MP हाईकोर्ट ने कहा: ‘जल्दबाजी में इंसाफ न दफन हो जाए’, निचली अदालत को निर्देश
रीवा: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने रीवा की विशेष पॉक्सो अदालत के उस फैसले को पलट दिया है, जिसमें आरोपी की डीएनए एक्सपर्ट और अन्य गवाहों को बुलाने की अर्जी खारिज कर दी गई थी। हाईकोर्ट ने स्पष्ट कहा कि केवल केस को जल्दी निपटाना ही मकसद नहीं होना चाहिए, बल्कि न्याय की गुणवत्ता और सही प्रक्रिया सुनिश्चित करना सर्वोपरि है।
ट्रायल कोर्ट की खारिज अर्जी
रीवा जिले के सिरमौर स्थित ट्रायल कोर्ट ने आरोपी की अर्जी दो बार खारिज कर दी थी। अदालत का तर्क था कि यह केस जिले के 100 सबसे पुराने मामलों में से एक है और इसे छह महीने में निपटाना अनिवार्य है। कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपी ने यह अर्जी पहले क्यों नहीं लगाई, और फॉरेंसिक विशेषज्ञ की रिपोर्ट CrPC की धारा 293 के तहत बिना औपचारिक प्रमाण के भी स्वीकार्य है।
हाईकोर्ट ने फैसला पलटा
हाईकोर्ट की जस्टिस ए.के. सिंह की बेंच ने कहा कि ट्रायल कोर्ट का यह निर्णय सही नह...










