झारखंड में SIR को लेकर सियासी संग्राम: वोटर लिस्ट पर हड़कंप
रांची: झारखंड में एसआईआर (मतदाता पुनरीक्षण) को लेकर सियासी तापमान बढ़ गया है। विधानसभा और सरकारी कार्यालयों में प्रक्रिया को लेकर हलचल बढ़ गई है, और नेताओं व अफसरों ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। विपक्ष और सत्ताधारी दलों के बीच इस मुद्दे पर तीखी बहस हो रही है।
मरांडी का बयान: वोटर लिस्ट का शुद्धिकरण है उद्देश्य
विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि एसआईआर देश में हर 10 साल में होता रहा है और झारखंड में भी इसे सफलतापूर्वक लागू किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य केवल मतदाता सूची का शुद्धिकरण है।
जिनकी मृत्यु हो चुकी है, उनके नाम हटेंगे।
जो लोग राज्य से बाहर चले गए हैं, उनका नाम कटेगा।
जो अवैध तरीके से मतदाता बने हैं, उनका नाम हटेगा।
मरांडी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी का विरोध इस बात के लिए है कि बांग्लादेशी घुसप...










