Sunday, January 11

Chhattisgarh

बेटे को मिली गुनाहों की सजा, बूढ़ी मां के हिस्से आए आंसू: माड़वी हिड़मा के गांव पुवर्थी का माहौल
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बेटे को मिली गुनाहों की सजा, बूढ़ी मां के हिस्से आए आंसू: माड़वी हिड़मा के गांव पुवर्थी का माहौल

रायपुर: सुकमा जिले के पुवर्थी गांव में गुरुवार को नक्सल कमांडर माड़वी हिड़मा और उनकी पत्नी राजक्का की लाशें पहुंचीं। 18 नवंबर को आंध्र प्रदेश के घने जंगलों में एनकाउंटर में मारे गए हिड़मा और राजक्का का शव गांव में गोंड रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पूरा गांव शोक में डूबा रहा और बूढ़ी मां की आंखों से बेटे की मौत के आंसू फूट पड़े। हिड़मा: नक्सल आंदोलन का नाम और खौफ माड़वी हिड़मा बस्तर और दंडकारण्य क्षेत्र का चर्चित नक्सल कमांडर था। 15 साल की उम्र में हथियार उठाकर उसने सेंट्रल कमेटी में जगह बनाई। झीरम, दंतेवाड़ा समेत 20 से अधिक हमलों में शामिल हिड़मा ने सैकड़ों लोगों की जान ली और सिर पर दो करोड़ रुपये का इनाम रखा गया था। माओवादी संगठन ने उसे आदिवासी युवाओं के लिए रोल मॉडल की तरह पेश किया। हिड़मा की कहानियों ने 2007 के बाद शांत हुए नक्सल आंदोलन को फिर से सक्रिय कर दिया। ...
पूर्व नक्सली बद्रन्ना का खुलासा: 15 की उम्र में हथियार थमाया था मादवी हिडमा को, सात दिन में ही मिल गई थी तरक्की
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पूर्व नक्सली बद्रन्ना का खुलासा: 15 की उम्र में हथियार थमाया था मादवी हिडमा को, सात दिन में ही मिल गई थी तरक्की

रायपुर। बस्तर का सबसे खौफनाक नक्सली कमांडर मादवी हिडमा अब इतिहास बन चुका है। हिडमा की मौत के बाद पूर्व नक्सली बद्रन्ना ने मीडिया को कई चौंकाने वाले खुलासे किए। बद्रन्ना ने बताया कि उन्होंने ही हिडमा को बाल सैनिक के रूप में नक्सली संगठन में भर्ती किया था और केवल सात दिन बाद वह प्लाटून में शामिल हो गया था। पहली बार हिडमा से मुलाकात बद्रन्ना ने याद किया कि 1990 के दशक के अंत में सुकमा के पूवर्ती गांव में वह माओवादी संगठन के लिए एक एरिया प्लाटून बनाने के डिप्टी कमांडर थे। उसी समय उन्होंने एक लंबे, दुबले-पतले आदिवासी लड़के को देखा—जो बाद में मादवी हिडमा बना।बद्रन्ना ने कहा, "मैंने ही उसे संगठन में शामिल किया और उसका पहला हथियार थमाया। वह शुरुआत में मेरे पास नहीं आया, मैं उसके पास गया।" बाल सैनिक से बटालियन कमांडर तक बद्रन्ना के अनुसार, हिडमा की उम्र लगभग 15-16 साल थी। उसके पास नेतृत...
बिलासपुर ट्रेन हादसा: इमरजेंसी ब्रेक लगाने के बावजूद ट्रेन नहीं रुकी, असिस्टेंट लोको पायलट रश्मि राज सस्पेंड
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बिलासपुर ट्रेन हादसा: इमरजेंसी ब्रेक लगाने के बावजूद ट्रेन नहीं रुकी, असिस्टेंट लोको पायलट रश्मि राज सस्पेंड

