
रांची: झारखंड की अर्थव्यवस्था ने तेज़ रफ्तार पकड़ ली है। राज्य सरकार ने शनिवार को विधानसभा के बजट सत्र में झारखंड आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया। वित्तमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि 2011-12 और 2024-25 के बीच राज्य की वास्तविक जीएसडीपी दोगुनी हो गई है। इस दौरान जीएसडीपी स्थिर (2011-12) कीमतों पर 1,50,918 करोड़ रुपये से बढ़कर 3,03,178 करोड़ रुपये हो गया।
जीएसडीपी और वृद्धि का अनुमान
वित्तमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि 2025-26 में वास्तविक जीएसडीपी 3,21,892 करोड़ रुपये और 2026-27 में 3,41,064 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। इसके अनुसार 2025-26 में 6.17 प्रतिशत और 2026-27 में 5.96 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। वर्तमान कीमतों पर जीएसडीपी 2025-26 में 5.6 लाख करोड़ रुपये को पार कर सकती है और 2026-27 में यह 6.1 लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंच जाएगी।
प्रति व्यक्ति आय में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
वर्तमान मूल्यों पर झारखंड में प्रति व्यक्ति आय पहली बार 1 लाख रुपये के आंकड़े को पार कर 1,16,663 रुपये हो गई। वहीं वास्तविक प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 68,357 रुपये हुई, जो 2011-12 के स्तर से 65.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। यह लगभग 4.0 प्रतिशत के वार्षिक समेकित वृद्धि दर (CAGR) पर है।
सेवा और कृषि क्षेत्र में विस्तार
आर्थिक सर्वेक्षण में सेवा क्षेत्र के विस्तार की संभावना जताई गई है। सेवा क्षेत्र का जीएसवीए 2025-26 में 1,37,730 करोड़ रुपये और 2026-27 में 1,48,479 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है, जो क्रमशः 8.84 प्रतिशत और 7.81 प्रतिशत की वृद्धि का प्रतिनिधित्व करता है।
कृषि और संबद्ध गतिविधियों का 2025-26 में झारखंड के जीएसवीए में 12.3 प्रतिशत का योगदान रहा। इसमें पूर्ण कृषि जीएसवीए में 34 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो 28,470 करोड़ रुपये हो गई।
बजट और वित्तीय अनुशासन
झारखंड का बजट राज्य गठन के बाद से 20 गुना से अधिक बढ़ चुका है। 2001-02 में 6,067 करोड़ रुपये का बजट 2024-25 में 1,16,892 करोड़ रुपये तक पहुंचा, और 2025-26 के लिए यह 1,45,400 करोड़ रुपये का प्रस्तावित है। कुल व्यय पहली बार 2023-24 में 1 लाख करोड़ रुपये के पार गया।
राज्य ने वित्तीय अनुशासन का पालन करते हुए राजकोषीय घाटा अधिकांश वर्षों में जीएसडीपी के 3 प्रतिशत के भीतर रखा। बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी मजबूत हुआ; सितंबर 2025 तक 3,449 शाखाएं और 3,338 एटीएम कार्यरत हैं। जमा राशि मार्च 2014 से 220 प्रतिशत बढ़कर 3,79,735 करोड़ रुपये हो गई, जबकि अग्रिम 124 प्रतिशत बढ़कर 1,58,714 करोड़ रुपये हो गया।
