
कोलकाता: बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नवीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अपने राजनीतिक गुरु अमित शाह की “मिशन बंगाल” योजना पर काम करना शुरू कर दिया है। अपने पहले दौरे के लिए उन्होंने कोलकाता की बजाय दुर्गापुर और आसनसोल का चुनाव किया है, जहां गैर-बंगाली और हिंदी भाषी वोटरों की अच्छी संख्या है।
सूत्रों के अनुसार, बीजेपी का उद्देश्य इन इलाकों में विशेषकर बिहार और पूर्वांचल के प्रवासी वोटरों को पार्टी की ओर आकर्षित करना है। पश्चिम बर्धमान की 9 विधानसभा सीटों पर नितिन नवीन के दौरे से सीधा लाभ मिलने की संभावना है।
नितिन नवीन 27 और 28 जनवरी को दुर्गापुर और आसनसोल में विभिन्न बैठक और कार्यक्रमों में भाग लेंगे। उनके दौरे के तुरंत बाद खुद अमित शाह बंगाल का दौरा करेंगे और पार्टी संगठन को मजबूत करेंगे।
बीजेपी ने विधानसभा चुनाव की रणनीति को क्षेत्रवार तैयार किया है। दलित, पिछड़े, मतुआ और हिंदी भाषी वोटरों पर पार्टी की खास नजर है। पश्चिम बर्धमान में पहले बीजेपी का मजबूत प्रभाव था, लेकिन 2021 में टीएमसी ने अधिकांश सीटें जीत ली थीं।
बीजेपी रणनीतिकारों का मानना है कि 2026 के विधानसभा चुनाव में पार्टी दुर्गापुर और आसनसोल से कम से कम छह सीटें जीत सकती है। इस कारण नितिन नवीन का पहला दौरा इन क्षेत्रों से शुरू हुआ है। अमित शाह के बंगाल दौरे का फोकस उत्तर 24 परगना और बारासात में आयोजित रैलियों पर रहेगा।
बीजेपी के सूत्रों ने बताया कि दुर्गापुर में नितिन नवीन कलाम मेले और भिरिंगी काली मंदिर में कार्यक्रमों में शामिल होंगे तथा पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे। इसके बाद अमित शाह खुद बंगाल में रैलियों और संगठनिक बैठकों के जरिए चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप देंगे।