रायपुर/बिलासपुर: बिलासपुर के गेवरा-बिलासपुर मेमू ट्रेन हादसे में असिस्टेंट लोको पायलट रश्मि राज को रेलवे ने सस्पेंड कर दिया है। यह कदम प्रिंसिपल चीफ सेफ्टी ऑफिसर द्वारा उनका बयान दर्ज करने के बाद उठाया गया। रश्मि ने अपने बयान में कहा कि उन्होंने इमरजेंसी ब्रेक लगाया, लेकिन ट्रेन दूरी कम होने के कारण नहीं रुक सकी। हादसे का संक्षिप्त विवरण यह दुर्घटना 4 नवंबर को हुई थी, जब गेवरा रोड से बिलासपुर आ रही मेमू ट्रेन की ब्रेकयान से टकराने के कारण लालखदान के अप लाइन पर खड़ी मालगाड़ी में जोरदार टक्कर हुई। ट्रेन की गति 48 किलोमीटर प्रति घंटे थी। इस टक्कर में 12 यात्रियों की मौत हुई और लगभग 20 यात्री घायल हुए। लोको पायलट विद्यासागर भी इस हादसे में शहीद हुए, जबकि असिस्टेंट लोको पायलट रश्मि राज गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। जांच और सस्पेंशन रेलवे ने हादसे की जांच के लिए कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्ट...
सांवलिया सेठ के करोड़ों के चढ़ावे पर बड़ा फैसला, अब भक्तों की सुरक्षा में रहेगा ‘खजाना’
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सांवलिया सेठ के करोड़ों के चढ़ावे पर बड़ा फैसला, अब भक्तों की सुरक्षा में रहेगा ‘खजाना’

चित्तौड़गढ़: राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध सांवलियाजी मंदिर के चढ़ावे को लेकर सिविल कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला आया है। मंदिर भंडार से होने वाली करोड़ों की आय पर लंबे समय से विवाद था। अदालत ने साफ कर दिया है कि अब मंदिर का पैसा राजनीतिक या बाहरी योजनाओं में खर्च नहीं होगा और वह केवल भक्तों की भलाई के लिए इस्तेमाल होगा। विवाद की शुरुआत मामला 2018 से शुरू हुआ, जब मंदिर मंडल ने राज्य सरकार की बजट घोषणा के तहत मातृकुंडिया तीर्थस्थल विकास के लिए 18 करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव पारित किया। इसके विरोध में स्थानीय भक्तों – मदन जैन, कैलाश डाड, श्रवण तिवारी समेत अन्य ने जनहित याचिका दायर की। उनका आरोप था कि मंदिर निधि भक्तों की मूलभूत सुविधाओं पर खर्च होने के बजाय राजनीतिक और बाहरी योजनाओं में जा रही थी। कोर्ट का दो-टूक आदेश चित्तौड़गढ़ की मंडफिया सिविल कोर्ट ने स्पष्...
हिडमा की आखिरी चिट्ठी में छुपा था सरेंडर का प्लान, सुरक्षा बलों ने पहले ही किया सक्रिय कदम
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हिडमा की आखिरी चिट्ठी में छुपा था सरेंडर का प्लान, सुरक्षा बलों ने पहले ही किया सक्रिय कदम

रायपुर: लंबे समय से सुरक्षा बलों के लिए सिरदर्द बने नक्सली कमांडर मादवी हिडमा का एनकाउंटर आंध्र प्रदेश में किया गया। एनकाउंटर के बाद सामने आया कि हिडमा तेलंगाना में आत्मसमर्पण करने की योजना बना रहा था, लेकिन उसके साथी इस कदम का विरोध कर रहे थे। हिडमा ने पत्रकार को लिखा पत्र सूत्रों के अनुसार हिडमा ने एक बस्तर-आधारित पत्रकार को 10 नवंबर को टाइप किया हुआ पत्र लिखा था। इस पत्र में उसने सरकार से बातचीत करने और आत्मसमर्पण के लिए सुरक्षित स्थान तय करने की मदद मांगी थी। हिडमा ने लिखा था कि पूरी पार्टी अभी तैयार नहीं है और सुरक्षा गारंटी मिलने पर ही वे मिल सकते हैं। पत्र में हिडमा ने यह भी कहा कि 4-5 दिनों के भीतर हिंदी और तेलुगु में ऑडियो बयान जारी करेगा, जिससे सरकार और जनता के साथ संवाद स्थापित किया जा सके। आंध्र प्रदेश की ओर भागने का फैसला सूत्रों के अनुसार, 16 नवंबर को सुकमा में...
हिडमा के बाद देवजी भी ढेर, छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर दूसरे दिन भी ऑपरेशन जारी
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हिडमा के बाद देवजी भी ढेर, छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर दूसरे दिन भी ऑपरेशन जारी

