनाव आयोग कार्यालय पर प्रदर्शन, सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ ‘गो बैक’ के नारे

अचलेंद्र कटियार, कोलकाता:पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट रिवीजन (SIR) को लेकर राजनीतिक तापमान बढ़ता जा रहा है। सोमवार को बीएलओ (ब्लॉक लेवल ऑफिसर) कोलकाता में राज्य के चीफ इलेक्शन ऑफिसर (CEO) के कार्यालय पहुंचे और अपने विरोध का प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर अंदर जाने की कोशिश की, हालांकि इसमें उन्हें सफलता नहीं मिली। इस दौरान तृणमूल से जुड़े बीएलओ राइट्स प्रोटेक्शन कमिटी के सदस्य और बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के बीच विवाद भी देखने को मिला। बीएलओ ने सुवेंदु अधिकारी को देखकर 'गो बैक' के नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के लिए लगाए गए बैरिकेड पर धक्का-मुक्की और हाथापाई भी हुई। बीजेपी ने आरोप लगाया कि तृणमूल पार्टी बीएलओ को भड़का रही है और उनके माध्यम से वोटर लिस्ट में गड़बड़ी कर रही है। पार्टी ने कहा कि वह गड़बड़ियों की शिकायत सीधे चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार से...
ममता बनर्जी का यू-टर्न: कहा था ‘गोली मार दो’, लेकिन 7 महीने बाद बंगाल में लागू किया वक्फ कानून 82,000 वक्फ संपत्तियों को 5 दिसंबर तक UMEED पोर्टल पर अपलोड करने का आदेश
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ममता बनर्जी का यू-टर्न: कहा था ‘गोली मार दो’, लेकिन 7 महीने बाद बंगाल में लागू किया वक्फ कानून 82,000 वक्फ संपत्तियों को 5 दिसंबर तक UMEED पोर्टल पर अपलोड करने का आदेश

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महीनों तक जिस वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 का जोरदार विरोध किया, आखिरकार वही कानून अब राज्य में लागू कर दिया है। केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद बंगाल सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर 82,000 वक्फ संपत्तियों का पूरा ब्यौरा 5 दिसंबर तक UMEED पोर्टल (umeedminority.gov.in) पर अपलोड करने को कहा है। इस आदेश के साथ स्पष्ट हो गया है कि ममता सरकार ने नए वक्फ कानून को राज्य में लागू कर दिया है। विरोध से लागू करने तक: क्या हुआ बीच में? केंद्र का वक्फ संशोधन अधिनियम इस साल अप्रैल में संसद से पारित हुआ था। ममता बनर्जी ने न सिर्फ इसका कड़ा विरोध किया था, बल्कि सार्वजनिक मंच से चुनौती भी दी थी कि—“मुझे गोली मार दो, लेकिन बंगाल में वक्फ कानून लागू नहीं होने दूंगी।”कानून के खिलाफ राज्य में विरोध प्रदर्शन हुए, और तृणमूल सरकार अदालत भी गई, लेकि...
राज्यसभा में जय हिंद और वंदे मातरम पर रोक को लेकर भड़कीं ममता बनर्जी
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राज्यसभा में जय हिंद और वंदे मातरम पर रोक को लेकर भड़कीं ममता बनर्जी

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने राज्यसभा में जय हिंद और वंदे मातरम जैसे राष्ट्रीय नारे लगाने पर रोक लगाने के फैसले की कड़ी आलोचना की है। ममता ने कहा, “क्यों नहीं बोलेंगे? जय हिंद और वंदे मातरम हमारा राष्ट्रीय गीत और आज़ादी का नारा है। जय हिंद नेताजी का नारा है। इससे जो टकराएगा, चूर चूर हो जाएगा।” राज्यसभा बुलेटिन में दिए निर्देशराज्यसभा के बुलेटिन में सांसदों से कहा गया है कि वे सदन में या बाहर जय हिंद, वंदे मातरम, थैंक्स, थैंक यू जैसे शब्दों का प्रयोग न करें। इसके अलावा बुलेटिन में सांसदों को यह भी याद दिलाया गया कि सदन में किसी की आलोचना करते समय उन्हें प्रतिवादी के जवाब के लिए सदन में उपस्थित रहना अनिवार्य है। यदि सदस्य गैरहाज़िर रहते हैं तो यह पार्लियामेंट्री एटिकेट का उल्लंघन माना जाएगा। सत्र और अध्यक्षतासंसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंब...
मेले में भटककर बांग्लादेश पहुंची राधिका, 20 साल बाद लौटेंगी घर
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मेले में भटककर बांग्लादेश पहुंची राधिका, 20 साल बाद लौटेंगी घर

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के गंगासागर मेले में लगभग दो दशक पहले लापता हुई मध्य प्रदेश की राधिका की कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। करीब 20 साल तक अपने परिवार से बिछड़ी राधिका का पता हाल ही में बांग्लादेश में चला है। अब वह जल्द ही अपने परिवार के पास लौट सकती हैं। लापता महिला की खोज का श्रेय शौकिया रेडियो ऑपरेटरों कोवेस्ट बंगाल रेडियो क्लब (WBRC) के सचिव अंबरीश नाग विस्वास के अनुसार, क्लब के शौकिया रेडियो ऑपरेटर वर्षों से लापता लोगों को उनके परिवारों से जोड़ने का काम करते रहे हैं। उनके बांग्लादेश स्थित संपर्कों ने उन्हें एक बुजुर्ग महिला की सूचना दी। महिला का नाम राधिका था और उम्र लगभग 70 साल। वह बांग्लादेश की सड़कों पर भीख मांगती मिली। जब उससे उसके पति का नाम पूछा गया तो उसने केवल “सागर” शब्द कहा। यही शब्द खोज की कुंजी साबित हुआ। ‘सागर’ शब्द ने खोला पहेली का रास्ताWBRC टीम ने पहले ...
केस वापस ले लो वरना…कसबा लॉ कॉलेज गैंगरेप केस में पीड़िता के पिता को मिली धमकी, बाइक सवार आरोपी फरार
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केस वापस ले लो वरना…कसबा लॉ कॉलेज गैंगरेप केस में पीड़िता के पिता को मिली धमकी, बाइक सवार आरोपी फरार

कोलकाता। कसबा लॉ कॉलेज गैंगरेप मामले में पीड़िता के पिता को अज्ञात बाइक सवारों द्वारा धमकी देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। देर शाम दो बदमाश बाइक से आए और पीड़िता के पिता को रास्ते में रोककर केस वापस लेने की चेतावनी दी। धमकी देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़िता के पिता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बाइक सवारों ने दी धमकी, पिता नहीं पहचान पाए चेहरे सूत्रों के अनुसार, यह घटना बुधवार को सामने आई जब पीड़िता के पिता ने बारुईपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि दो युवक बाइक पर आए और पास आकर बोले—“केस वापस ले लो, वरना अंजाम बुरा होगा…” पिता ने पुलिस को बताया कि बदमाशों के चेहरे वह पहचान नहीं पाए। पुलिस ने आसपास के इलाकों में पूछताछ शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज की भी मदद ली जा रही है। एक पुलिस अधिकारी के अनुसार, ...