हिडमा से भी बड़ा था नक्सली रामधेर मज्जी! 12 साथियों के साथ हथियार डाल कर किया सरेंडर
रायपुर: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के मोर्चे पर सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। हिडमा के बाद बस्तर के सबसे कुख्यात नक्सली रामधेर मज्जी ने अपने 12 साथियों के साथ खैरागढ़ में सरेंडर कर दिया। सुरक्षाबलों के लिए यह आत्मसमर्पण नक्सली संगठन के लिए बड़ा झटका है।
रामधेर मज्जी कौन था?
उत्तर बस्तर डिवीजन में सक्रिय रामधेर मज्जी ने आदिवासी इलाकों से निकलकर माओवादियों का बड़ा नेता बन लिया था। इसके ऊपर लगभग एक करोड़ रुपए का इनाम था। वह एमएमसी जोन का कमांडर और कई बड़ी वारदातों का मास्टरमाइंड था। सुरक्षा के लिए उसके पास तीन लेयर की सुरक्षा होती थी और वह अक्सर AK-47 लेकर चलता था।
कैसे हुआ आत्मसमर्पण?
रामधेर मज्जी ने अपने 11 साथियों के साथ खैरागढ़ के कुम्ही गांव और बकरकट्टा थाना क्षेत्र में हथियार डालकर सरेंडर किया। उनके साथ डिविजनल कमेटी मेंबर रैंक के चंदू उसेंडी, ललिता, जानकी और प्रेम भी थे। इ...