रायपुर: छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश की सीमा पर सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच जारी मुठभेड़ में बड़ी सफलता मिली है। मंगलवार को सुरक्षाबलों ने खूंखार नक्सली कमांडर माड़वी हिड़मा को ढेर करने के बाद बुधवार को जारी अभियान में सात और नक्सलियों को मार गिराया गया। इसमें कुछ बड़े नक्सली नेता भी शामिल हैं, जिनमें मेटरू जोगा राव उर्फ टेक शंकर और देवजी के नाम सामने आए हैं। एडीजी इंटेलिजेंस महेश चंद्र लड्डा ने बताया कि मारे गए नक्सलियों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं। फील्ड से मिली जानकारी के अनुसार इस मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने 50 नक्सलियों को गिरफ्तार किया और मौके से 2 एके-47 राइफल सहित 8 हथियार बरामद किए गए। मारेडुमिल्ली के जंगलों में बुधवार सुबह साढ़े छह बजे से जारी इस एनकाउंटर में सुरक्षा बलों ने महत्वपूर्ण सफलता पाई। इस दौरान 4 पुरुष और 3 महिला नक्सलियों के शव बरामद किए गए। एडीजी महेश चंद्र ...
नक्सलवाद पर अंतिम प्रहार: हिडमा के बाद अब देवजी की बारी, संगठन में सिर्फ छह बड़े चेहरे बचे
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नक्सलवाद पर अंतिम प्रहार: हिडमा के बाद अब देवजी की बारी, संगठन में सिर्फ छह बड़े चेहरे बचे

नक्सलवाद की कमर लगभग टूट चुकी है। बस्तर से लेकर सीमावर्ती राज्यों तक सुरक्षा बलों के लगातार अभियानों ने माओवादी संगठन को हिला कर रख दिया है। शीर्ष नेतृत्व के एक-एक चेहरों को जवानों ने निशाना बनाया है। मादवी हिडमा के खात्मे के बाद अब संगठन की टॉप लेवल लीडरशिप में सिर्फ छह बड़े नक्सली बचे हैं। इनमें से सबसे बड़ा नाम देवजी का है, जो इस समय सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर नंबर-1 टारगेट है। छह बड़े नक्सली लीडर ही बचे सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव और ऑपरेशंस के कारण अब शीर्ष नेतृत्व में केवल छह प्रमुख नक्सली कार्यकर्ता बचे हैं— देवजी गणपति संग्राम उदय गणेश उइके अनल दा इनमें से कई अलग-अलग राज्यों में छिपने पर मजबूर हैं। निरंतर दबाव की वजह से उनके संगठनात्मक ढांचे में भारी गिरावट आई है। देवजी: सुरक्षाबलों का अगला बड़ा टारगेट हिडमा के बाद सबसे खतरनाक ...
‘मर जाऊंगा लेकिन सरेंडर नहीं करूंगा’ — 40 मिनट की मुठभेड़ में ढेर हुआ छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा नक्सली हिडमा चार घंटे बाद हुई पहचान, सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता
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‘मर जाऊंगा लेकिन सरेंडर नहीं करूंगा’ — 40 मिनट की मुठभेड़ में ढेर हुआ छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा नक्सली हिडमा चार घंटे बाद हुई पहचान, सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता

