Thursday, June 4

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गजब हो गया! कोरबा में रातों-रात गायब हो गया लोहे का पुल, सुबह उठे लोग तो रह गए हक्के-बक्के 40 साल पुरानी सार्वजनिक संपत्ति चोरी, कबाड़ी गिरोह पर शक, पांच गिरफ्तार

रायपुर/कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां हसदेव नहर पर बना करीब 40 साल पुराना लोहे का पुल चोर रातों-रात उखाड़ ले गए। 16 जनवरी की रात करीब 11 बजे तक जिस पुल से लोग आवाजाही कर रहे थे, 17 जनवरी की सुबह वहां सिर्फ खाली जगह और कटे हुए लोहे के निशान मिले। यह नजारा देखकर स्थानीय लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई।

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जानकारी के अनुसार, यह पुल वर्षों से आसपास के गांवों को जोड़ने का महत्वपूर्ण साधन था। सुबह जब ग्रामीण वहां पहुंचे तो पुल पूरी तरह गायब था। मौके पर गैस कटर से काटे गए लोहे के अवशेष मिले, जिससे साफ है कि चोरी योजनाबद्ध तरीके से और जल्दबाजी में की गई।

घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय पार्षद लक्ष्मण श्रीवास ने कलेक्टर कुणाल दुदावत और पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी को शिकायत सौंपी। इसके बाद CSEB पुलिस चौकी में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

कबाड़ी गिरोह का हाथ, मुख्य आरोपी फरार
पुलिस के अनुसार, इस सनसनीखेज चोरी के पीछे एक संगठित कबाड़ी गिरोह का हाथ है। मुख्य आरोपी की पहचान मुकेश साहू उर्फ ‘बरबट्टी’ के रूप में हुई है, जो फिलहाल फरार है। प्रशासन उसके खिलाफ पाबंदी का नोटिस जारी करने की तैयारी में है। पुलिस ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और चोरी की धाराओं में मामला दर्ज किया है।

पहले भी हो चुकी है ऐसी वारदात
यह घटना अप्रैल 2022 में बिहार के रोहतास जिले में हुई उस वारदात की याद दिलाती है, जब चोरों ने 40 साल पुराना करीब 500 टन वजनी स्टील पुल ही चोरी कर लिया था। कोरबा का पुल भले ही हल्का और करीब पांच फीट चौड़ा था, लेकिन इसका महत्व स्थानीय लोगों के लिए बेहद ज्यादा था।

घटना के बाद पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया है। संदिग्ध कबाड़ी अड्डों पर छापेमारी तेज कर दी गई है और चोरी गए लोहे की तलाश की जा रही है। यह मामला न सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि सार्वजनिक संपत्तियों की निगरानी को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करता है।

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