Monday, February 16

धार की ऐतिहासिक भोजशाला पर आज होगी निर्णायक सुनवाई, ASI की 98 दिनों की रिपोर्ट पहली बार होगी सार्वजनिक

इंदौर, 16 फरवरी 2026 – धार की ऐतिहासिक भोजशाला के भविष्य को लेकर आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की 98 दिनों की वैज्ञानिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पहली बार खोली और सार्वजनिक की जाएगी। यह सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देशों के तहत हो रही है।

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सुनवाई की अध्यक्षता जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की डिविजन बेंच करेंगी। सुप्रीम कोर्ट ने विशेष रूप से यह निर्देश दिया था कि इस मामले की सुनवाई वरिष्ठ न्यायाधीशों की डिविजन बेंच द्वारा हो। यह आदेश ‘मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी बनाम हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस’ मामले में आया था।

ASI की विशेषज्ञ टीम ने किया गहन सर्वे

11 मार्च 2024 को एमपी हाई कोर्ट ने ASI को भोजशाला का नए वैज्ञानिक तरीकों से सर्वेक्षण करने का आदेश दिया था। इसके बाद ASI की पांच वरिष्ठ अधिकारियों की विशेषज्ञ समिति ने पूरे स्थल की फोटोग्राफी की और बंद व सील कमरों को खोलकर वहां मौजूद कलाकृतियों और संरचनाओं का वैज्ञानिक तरीके से निरीक्षण किया। इस सर्वेक्षण के बाद रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में तैयार की गई।

निष्कर्ष तय करेंगे ऐतिहासिक और धार्मिक दर्जा

ASI की रिपोर्ट को दोनों पक्षों के वकीलों के साथ-साथ हिंदू और मुस्लिम समुदायों के प्रतिनिधियों को भी दिखाया जाएगा। इस रिपोर्ट के निष्कर्ष भोजशाला के ऐतिहासिक स्वरूप और भविष्य के धार्मिक दर्जे को निर्धारित करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। फिलहाल पूरे प्रदेश की नजरें ASI की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।

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