रायपुर।छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के सबसे कुख्यात चेहरे और 1 करोड़ से अधिक इनामी माओवादी मादवी हिडमा को सुरक्षाबलों ने आंध्र प्रदेश में मुठभेड़ के दौरान ढेर कर दिया। संगठन में सबसे खतरनाक माने जाने वाले हिडमा पर 26 बड़े हमलों में शामिल होने का आरोप था। वह अक्सर कहा करता था— "मैं मर जाऊंगा लेकिन सरेंडर नहीं करूंगा।" आखिरकार 40 मिनट की जबरदस्त गोलीबारी में उसका सफर खत्म हो गया। उसकी पत्नी राजे भी इस ऑपरेशन में मारी गई। दो दिन पहले मिला था इनपुट सूत्रों के अनुसार, सुरक्षाबलों को हिडमा की मौजूदगी का पता दो दिन पहले ही चल गया था। लंबे समय से बीमार चल रहे हिडमा ने छत्तीसगढ़ छोड़कर आंध्र प्रदेश में गुप्त रूप से शरण ले रखी थी। वह इलाज की तैयारी में था और उसके साथ सिर्फ कुछ भरोसेमंद लोग और उसकी पत्नी मौजूद थीं।आंध्र प्रदेश का एक व्यक्ति, जो हिडमा की मदद कर रहा था, उसी ने सूचना सुरक्षाबलों तक पहुं...
**छत्तीसगढ़ में पहली बार ISIS लिंक का खुलासा
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**छत्तीसगढ़ में पहली बार ISIS लिंक का खुलासा

रायपुर में ATS ने दो नाबालिगों को पकड़ा, इंस्टाग्राम पर रची जा रही थी साजिश** रायपुर: छत्तीसगढ़ की सुरक्षा एजेंसियों ने पहली बार राज्य में ISIS की ऑनलाइन सक्रियता का बड़ा खुलासा किया है। आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने रायपुर से दो नाबालिग लड़कों को हिरासत में लिया है, जो कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित ISIS मॉड्यूल के निर्देशों पर फर्जी सोशल मीडिया आईडी के माध्यम से काम कर रहे थे। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि यह कार्रवाई गहन साइबर जांच के बाद की गई है, और दोनों किशोर लंबे समय से चरमपंथी सामग्री से प्रभावित होकर इंस्टाग्राम पर अन्य युवाओं को भी प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे। फर्जी आईडी से चल रहा था ISIS का नेटवर्क ATS की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों नाबालिगों को पाकिस्तान से संचालित एक आईएसआईएस मॉड्यूल द्वारा इंस्टाग्राम ग्रुप चैट में जोड़ा ग...
चोरी की बाइक बेचकर रईसी दिखाने वाला गिरोह पकड़ा, 6 गर्लफ्रेंड बनाने वाला मास्टरमाइंड 10 साल बाद पुलिस के हाथ आया
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चोरी की बाइक बेचकर रईसी दिखाने वाला गिरोह पकड़ा, 6 गर्लफ्रेंड बनाने वाला मास्टरमाइंड 10 साल बाद पुलिस के हाथ आया

कोरबा/रायपुर: कोरबा जिले में चोरी की बाइक बेचकर खुद को अमीर बताकर लड़कियों को फंसाने वाला गिरोह पुलिस ने धर दबोचा। मास्टरमाइंड जयसिंह पटेल (27) को गिरफ्तार किया गया है। उसके साथ 5 अन्य साथी और 3 बाइक खरीदार भी पकड़े गए हैं। आरोपियों के पास से कुल 14 चोरी की मोटरसाइकिलें जब्त की गई हैं। 10 साल से गायब था मास्टरमाइंड जयसिंह पटेल कोहड़िया का रहने वाला है और पिछले 10 सालों से अपने घर से लापता था। परिवार वाले उसे मृत मान चुके थे। पुलिस ने खदान के पास जंगल में झोपड़ी में रहने वाले जयसिंह पर शक के आधार पर पूछताछ की, जिसमें उसने गिरोह का खुलासा किया। दो साथियों के साथ मिलकर किया था गिरोह का निर्माण जांच में पता चला कि जयसिंह ने दो सहयोगियों के साथ मिलकर यह गिरोह बनाया था। ये लोग अलग-अलग इलाकों में बाइक चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। चोरी के बाद बाइक को विभिन्न खरीदारों को बेच दिया ...